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सोशल मीडिया पर पुलिस के खिलाफ वीडियो वायरल करने वाली महिला सिपाही गिरफ्तार, तीन मामलों का भी पुलिस ने किया खुलासा

 

मधेपुरा। पुलिस के खिलाफ सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करना एक महिला सिपाही को भारी पड़ गया। मधेपुरा पुलिस ने किशनगंज जिला बल में पदस्थापित महिला सिपाही रिंकू कुमारी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, महिला सिपाही पर मधेपुरा पुलिस के विरुद्ध झूठे एवं भ्रामक आरोप लगाकर वीडियो वायरल करने तथा लोगों को पुलिस के खिलाफ भड़काने के लिए प्रेरित करने का आरोप है।

मधेपुरा पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, महिला सिपाही को 18 अगस्त 2026 को पटना जिला अंतर्गत एक स्थान से गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि वह पुलिस के विरुद्ध वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में वांछित थी।

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की नजर में आईं

पुलिस के मुताबिक, रिंकू कुमारी ने मधेपुरा पुलिस के विरुद्ध झूठे एवं गंभीर आरोप लगाते हुए वीडियो तैयार किया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया। पुलिस का आरोप है कि वीडियो के माध्यम से पुलिस की छवि खराब करने तथा लोगों को पुलिस के खिलाफ भड़काने का प्रयास किया गया।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने महिला सिपाही की पहचान की और उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू की।

35 वर्षीय महिला सिपाही, पटना में भी जुड़ा है ठिकाना

पुलिस की गिरफ्तारी सूची के अनुसार रिंकू कुमारी की उम्र करीब 35 वर्ष है। उनके पिता का नाम अनिल कुमार झा और पति का नाम कन्हैया कुमार बताया गया है। पुलिस रिकॉर्ड में उनका संबंध मधेपुरा जिले से बताया गया है, जबकि उनका एक पता पटना के कंकड़बाग क्षेत्र की बिहार कॉलोनी रोड का भी दर्ज है।

एक नहीं, तीन मामलों का पुलिस ने किया खुलासा

गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने रिंकू कुमारी का आपराधिक इतिहास भी जारी किया है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार उनके विरुद्ध निम्न मामले दर्ज हैं—

1. मधेपुरा थाना कांड संख्या 862/25
दिनांक 22 अगस्त 2025 को दर्ज इस मामले में BNS की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

2. मधेपुरा थाना कांड संख्या 808/26
दिनांक 4 अगस्त 2026 को दर्ज इस मामले में BNS की धारा 115(2), 126(2), 109 एवं 351(2) के तहत कार्रवाई का उल्लेख है।

3. मधेपुरा थाना कांड संख्या 37/26
दिनांक 17 अगस्त 2026 के इस मामले में BNS की धारा 132, 308(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(c) के तहत प्राथमिकी दर्ज होने की बात प्रेस विज्ञप्ति में कही गई है।

यानी सोशल मीडिया वीडियो वाले मामले में कार्रवाई से पहले भी महिला सिपाही के खिलाफ दो अन्य मामलों का पुलिस रिकॉर्ड मौजूद होने की बात पुलिस ने अपने प्रेस नोट में कही है।

महिला सिपाही को पकड़ने के लिए बनाई गई विशेष टीम

पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी टीम का गठन किया था। प्रेस विज्ञप्ति में सदर थाना मधेपुरा तथा तकनीकी शाखा की टीम के पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।

पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए महिला सिपाही को गिरफ्तार कर लिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की।

पुलिस का दावा—आरोपों की जांच के बाद हुई कार्रवाई

मधेपुरा पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल किए गए वीडियो में पुलिस एवं पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच की गई। पुलिस ने आरोपों को झूठा एवं भ्रामक बताया है और इसी आधार पर महिला सिपाही के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की गई।

मामला अब न्यायिक प्रक्रिया में है। इसलिए महिला सिपाही पर लगाए गए आरोपों का अंतिम सत्य न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही निर्धारित होगा। मधेपुरा पुलिस ने अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अभियान जारी रखने की बात कही है।




नोट: गिरफ्तारी और आरोपों से संबंधित उपरोक्त विवरण मधेपुरा पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र न्यायिक पुष्टि अभी बाकी है।

नवादा में पीएम मोदी की रैली, कहा - बिहार ने दशकों तक परिवारवाद का दंश झेला है

  • इस पर PK ने मोदी पर किया प्रहार, कहा- मोदी जी को बिहार की जनता को बताना चाहिए कि उनके अध्यक्ष सम्राट चौधरी परिवारवाद की उपज हैं या नहीं?

पटना : जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने राजनीति में परिवारवाद पर तंज करते हुए कहा कि मोदी जी को परिवारवाद पर बोलना चाहिए। देश भर में हमने देखा कि अगर आपके पिता जी विधायक-मंत्री नहीं हैं, तो आपके लिए चुनावी राजनीति में आना बहुत कठिन है। जिसमें बीते 30 वर्षों में पता चला कि 1250 परिवार के लोग ही विधायक-सांसद बने हैं। परिवारवाद को लेकर हमें लगता है कि एक लालू जी का परिवार है, एक राम विलास पासवान जी का परिवार है, ऐसी बात नहीं है। हर प्रखंड में दो-चार परिवार ऐसे हैं जिनता राजनीति पर कब्जा है। दल कोई रहे, नेता कोई रहे, जनता सोचती है कि कांग्रेस को उखाड़ दिए लालू जी को ले आए, लालू जी को उखाड़ दिए नीतीश जी को ले आए, नीतीश जी को उखाड़ दिए भाजपा को ले आए। अभी उदाहरण बताएंगे जिसमें आप किसी दल को ले आइए नेता वही रहेगा, उसी परिवार का रहेगा।



 आगे प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार की आबादी है 13.5 करोड़। यहां 3.5 करोड़ परिवार के लोग रहते हैं। लेकिन, विधायक-सांसद 1250 परिवार के लोग ही बनते हैं। आरजेडी और क्षेत्रीय दलों के बारे में सब जानते हैं कि वो परिवारवाद की पार्टी है। लेकिन, भाजपा को लेकर लोगों को लगता है कि ये परिवारवाद की पार्टी नहीं है। भाजपा से जो उप मुख्यमंत्री हैं सम्राट चौधरी ये शकुनी चौधरी के बेटे हैं। जब बिहार में कांग्रेस का दौर था उसमें शकुनी चौधरी विधायक-मंत्री थे, लालू जी के दौर में भी, नीतीश जी के दौर में भी, मांझी जी जब मुख्यमंत्री बने तो उसमें भी विधायक-मंत्री शकुनी चौधरी थे और आज जब भाजपा का दम हुआ है, तो उन्हें भी साधारण परिवार का राजनीतिक कार्यकर्ता, कुशवाहा समाज का नेता नहीं मिला उन्हें भी शकुनी चौधरी का लड़का ही मिला।

शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य कराना शिक्षा अधिकार कानून का उल्लंघन, बीएलओ कार्य की वजह से पठन-पाठन हो रहा प्रभावित: पंकज सिंह

  • बीएलओ कार्य से मुक्ति के लिए 174 शिक्षकों ने सामूहिक रुप से सौंपा आवेदन
  • गैर शैक्षणिक कार्यों के खिलाफ शिक्षकों के सत्याग्रह आन्दोलन को संघ का मिला समर्थन 

सुपौल एक तरफ शिक्षा में सुधार को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा नित्य नए फरमान जारी कर रही है,तो दूसरे तरफ कभी जाति गणना,तो कभी पशु गणना,कभी बोरा बेचना आदि कार्यों के अतिरिक्त बी एल ओ कार्य की वजह से शिक्षक मानसिक प्रताड़ना के दौर से गुजरने के लिए विवश है।जबकि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक द्वारा गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति का आदेश पूर्व में ही निर्गत किया जा चुका है। बावजूद शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य लेने की वजह से पठ्न-पाठ्न प्रभावित हो रहा है।

गैर शैक्षणिक कार्यों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करते शिक्षक

शिक्षकों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि 09 से 04 विद्यालय और 04 से 06 भी. सी. और उसके बाद बी एल ओ कार्य को अंजाम देना कितना पीड़ादायक है,नही बता सकते है। शिक्षकों ने बताया कि बेवजह चार बजे के बाद भी. सी. में आने के लिए विवश किया जाता है,जबकि निरीक्षण टीम प्रतिदिन वही रिपोर्ट ले ही रही है,जो भी. सी.  में पूछा जाता है। इसी से आहत होकर सुपौल प्रखण्ड के 174 शिक्षकों ने  बी एल ओ कार्य से मुक्त करने हेतू प्रखण्ड विकास पदाधिकारी सुपौल को आवेदन समर्पित करते हुए बताया है कि अगर हम सभी शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त नही किया जाता है,तो अगले चरण में बी एल ओ कार्य से सामुहिक सामूहिक इस्तीफा देते हुए कार्य बहिष्कार कर सत्याग्रह शुरू किया जाएगा। वैसे भी शिक्षकों का नियुक्ति पढ़ाने के लिए हुआ है न कि बी एल ओ कार्य करने के लिए। वही शिक्षक संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सह सुपौल जिलाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह ने  सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा निर्गत पत्र का हवाला देते हुए कहा कि सरकार द्वारा  कर्मियों के लिए कार्य का अवधि जहाँ पूर्व से निर्धारित है,वही माननीय उच्च न्यायालय पटना के न्यायादेश के आलोक में  शिक्षा विभाग ने भी शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य नही लेने का पत्र पूर्व में ही निर्गत किया है। उन्होंने बताया कि गैर शैक्षणिक कार्य की वजह से छात्रों का पठ्न-पाठ्न प्रभावित होने से इनकार नही किया जा सकता है। बताया कि शिक्षा अधिकार  कानून में भी गैर शैक्षणिक कार्यों को पुरी तरह प्रतिबंधित किया है। मसलन शिक्षा व शिक्षक हित में सभी शिक्षकों को बी एल ओ कार्य से मुक्त कर देना चाहिए। बताया कि बी एल ओ कार्य से मुक्ति के लिए शिक्षकों के सत्याग्रह आन्दोलन का संघ हर तरह से समर्थन करते हुए जिलाधिकारी से शिक्षकों को बी एल ओ कार्य से मुक्त करने का मांग करती है।

बी एल ओ कार्य से मुक्ति हेतू बिजेन्द्र राम, मुमताज आलम ,जयप्रकाश बिजय पासवान,शंभु राम,राजकुमार पासी,वैद्यनाथ मंडल,विक्रम शर्मा,अशोक पासवान,आनंद कुमार सिंह,संतोष मंडल,राजकुमार मंडल,विनोद कुमार,अरुण शर्मा शहनवाज हुसैन,चन्द्रकांत सिंह,छोटेलाल शर्मा,प्रेम कुमार कामैत,अजित राय,सत्येन्द्र कुमार गयानंद कुमार,पंकज विश्वास,रवि राज,मो अयूब आदि बी एल ओ ने प्रखण्ड विकास पदाधिकारी सुपौल को इस्तीफा सौंपा है।



आंगन से लेकर बाथरूम तक बिछाई गई पेवर ब्लाक ईंट, ढक्कन के अभाव में सोख्ता को मिट्टी से भरा

  • छातापुर प्रखंड के उधमपुर पंचायत का मामला, वार्ड सदस्यों के आवेदन पर योजनाओं की हुई जांच 

    
    सुपौल। छातापुर प्रखंड के उधमपुर पंचायत में क्रियान्वित विकास की योजनाओं में गड़बड़ी आमजनों के साथ छलावा है। सार्वजनिक मद की राशि को योजना क्रियान्वयन के नाम पर ऐसी जगह खपाया गया जो सीधे तौर पर व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने की गवाही दे रहा है। एक वार्ड सदस्य ने तो यहां तक बताया कि मात्र दो घरों को सड़क का लाभ पहुंचाने के लिए पीसीसी ढलाई के नाम पर लाखों की राशि खर्च की गई है। 
मामला सच है या झूठ इसका खुलासा तो जांच रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगा। लेकिन बुधवार को पहुंची गठित जांच टीम के मुआयना के दौरान जिस तरह की तस्वीरें सामने आई है सिस्टम को कटघरे में ला रहा है। योजना स्थलों की तस्वीरें बता रही है कि जिस योजना राशि को सार्वजनिक हित पर खर्च किया जाना था, उसे कई स्थानों पर व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने के निमित्त व्यय किया गया। 
        हैरत इस बात की भी कि हालिया निष्पादित योजना स्थलों में से कई स्थानों पर सूचनापट्ट का भी अता पता नहीं था। अब जबकि पंचायत के उपमुखिया सहित नौ वार्ड सदस्यों के हस्ताक्षरित आवेदन बीपीआरओ को सौंपे गए तो संबंधितों के हाथ पांव फूल रहे हैं। हालांकि बुधवार को हुए जांच के दौरान अपनाई गई गतिविधि को लेकर भी आवेदन कर्ताओं को ऐतराज है। बताया जा रहा है कि गुरुवार को भी जांच टीम के सदस्य पंचायत के दौरे पर थे। लेकिन गुरुवार को पहुंचे टीम के सदस्यों की भनक आवेदनकर्ताओं को नहीं लगी। सूत्र बताते हैं कि वार्ड सदस्यों द्वारा योजनाओं में अनियमितता को लेकर आवेदन दिए जाने के बाद से ही सिस्टम सेट करने की जुगत में संबंधित एड़ी चोटी के जोर आजमाइश पर हैं। अब बात कहां तक बनी यह तो अंदरखाने की बात है। लेकिन जब जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी तो बाद की कार्रवाई खुद ब खुद लग रहे कयासों का राज खोल देगा। 

           
    बानगी देखिए, वार्ड नंबर 12 में चंद माह पूर्व बने नाले का ढक्कन टूट गया। वार्ड नंबर सात में इस्लाम साफी के आंगन में पेवर ब्लाक ईंट बिछा दी गई। वार्ड नंबर पांच के सुरेंद्र मंडल के आंगन में पेवर ब्लाक सड़क बनीं। वहीं ब्राह्मण टोला के दो घरों को जोड़ने के लिए लाखों की राशि से पीसीसी सड़क का निर्माण हुआ। एक व्यक्ति तो ऐसे मिले जिनके आंगन में सोख्ता तो बना लेकिन ढक्कन नहीं डाले जाने के कारण मवेशी के गिरने पर उन्होंने सोख्ता में मिट्टी ही भर दिया। बात यहीं थम जाती तो और बात थी यहां तो आजाद साफी के घर के पीछे बने उनके बाथरूम तक पेवर ईंट बिछा दी गई है। 
        आवेदन के अनुसार इस कारनामे के लिए आवेदकों ने मुखिया, पंचायत सचिव सहित तकनीकी सहायक को जिम्मेदार ठहराया। लेकिन बुधवार को जांच के दौरान इनकी मौजूदगी जांच की निष्पक्षता पर छाप छोड़ गई। हालांकि बुधवार को जांच टीम में शामिल सदस्यों ने योजनाओं की लंबाई चौड़ाई तो मापी, लेकिन अब इनमें 'ईमान' की मापी क्या है इसका खुलासा रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद ही हो पाएगा।

ललितग्राम/सुपौल- विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर रात भर परोसी गई अश्लीलता, किसी ने रोका तक नहीं

  • ललितग्राम ओपी क्षेत्र के लक्ष्मीनिया पंचायत स्थित वार्ड नंबर 14 में अश्लील गीतों पर बार बालाओं ने किया डांस

सुपौल। वर्तमान परिदृश्य में चंद युवा संस्कृति और संस्कार की धज्जियां उड़ानें से भी गुरेज नहीं कर रहे। बीते 24 घंटे से जिले भर में भगवान विश्वकर्मा पूजनोत्सव की धूम रही है। जिले के विभिन्न प्रखंडों में पूजा पांडाल सजा अमर शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना की गई। कहीं रविवार को विश्वकर्मा पूजनोत्सव मनाया गया तो कहीं सोमवार को पूजा पांडालों में भक्तों का तांता लगा रहा। 

आयोजन को लेकर पांडालों में बड़े-बड़े साउंड सिस्टम लगाकर भगवत भजनों का शोर रहा तो कहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लोगों ने आनंद लिया। ऐसे में ललितग्राम ओपी क्षेत्र के लक्ष्मीनिया पंचायत स्थित टेंगरी गांव में रविवार की रात विश्वकर्मा पूजा के अवसर का नाम लेकर पहले तो जागरण के आयोजन की बात रही। लेकिन जैसे ही कार्यक्रम की शुरुआत हुई तो आर्केस्ट्रा के नाम पर बार बालाओं का अश्लील गीतों पर डांस शुरु हो गया। इस दौरान सभ्य समाज के चंद नामचीन लोगों की मौजूदगी भी रही। असभ्य युवा आपस में भिड़े भी और अश्लील गाने पर थिरके भी। इस बीच कोई उन्हें रोकने टोकने वाला न था और यह सब हो रहा था विश्वकर्मा पूजनोत्सव के नाम पर। 


पास ही बजरंगबली की प्रतिमा मंदिर में विराजित थी, लेकिन ऐसा करने वालों की फिर भी आस्था नहीं ‌जागी और रात भर अश्लीलता का पैमाना छलकता रहा। पंचायत के वार्ड नंबर 14 में सिंह टोला के समीप स्टेज सजा था और इसी स्टेज के पास आधी रात के बाद तक युवाओं की धमाचौकड़ी मचती रही। पांच सौ गज की दूरी पर ओपी पुलिस की मौजूदगी रही और ऐसा नहीं है कि उनकी गश्ती गाड़ी कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंची होगी! नियमानुसार इस प्रकार के आयोजन से पूर्व प्रशासनिक इजाजत की भी दरकार होती है जिसे अनिवार्यता में शामिल किया गया है। बावजूद किसी ने रोका नहीं। 


गौर करनेवाली बात है कि यदि आयोजनकर्ताओं ने प्रशासनिक आदेश लिया भी होगा तो इस प्रकार के अभद्र कार्यक्रम की परमिशन तो कतिपय नहीं मिली होगी, तो फिर रात भर किस बिना पर अश्लीलता परोसी गई! सुबह जागते ही चंद स्थानीय लोगों ने साक्ष्य प्रस्तुत कर पूछा कि यह कैसी भक्ति थी और ये कैसे भक्त थे जो अश्लील मनोरंजन में ईश्वर की तलाश कर रहे थे। कुछ ने तो हकीकत स्वीकारा और हुए विवाद को शांत कराने हेतु स्थल पर खुद की उपस्थिति होने की बात कही। कार्यक्रम स्थल पर जब अश्लीलता का नृत्य परोसा जा रहा था तो भीड़ में किशोर से लेकर बालकों की भी मौजूदगी बताई गई। यदि ऐसा था तो सभ्य समाज की यह गंभीर तस्वीर है, आखिरकार हम अपनी अगली पीढ़ी को किस ओर ले जाने की हिमाकत कर रहे हैं! अपने किशोर व बालकों में कैसी संस्कृति और कैसा संस्कार भर रहे हैं, सोचिएगा जरूर।


निर्मली/सुपौल - भवन और बेंच डेस्क की बाट जोह रहा है सरकारी विद्यालय: विक्रांत कुमार

निर्मली (सुपौल)। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक द्वारा शिक्षा व्यवस्था में लगातार किये जा रहे प्रयास पर छात्र नेता विक्रांत कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि हाल में शिक्षा विभाग खूब चर्चा में आया हुआ है, क्योंकि जब से के के पाठक बिहार के नए अपर मुख्य सचिव बनाए गए हैं, लगातार बिहार के तमाम विद्यालय का दौरा कर रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था को सुधारने का प्रयास कर रहे हैं। बच्चों एव शिक्षक की उपस्थिति पर उनका पूरा ज़ोर है। लेकिन अभी भी बिहार के कई स्कूल संसाधान का अभाव झेल रहा है। अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूल पेड़ के नीचे या खेत में बने फूस के टूटे हुए घर मे संचालित होता है। भवन के अभाव में बच्चों को बेहतर शिक्षा कैसे मिल सकती है।
छात्र नेता विक्रांत कुमार 

छात्र नेता विक्रांत ने कहा कि बारिश एव ठंड के मौसम में उन स्कूलो में काफी परेशानियो का सामना करना पड़ता है। विभिन्न विद्यालयो में बेंच डेस्क की सुविधाएं तक उपलब्ध नही है। बच्चों को जमीन पर बैठ कर पढ़ना पड़ता है। ऐसे में बिहार की शिक्षा व्यवस्था मे सुधार संभव नही है। केवल हाजरी पर जोर देने से शिक्षा व्यवस्था में सुधार होने वाला नहीं है।
छात्र नेता विक्रांत ने बच्चों के लिए स्कूल भवन बने बेंच डेस्क की सुविधाएं हो, स्कूल संसाधन से लैस हो तभी सरकारी शिक्षा व्यवस्था दुरस्त हो सकता है। सरकारी स्कूल की व्यवस्था को हाईटेक बनाया जाए ताकि दिल्ली एव गुजरात जैसे बड़े शहरो के सरकारी स्कूलो की तरह अपना बिहार का सरकारी स्कूल एव शिक्षा विभाग दुरुस्त हो सके।

निर्मली/सुपौल - नगर में जल्द शुरू नहीं हुई सफाई तो करेंगे आंदोलन: विक्रांत कुमार

निर्नली (सुपौल) । नगर पंचायत निर्मली में पिछले दो दिनों से साफ सफाई अभियान ठप है, नगर के विभिन्न चौक चौराहे एव सडक मार्ग पर कचरे का अंबार लगा हुआ है, जिसे लेकर नगर पंचायत निर्मली प्रशासन को छात्र नेता विक्रांत कुमार ने आंदोलन करने की चेतवानी दी हैं।

 विक्रांत ने कहा कि नगर पंचायत निर्मली में जल्द से जल्द सफाई अभियान एव डोर टू डोर कचरा उठाने का काम शुरू नही हुआ तो नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया जायेगा। निर्मली नगर पंचायत के मेन रोड, हटिया चौक रोड, दस लाख चौक, सुभाष चौक रोड, भगत सिंह चौक रोड आदि विभिन्न चौक चौराहे पर झाड़ू तक नही लागया जा रहा है। वही वार्ड नम्बर 12 में डोर टू डोर कचरा उठाने का काम भी बंद है। पिछले 1 साल से बार बार हड़ताल के कारण ऐसी समस्या उत्पन्न हो रही है।