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लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन से कांग्रेसी नेताओं में हर्ष, जीते हुए सांसद को दी बधाई


  • राहुल गांधी के भारत जोड़ो न्याय यात्रा का असर पूरे देश में दिखा,जाकिर अनवर


अररिया। लोकसभा चुनाव में पूरे देश में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के बेहतर प्रदर्शन को लेकर कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता में खुशी की लहर है। लोकसभा चुनाव के नतीजे ने ये तय कर दिया कि अब इस देश से मोदी जी की विदाई तय है। जिसकी उल्टी गिनती शुरू हो गई है। देश की जनता और महागठबंधन की एकजुटता ने ये साबित कर दिया की देश में बहुत दिनों तक हिटलर शाही और अहंकार की सरकार नहीं चल सकती, झूठ और अफवाह के बल पर लंबी राजनीति नहीं की जा सकती है। 
 
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पूर्व विधायक जाकिर अनवर ने कहा की लोगों ने लोकतंत्र, संविधान और देश के मान सम्मान की रक्षा के लिए कांग्रेस पर भरोसा किया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के भारत जोड़ो न्याय यात्रा से देश में नफरत के खिलाफ मोहब्बत का माहौल का जो पैगाम दिया उसका असर देखने को मिला। जाकिर अनवर ने कहा आज जो रिजल्ट सामने आया है वो मंहगाई ,बेरोजगारी और लोकतंत्र की रक्षा को लेकर देश में एक माहौल बना हुआ था जो वोट में परिवर्तित हुआ। बिहार में तीन सीट पर कांग्रेस की जीत से कांग्रेसी नेता में उत्साह चरम पर है। कटिहार से तारिक अनवर, किशनगंज से डॉक्टर जावेद और सासाराम से मदन राम की जीत पर तीनों सांसद को बधाई दी है।


 बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश महासचिव अफसाना हसन ने कहा कि नफरत के खिलाफ मोहब्बत की जीत हुई है। बधाई देने वालों में भोला शंकर तिवारी, अनवर राज, रघुनाथ शर्मा, शशि भूषण झा, अवेश यासीन, चंगेज अंसारी, तनवीर आलम, इश्तियाक आलम, गालिब चुन्ना, रमा साह, आसिफ हुसैन, अरशद आलम, राजा आदि ने सभी जीते हुए सांसद को बधाई दी है। साथ ही जिलाध्यक्ष पूर्व विधायक जाकिर अनवर और कांग्रेस की महिला नेत्री अफसाना हसन ने पूर्णिया से जीते सांसद पप्पू यादव को भी बधाई दी है। पूरे देश में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन के लिए राहुल गांधी के सफल मार्गदर्शन के लिए सभी कांग्रेसी नेता ने बधाई दी है।



लालू ने कहा- मुसलमानों को आरक्षण मिलना चाहिए : प्रशांत किशोर

बोले- मुसलमान 32 साल से लालटेन को वोट दे रहे हैं, समय आ गया है जब मुसलमानों को लालू से पूछना चाहिए कि मुसलमान को आजतक उप-मुख्यमंत्री क्यों नहीं बनाया या कोई बड़ा मंत्रालय क्यों नहीं दिया ?

पटना : जन सुराज पदयात्रा के दौरान पत्रकार वार्ता में एक सवाल का जवाब देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जब तक आप समाज में सुधार नहीं लाएंगे, आपके बच्चे गुजरात और तमिलनाडु में जाकर मजदूरी ही करेंगे, फिर यहां के लोगो का भला कैसे होगा। मैं बिहार में 18 महीने से पैदल चल रहा हूं, 5 हजार से ज्यादा गांव में जाने के बाद मैं रोज मंच से कहता हूं कि दलितों के बाद सबसे ज्यादा गरीब, बदहाल, फटेहाल अगर बिहार में कोई है तो वो मुसलमान है। लेकिन 32 साल से मुसलमानों ने लालटेन का साथ नहीं छोड़ा है। 30-32 सालों में मुसलमानों ने RJD से कभी नहीं पूछा कि आपके नेता सड़क और ग्रामीण कार्य मंत्री रहे फिर हमारे गांव में सड़क, नाली और गली क्यों नहीं बना है? आप स्वास्थ्य मंत्री थे फिर बच्चों के लिए अस्पताल और दबाई क्यों नहीं है? आप शिक्षा मंत्री थे फिर हमारे बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था क्यों नहीं है? मुसलमान इन सारी परेशानियों के बावजूद लालटेन को वोट देता है।



नीतीश कुमार ने चुनावी रैली मे कहा 'मुसलमान याद रखें, अगर हमको खत्म कर देंगे तो आपका हाल पुराने समय जैसा हो जाएगा'



बिहार में 17 महीने से पदयात्रा और सर्वे करवाने के बाद समझ आया कि 3 हजार से अधिक आबादी वाले मुसलमानों के गांव दलितों के बाद सबसे बुरी स्थिति में क्यों है? : प्रशांत किशोर

पटना : जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में विकास का आलम ये है कि दलित के बाद सबसे गरीबी और फटियाली मुसलमानों की है। 17 महीनें से हम पैदल चल रहे हैं, किसी भी मुसलमानों के गांव में हमनें यह महसूस किया है कि मुसलमानों के जो छोटे गांव हैं वो फिर भी ठीक है। मुसलमानों के जो 3 हजार से अधिक आबादी वाले गांव हैं उनकी हालत सबसे ज्यादा खराब है। हमनें जब जानने की कोशिश की सर्वे कराया तो पता चला कि 3 हजार से ज्यादा मुसलमानों वाले गांव को चिन्हित कर लिया गया है। जब कोई BJP और JDU का कोई नेता जीत कर आता है तो उन्हें पता होता है कि यही वो गांव हैं जहां 3 हजार से ज्यादा मुस्लमान इस गांव में रहते हैं यही कारण है कि MP हो या सांसद उस इलाके में जाता ही नहीं है वो सुनिश्चित करता है कि आपके गांव आपके घर आपके बच्चों के लिए कुछ भी काम न हो। 


जब उस इलाके में RJD जीत कर आती है तो उन्हें पता होता है कि 4 से 5 हजार वाले गांव के मुस्लमान जाएंगे कहां? ये तो पक्के हैं, मजबूरी में वोट तो देंगे ही। यही कारण है कि वो बगल के गांव में काम करवाता है मगर मुसलामानों पर ध्यान नहीं देता।

लोकसभा चुनाव के बीच PK ने की आम जनता से अपील, कहा - राजा बना रहे प्रधानमंत्री को 45 लाख करोड़ रुपये के तिजोरी की चाभी सौपने जा रहे हैं, 4 किलो अनाज और जाति-धर्म के नाम चाभी मत सौंप दीजिएगा : प्रशांत किशोर



पटना : जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने लोकसभा चुनाव के बीच गरीब लोगों से लगाई गुहार कहा, बिहार में लोग कहते हैं 1 मैं गरीब आदमी मेरे 1 वोट से क्या होगा? मैं आपको गुना गणित समझाता हूं। 1 वोट देकर प्रधानमंत्री यानी कि राजा आपने बनाया वो आदमी आपके वोट से हर साल 45 लाख करोड़ रुपये का मालिक है और इतना बड़ा तिजोरी का चाभी 4 किलों अनाज पर दे दीजियेगा? 1 वोट देकर जिसको आप बिहार का राजा यानी कि मुख्यमंत्री बनाते हैं वो आदमी हर साल ढाई लाख करोड़ रुपए के तिजोरी का मालिक है और उतना बड़ा तिजोरी का चाभी आप जात के नाम पर दे दिए तो आप गरीब नहीं रहिएगा तो कौन गरीब रहेगा? 

वोट जिसको दे रहे हैं दीजिए मगर वोट अपने बच्चों के नाम पर दीजिये। वोट की कीमत अपने जात या धर्म के नाम पर किसी को भी मत दीजिए। वोट की कीमत कीमत वसूल कीजिए। वोट आपकी सबसे बड़ी पूंजी है यह ऐसा हथियार है कि कोई राजा या रंक बन सकता है।

मुसलमानों की बात करने वाले लालू यादव 16 साल सत्ता में रहे, कभी किसी मुसलमान को गृह मंत्री या पथ निर्माण मंत्री क्यों नहीं बनाया? लालू-नीतीश ने दलितों और महादलितों का शोषण कर बेवकूफ बनाया है : प्रशांत किशोर



पटना। जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में जो जातीय सर्वे करवाया गया वो नीतीश कुमार का एक प्रयास था कि इसका राजनीतिकरण करके समाज को बांट कर इसका राजनीति में लाभ लिया जाए। मैं पहले दिन से कह रहा हूं कि इसका कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिलेगा। इसका प्रमाण यह है कि जो नीतीश कुमार जातीय सर्वे करवाने के बाद प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे थे वही भाग कर भाजपा में शामिल हो गए। अगर जातिगत सर्वे का राजनीतिक फायदा होता तो नीतीश कुमार भाग कर भाजपा में क्यों जाते? 

प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे नीतीश कुमार आखिर अपने किस गलती से भाजपा में हुए शामिल? PK ने किया खुलासा

जातिगत सर्वे में जो परिणाम आए वो आपको क्या दिखाते हैं? जिन जाति समूहों के पिछड़ा और वंचित होने की बात पिछले 40 से 50 साल से कहीं जा रही है। उन समाज की राजनीति आर्थिक सामाजिक विकास हुए ही नहीं हैं। लालू-नीतीश ने तो जमीन पर पड़े कीचड़ को अपने मुंह में लगा लिया है। 

लालू-नीतीश पिछड़े समाज का इतना भला चाहते हैं तो किसने इन्हें रोका था मुसलमानों और पसमांदा समाज के लोगों को गृह मंत्रालय देनें से? किसने नीतीश कुमार को रोका है नीतीश कुमार को महादलित से आने लोगों को सड़क और फाइनेंस मिनिस्टर बनाने से? अतिपिछड़ा समाज के किसी नेता को जल मंत्रालय देने से? लालू प्रसाद यादव लगभग 16 साल मुख्यमंत्री रहे किसी मुसलमान को गृह मंत्री नहीं बनाया किसी को पथ निर्माण मंत्री नहीं बनाया। इन जातियों के लोगों का इन्होंने एक्सप्लोइटेशन किया बेवकूफ़ बनाया मगर किया कुछ नहीं।

लोकसभा चुनाव में नेताओं को हेलिकॉप्टर से आता देख भीड़ लगा रहे लोगों से PK ने की अपील



  • कहा - बिहार के लोगों की हालत देखिए जिसे वोट देकर राजा बना रहे हैं वो हेलिकॉप्टर से घूम रहा है और आप और आपके बच्चें भिखारी बन सड़क पर घूम रहे हैं


पटना : जन सुराज पदयात्रा के दौरान जन सभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि हम रास्ता में चलते हैं उस बीच जो मिल गया वो कहता है ऐ भैया नाली-गली बनवा दीजिए। पहनने के लिए कपड़ा नहीं है 2 सीट जोड़े दिलवा दीजिए। कुछ लोग तो कहते हैं कि उनके पास खाने को नहीं है बताये क्या दुर्दशा आपने अपना कर रखा है। जब देश आजाद हुआ तो गांधी अंबेडकर ने आपको राजा बनाने का अधिकार दिया। मगर जात धर्म में पड़ कर आप अपनी हालत ऐसी बना रखे हैं कि 5 सौ रुपए के लालच और मुर्गा भात के चक्कर में अपने आप को भिखारी बना लिए हैं। वोट देकर राजा बनाएं आप और आज वो हेलिकॉप्टर पर चल रहा है और आप आपके बच्चे भिखारी बन कर सड़क पर घूम रहे हैं। बिहार के लोग आप अपनी समस्याओं को समझिए अगर नहीं सुधार लायेगा तो कोई बिहार को नहीं सुधार पाएगा।

प्रशांत किशोर का तेजस्वी यादव पर जोरदार हमला, कहा- तेजस्वी यादव को कैमरे में आकर बोलना चाहिए कि वो 9वीं फेल नहीं हैं और अपनी PhD देश के इस यूनिवर्सिटी में पूरा किया है, लालू यादव के लड़के हैं, बस इतनी है उनकी पहचान



पटना : जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य द्वारा उन पर दिए अपमानजनक बयान पर जवाब देते हुए कहा कि लालू जी के बेटे उनकी बेटी, उनके नाती, उनके घर पर काम करने वाले लोगों पर अगर मैं बयान पर बयान देने लग जाऊं तब तो हो गया। मेरे ऊपर जिसको जो बयान देना है दे। मैंने जो बात कही उसे रोज दोहरा रहा हूं। आज भी कह रहा हूं मैंने ये नहीं कहा है कि तेजस्वी यादव अच्छे हैं, खराब हैं, ज्ञानी हैं या मूर्ख हैं। मैंने बस ये कहा कि उनकी पहचान बस इतनी है कि वो लालू यादव के लड़के हैं। मैंने कहा कि वो 9वीं फेल हैं, अगर वो नहीं हैं तो कैमरे के सामने आकर बोल दें कि PHD किए हुए हैं। मैंने उनके क्रिकेट करियर की भी बात कही थी। पत्रकारों से मैंने कहा भी कि उनकी पहचान बस इतनी है कि वो लालू यादव के लड़के हैं। तेजस्वी यादव ने पढ़ाई के क्षेत्र में खेलकूद के क्षेत्र में सामाजिक क्षेत्र में अगर पराक्रम किया है तो बता दें उसको हम लोग सीखकर नोट कर लेंगे। 

तेजस्वी यादव इतना क्यों घबरा रहे मुझे समझ नहीं आ रहा है : प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर ने पत्रकारों से बातचीत में आगे कहा कि वो लोग खुद उछल रहे हैं कि मैंने उनको अज्ञानी कहा है मैंने तो बस जनता के सामने फैक्ट रखा है। मेरे बाबूजी डॉक्टर थे तो मैं हर रोज कह रहा हूं कि मेरे बाबूजी डॉक्टर थे और मेरे दादाजी बैलगाड़ी चलाते थे। उसी तरह से अगर आपके बाबूजी मुख्यमंत्री थे तो आपको बताया जाएगा कि आपके बाबूजी मुख्यमंत्री थे। इसमें बुरा मानने की क्या बात है अगर मैं गलत हूं तो वह खंडन कर दें। वह बता दें कि मैं झूठ फैला रहा हूं। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि तेजस्वी यादव इतना घबरा क्यों रहे हैं।

हम 17 महीने नहीं 17 साल चल लें फिर भी आप नहीं सुधरिएगा, नेताओं ने आपकी नसों में जाति और धर्म का इतना नशा घुसा दिया है कि आपको अपने बच्चों का दर्द दिखता ही नहीं है : प्रशांत किशोर



पटना : जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग अपनी दुर्दशा देखिए, शायद ही ऐसा कोई घर है, जहां से आपका जवान बेटा, पति, भाई, भतीजा नौकरी करने के लिए दूसरे राज्यों में न गए हो? मैंने 17 महीनों से अपना घर छोड़ा है, लेकिन आपके बच्चे तो सालों साल से आपको छोड़कर चले गए हैं। एक बार जो मजदूरी करने के लिए गए वो साल में एक बार छठ में, ईद में घर आते हैं तब आप उनका मुंह देख पाते हैं। साल भर वो आदमी वहां गुलामी कर रहा है, 10 घंटे मेहनत करते हैं, पेट काटते हैं ताकि घर में 6-8 हजार रुपए भेज सकें। लेकिन, यहां के लोगों से पूछिए कि उन्होंने वोट क्यों दिया था? तो वो बताते हैं कि अपनी जाति का नेता खड़ा था इसलिए दे दिए, गांव में मुर्गा-भात खाकर, पाउच पीकर वोट दे दिए, तो आपके परिजन नहीं भोगेंगे, तो भला और कौन भोगेगा? दूसरे राज्यों में कमा रहा आपका बच्चा बीमार पड़ जाए तो आप उसे देख नहीं सकिएगा, सिर्फ छटपटा कर रह जाइएगा। 

वोट जिसे देना है दीजिए लेकिन वोट देते समय स्वार्थी बनिए, अपना और अपने बच्चों का स्वार्थ देखिए : प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर ने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि आप दल बनाइए, बिहार में विकल्प नहीं था। आप आगे-आगे चलिए हम पीछे-पीछे चलेंगे। हमें आपका साथ नहीं चाहिए। भला आप हमारा साथ क्या दीजिएगा। आप तो वो लोग हैं जिन्होंने अपने बच्चों का साथ नहीं दिया। हम 17 महीने नहीं 17 साल चल लें फिर भी आप नहीं सुधरिएगा। नेताओं ने आपकी नसों में जाति और धर्म इतना घुसा दिया है कि आपको अपने बच्चों का दर्द भी नहीं दिख रहा है। इसलिए आपको एक रास्ता बता रहे हैं, वोट जिसे देना है दीजिए लेकिन अगली बार वोट देते समय स्वार्थी बनिए। अपना और अपने बच्चों का स्वार्थ देखिए। नेता आएंगे और कहेंगे देश के लिए वोट दो, कोई कहेगा अपनी जाति वाले को जीताना है इसलिए वोट दो, वोट जिसे भी देना है दो, जीवन में एक बार संकल्प लीजिए कि वोट अपने बच्चों के लिए दीजिए। जाति के लिए, नेताओं के लिए नहीं, किसी विचारधारा के लिए नहीं सिर्फ अपने बच्चों के लिए वोट दीजिए। बच्चों की शिक्षा और रोजगार के लिए वोट दीजिए।

PM मोदी का 22 दिनों में चौथा बिहार दौरा इस पर PK ने बिहार के लोगों से की अपील

कहा- बिहार को सुधारने के लिए जब आप मोदी को वोट करेंगे तो 1 बार सोचियेगा की पिछले 9 साल में उन्होंने प्रदेश को सुधारने के लिए 1 बैठक तक क्यों नहीं की? BJP का झंडा उठा लेंगे अगर कोई एक बैठक की खबर भी दिखा दे



पटना। लोकसभा चुनाव के बीच प्रधानमंत्री मोदी कई बार बिहार आ चुकें हैं इसी बीच बिहार की जनता के हितों को लेकर अपनी स्पष्ट राय रख रहे जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा कि आज लोग मुझसे कहते हैं कि मोदी आ जाएंगे तो बिहार सुधर जाएगा। लेकिन 2014 तक आधा से ज़्यादा बिहार मोदी को नहीं जानता था। कहा कि मैंने ही मोदी का प्रचार किया था। आज सब मोदी के भक्त हो गए हैं। उनको वोट देते हैं और हम से कहते हैं कि आपको पता है मोदी जी से ही देश का कल्याण होगा। मैं आपको बताने आया हूं मोदी ने बिहार का विकास किया या नहीं किया ये बात छोड़ दीजिए। मोदी के आने से बिहार को फायदा हुआ या नहीं हुआ ये भी छोड़ दीजिए। मोदी के आने से घरेलू गैस सिलेंडर 1250 रुपए और पैट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर हो गया, ये बात भी छोड़ दीजिए। आज मैं जितने भी मोदी के समर्थक हैं उन सबको खुली चुनौती देता हूं कि पिछले 9 सालों में मोदी ने अगर बिहार के लिए एक भी बैठक की है तो उस बैठक की खबर दिखा दीजिए, हम आज से ही मोदी का झंडा लेकर चल देंगे। पिछले 9 सालों में मोदी ने बिहार के लिए एक बैठक तक नहीं की है। आज फिर भी हम लोग जाकर भाजपा को वोट दे रहे हैं तो बिहार की दुर्दशा कहां से सुधरेगी।

तेजस्वी यादव के लोकसभा चुनाव में विकास पर दिए भाषण पर PK ने ली चुटकी

कहा-पूरे जीवन लास्ट बेंच में बैठे बिहार के नेता को भले "विकास" में ह्रस्व और दीर्घ की मात्रा लिखनी न आती हो, मगर वो विकास पर लंबा-चौड़ा भाषण जरूर दे रहा है  

पटना : जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव के द्वारा विकास पर चुटकी लेते हुए कहा कि मैं पदयात्रा करते समय रोज अपनी सभा में कहता हूं कि बिहार में 80% लोग यानी कि 100 में 80 आदमी दिन में 100 रुपय नहीं कमाते हैं। सरकार ने जो आंकड़े जारी किए हैं वो जनता को बेवकूफ बनाने वाली बात है। हाउसहोल्डिंग कम है ये इंडीविजुअल इनकम नहीं है। वर्ल्ड बैंक के आंकड़े उठाकर देख लीजिए 80% बिहार के लोग दिन का 100 रुपय नहीं कमाते हैं। ये जानने के लिए नीतीश कुमार के सर्वे की रिपोर्ट को देखने की जरूरत नहीं है। इंटरनेट पर ये डेटा पड़ा है। दुनिया के जो सबसे ऑथेंटिक डेटा सोर्स है वो इस सच्चाई को बता रहे हैं। नीतीश कुमार की फर्जी डेटा और क्लेम को पढ़ने की जरूरत नहीं है। 



बिहार में नेता को भले "विकास" में ह्रस्व और दीर्घ की मात्रा लिखनी न आती हो, मगर वो विकास पर लंबा-चौड़ा भाषण जरूर दे रहा है : प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर ने बिहार के नेताओं की पोल खोलते हुए कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि भैया दिन की मजदूरी 300 रुपया है तो 100 रुपया कैसे है? मान लीजिए कि किसी परिवार में एक आदमी को मजदूरी मिली 300 रुपये और उस परिवार में 5 सदस्य हैं तो हर सदस्य के दिन में पड़ा 60 रुपये। इतना ही नहीं आदमी को महीने में सिर्फ 15 दिन मजदूरी मिली तो 1 व्यक्ति की प्रति व्यक्ति आय मात्र 30 रुपये हुई। जब यहां के आदमी को समझ ही नहीं है तो क्या कहा जाए। बिहार में नेता वही है जिसे न भाषा का ज्ञान हो न विषय का ज्ञान हो, जो शर्ट के ऊपर गंजी पहने उसी को समाज जमीनी नेता मानता है। जो जीवन में कभी स्कूल नहीं गया, फेल हुआ सबसे पिछली बेंच पर बैठा, वही यहां का नेता है। विडंबना देखिये कि वही बताता है कि विकास हो रहा है। नेता को भले "विकास" में ह्रस्व और दीर्घ की मात्रा लिखनी न आती हो, मगर वो विकास पर लंबा-चौड़ा भाषण दे रहा है।

गया और पूर्णिया में पीएम मोदी की चुनावी रैली

  • पीके ने पूछा तीखा सवाल - बिहार ने NDA को 40 में से 39 सांसद जीता कर दिए और गुजरात ने 26, लेकिन नई-नई फैक्ट्रियां गुजरात में लग रही है और बिहार के बच्चें वहां जाकर मजदूरी कर रहे हैं 


पटना : लोकसभा चुनाव को लेकर नरेंद्र मोदी बिहार में दो जगहों पर चुनावी रैली कर रहे हैं। वे गया और पूर्णिया में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। मामले में जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बिहार में प्रचार प्रसार करने आ रहे पीएम नरेंद्र मोदी पर तंज कसा है। प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार की गरीबी का हम मजाक उड़ाए, बिहार के लड़के मज़दूरी करने गुजरात में जा रहे हैं तो उन्हें लाठी से मारे और गाली दे इसे छोड़कर मोदी जी बिहार में आएंगे तो यहां चीनी मील को चालू करने पर भी कोई वक्तव्य नहीं देंगे। बिहार में आएंगे तो राष्ट्रवाद की बात होगी, हिन्दू-मुसलमान की बात होगी, राम मंदिर की बात होगी, लालू के जंगलराज की बात करेंगे। ये बात नहीं करेंगे कि बिहार में चीनी मील चालू कब होगी? बिहार के बच्चों को यहां से पलायन करने के लिए रुकना कब पड़ेगा? अगर, गुजरात के बच्चे अपने राज्य से बाहर मजदूरी करने के लिए नहीं जा रहे हैं, तो बिहार के बच्चों को मजदूरी करने के लिए दूसरे राज्यों में कब जाना नहीं पड़ेगा? इसपर मोदी जी कोई वक्तव्य नहीं देंगे। 


प्रशांत किशोर ने कहा कि बीते लोकसभा चुनाव में गुजरात से 26 एमपी जीतकर गए हैं, तो वो हर चौथे दिन वहां जा रहे हैं, वहां इनवेस्टमेंट समिट हो रहा है। नई-नई फैक्ट्रियां लग रही हैं। वहीं बिहार के लोगों ने 39 सांसदों को जिताया है, हम लोगों को कोई पूछने वाला नहीं है। इसके लिए दोषी मोदी जी नहीं हैं, इसके लिए दोषी हम और आप हैं। क्योंकि मोदी जी को भी पता है बिहार में काम हो चाहे नहीं, जब वोट होगा तो चाहे मन से या बेमन से फिर उसी मोदी जी, भाजपा को बोरे में भरकर वोट देंगे। और हमारे लड़के बोरे को पीठ पर उठाएंगे और जीवन भर मजदूरी करेंगे।

प्रशांत किशोर ने बिहार की जनता को वोट की ताकत का दिलाया एहसास, बोले- आप लोकतंत्र के हनुमान हैं, आप लोगों को अपनी शक्तियों का एहसास नहीं है, आप जिसका बटन दबाइएगा वही राजा बनेगा



पटना : जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने अबतक बिहार के 15 जिलों में पदयात्रा पूरी कर ली है। जन सभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने लोगों को वोट की ताकत का एहसास दिलाया। प्रशांत किशोर ने कहा कि कोई एक आदमी बिहार को सुधार नहीं सकता है। अगर बिहार को सुधारना चाहते हैं, तो आपको जगना पड़ेगा। लोग कहते हैं कि हम गरीब आदमी अकेले भला क्या करेंगे, एक आदमी से क्या होगा? आप लोकतंत्र के हनुमान हैं, आप लोगों को अपनी शक्तियों का एहसास नहीं है। आप लोग जिसका बटन दबाइएगा वही राजा बनेगा। 

ग्रामीणों से सवाल करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बिना आपके बटन दबाए कोई राजा बन सकता है क्या? आप लोगों ने हनुमान जी की तरह अपनी शक्तियों को भुला दिया है। आप लोगों की शक्तियों को याद दिलाने के लिए ही मैंने ये पूरा अभियान शुरू किया है। ये कोई वोट मांगने का अभियान नहीं है। ये अभियान है गांव-गांव जाने का और लोगों के सामने हाथ जोड़कर मैं बता रहा हूं कि अपना नहीं तो अपने बच्चों का चेहरा देखिए। जिस गरीबी-गुरबत में आपकी जिंदगी बीती है, अगर आप अपने बच्चों की जिंदगी को सुधारना चाहते हैं तो जाति से, धर्म से अलग हटकर अपनी शक्ति को पहचानिए। हनुमान बनिए और छलांग लगाकर देखिए, उसी से बिहार का विकास होगा।

तेजस्वी यादव ने जारी किया RJD का घोषणापत्र '24 जनवचन', कहा इंडिया गठबंधन की सरकार बनी तो सुधारेंगे बिहार, इसपर PK का तंज



कहा-शॉर्टकट मार कर झट-पट जब आप उप-मुख्यमंत्री बन जाते हैं तो आपको पता कहां से चलेगा कि बिहार को सुधारना कैसे है, 15 साल में लालू-राबड़ी ने बिहार में कितना विकास किया?

पटना : बिहार में एक बार फिर से नौकरी वाली सियासत शुरू हो गई। लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने शनिवार को अचानक एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुला ली। इस पीसी में उन्होंने राजद के लोकसभा चुनाव को लेकर घोषणापत्र का ऐलान कर दिया। जिसमें कई लोक लुभाने वादे कर डाले इसपर प्रशांत किशोर ने तंज कसते हुए कहा कि जो विद्वान लोग हैं, जो अनुभवी लोग हैं वो आपको बताएंगे कि जब भी आप झट-पट और शॉर्ट कट करते हैं, तो आप जीवन में कुछ नहीं पाते हैं। लेकिन, तेजस्वी यादव जैसे लीडर्स से आप इससे ज्यादा क्या अपेक्षा कर सकते हैं। उन्होंने भी अपने जीवन में सब कुछ झट-पट ही पाया है। समाज के लिए कुछ किया नहीं है। अपनी कुछ योग्यता नहीं दिखाई है। उन्होंने किसी क्षेत्र में अपना पराक्रम, अपना पुरुषार्थ, अपनी योग्यता नहीं दिखाई है। लालू यादव के लड़के हैं, तो झट-पट कुर्सी पर बैठ गए और बिना झट-पट बिहार को समझे इसे सुधारने की बात कर रहे हैं। उनसे कोई पूछने वाला नहीं है कि मेरे भाई 15 साल आपके मां-बाबू जी यहां पर मुख्यमंत्री थे तब झट-पट आपने बिहार को क्यों नहीं सुधार दिया। 

प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि तेजस्वी यादव बिहार के लोगों को बता दें कि आप झट-पट यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था को कब सुधारिएगा। झट-पट यहां के रोड कब बनाई जाएगी। बिहार के गांव की बदहाली है, नाली-गलियों की दुर्दशा को झट-पट कब सुधारा जाएगा अगर, वो बता दें तो मेरा और बिहार की जनता की ओर से उनको बहुत-बहुत शुक्रिया। पत्रकारों को अगर तेजस्वी यादव मिले तो आप उनसे भी झट-पट ये सवाल पूछ लीजिए कि कब यहां के लोगों को स्वास्थ्य सेवा नसीब होगी। कब यहां की सड़कों की दशा सुधरेगी। कब बिहार में गांव की दुर्दशा, नालियों की और गलियों की दुर्दशा को सुधारा जाएगा। तेजस्वी यादव आप जो तीन विभाग चला रहे हैं उसके बारे में बता दीजिए, बाकी की बातें बाद में कीजिएगा।

अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश की जनता ने अपना नेता नहीं माना है, माना होता तो आज वो लोकसभा और विधानसभा का चुनाव नहीं हारते, उन्हें अभी प्रयास करना पड़ेगा : प्रशांत किशोर



पटना : जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने परिवारवाद और देश में डायरेक्ट इंट्री कर रहे नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि देश में जो समान्य जनता है उसे लगता है कि हमें टीचर बनने के लिए, चपरासी बनने के लिए, साधारण नौकरी करने के लिए इतनी मेहनत करनी पड़ रही है, इधर आप देखेंगे कि नेता का लड़का आया और नेता बन गया। देश में आप देखेंगे कि ऐसे लोग जो डायरेक्ट नेता बने हैं, उनको असफलता ही हाथ लगी है। देश में पार्टियों का लीडर बन जाना कोई बड़ी बात नहीं है। देश में राहुल गांधी को आपने देखा होगा कि वो राजनीति में आए और कांग्रेस ने उन्हें अपना नेता मान लिया मगर देश ने भी उन्हें नेता मान लिया ऐसा नहीं है। 

अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश की जनता नेता माने इसके लिए उन्हें अभी प्रयास करना पड़ेगा : प्रशांत किशोर

अखिलेश यादव सपा के नेता हैं, मुलायम सिंह यादव के बाद वो नेता बन गए लेकिन आपने देखा होगा कि अखिलेश यादव के सपा के नेता बनने के बाद समाजवादी पार्टी आज तक लोकसभा हो या विधानसभा किसी भी जगह चुनाव नहीं जीत पाई है। समाजवादी पार्टी लास्ट चुनाव तब जीती थी जब मुलायम सिंह यादव सपा के नेता थे। जब से नेता जी नेता नहीं हैं, तब से अखिलेश यादव गठबंधन बना कर चुनाव लड़े हों या अकेले लड़ें हों कभी उनको सफलता नहीं मिली है। ये दिखाता है कि सपा के नेताओं ने उनको नेता मान लिया है मगर उत्तर प्रदेश की जनता ने नहीं माना है। उत्तर प्रदेश की जनता आपको नेता माने इसके लिए उन्हें प्रयास करना पड़ेगा। परिवारवाद को जनता अपने आप साइड कर देगी इसके लिए ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है।

'निश्चय रथ' पर सवार होकर बिहार में चुनाव प्रचार के लिए निकले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

  • प्रशांत किशोर का सीएम पर हमला, बोले - हिम्मत है तो नीतीश कुमार बिना सरकारी अमला और सुरक्षा के बिहार के किसी एक गांव में पैदल चलकर दिखा दें


पटना : जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जोरदार सियासी हमला बोलते हुए कहा कि आज स्थिति यह है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके शासनकाल के लिए लोग अपशब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। प्रशांत किशोर ने दावा करते हुए कहा कि नीतीश कुमार बिहार के किसी गांव में बिना सुरक्षा और सरकारी अमला के पैदल नहीं चल सकते। आज बिहार में अफसरशाही, भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। बिना पैसा दिए एक काम नहीं होता है। उन्होंने कहा कि अगर लालू प्रसाद का शासनकाल 'अपराधियों का जंगलराज' था तो नीतीश कुमार का शासनकाल 'अधिकारियों का जंगलराज' है। बिहार की बदहाली का जिक्र करते हुए बताया कि जिन गांवों और पंचायतों में जाने का मौका मिला है, वहां पलायन की समस्या बहुत बड़ी है। 

बिहार के गांव में आज 60 प्रतिशत युवक नहीं हैं: प्रशांत किशोर

गांवों में 60 प्रतिशत तक नवयुवक नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार के शासनकाल की सबसे बड़ी नाकामी है बिहार में शिक्षा व्यवस्था का ध्वस्त हो जाना। बिहार में भूमिहीनों की समस्या का जिक्र करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में गरीबी और बेरोजगारी का सबसे बड़ा कारण है बड़ी संख्या में भूमिहीनों का होना। आंकड़ों के मुताबिक बिहार में 58 फीसदी लोग भूमिहीन हैं जबकि देश में भूमिहीनों की संख्या 38 प्रतिशत है।

नरेंद्र मोदी को बिहार के लोगों ने जाति-धर्म से ऊपर उठकर दिया वोट, उनकी जाति का बिहार में 1 भी आदमी नहीं रहता फिर भी चुनाव जीत रहे हैं : प्रशांत किशोर



पटना : बिहार के लोगों को उनके मताधिकार के बारे में जागरूक करते हुए जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों को ये दिख रहा है कि अभी उनके सामने जो नेता खड़े हैं, दोनों ही चोर हैं। ऐसे में पब्लिक ये सोच रही है कि चलिए दोनों ही जब चोर हैं, तो अपनी जाति वाले को ही वोट दे देते हैं। लेकिन अगर जनता को कोई ईमानदार दिखेगा तो जनता बेवकूफ नहीं है उसको जरूर वोट देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बिहार के लोगों ने खूब वोट दिया है न, उनकी जाति के कितने लोग बिहार में रहते हैं, एक भी नहीं रहते हैं। लेकिन लोगों ने ऐसा समझा कि मोदी को वोट देंगे तो हमारा विकास होगा। इसीलिए बिहार की जनता ने जाति और धर्म की सोच से ऊपर उठकर नरेंद्र मोदी को वोट दिया। अब नरेंद्र मोदी ने काम नहीं किया, वो अलग बात है लेकिन लोगों ने जाति से ऊपर उठकर नरेंद्र मोदी को वोट तो दिया ही है। यहां जितने लोग बैठे हैं, मान लीजिए कि इनकी संख्या अगर सौ है तो इसमें से 40 से 50 आदमी ने तो नरेंद्र मोदी और भाजपा को वोट दिया ही होगा। वो 40 से 50 आदमी नरेंद्र मोदी की जाति के तो नहीं हैं। सिर्फ जाति की बात नहीं है जब जनता को सारे नेता चोर दिखते हैं, एक तरह के दिखते हैं तो आखिर में जनता कहती है कि दोनों तो एक ही तरह के हैं तो चलिए अपनी जाति वाले को ही वोट देते हैं। अगर एक आदमी अच्छा दिखेगा तो बिहार की जनता में वो समझ और ताकत है कि आगे बढ़ेंगे और सही व्यक्ति का चुनाव करेंगे। 


 मैंने पंद्रह महीने से छोड़ा है अपना घर, बिहार के नौजवान तो 15 सालों से अपना घर छोड़कर रह रहे बाहर : प्रशांत किशोर 

प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि हम अभी पंद्रह महीने से पैदल चल रहे हैं तो लोग कह रहे हैं कि भइया अपना घर-परिवार को छोड़कर ये पैदल चल रहे हैं। लेकिन बिहार के जितने भी लोग हैं इनके परिवार के नौजवान तो 10 से 15 सालों से अपना घर छोड़कर बाहर ही रह रहे हैं। कभी छठ में या किसी शादी-विवाह में दस से पंद्रह दिनों के लिए वो व्यक्ति घर आया। हमने तो पंद्रह महीने से अपना घर छोड़ा है तो लोग हमें समझ रहे हैं कि हम बहुत महान आदमी हैं, साधु-महात्मा हैं। आपका बच्चा तो पंद्रह सालों से बाहर रह रहा है। एक बार यहां बच्चा बीस साल का हो गया, तो वो झोला लेकर चला गया मजदूरी करने के लिए। जब तक उसके शरीर में ताकत है उसको बाहर ही रहना है और मजदूरी ही करना है।

नवादा में पीएम मोदी की रैली, कहा - बिहार ने दशकों तक परिवारवाद का दंश झेला है

  • इस पर PK ने मोदी पर किया प्रहार, कहा- मोदी जी को बिहार की जनता को बताना चाहिए कि उनके अध्यक्ष सम्राट चौधरी परिवारवाद की उपज हैं या नहीं?

पटना : जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने राजनीति में परिवारवाद पर तंज करते हुए कहा कि मोदी जी को परिवारवाद पर बोलना चाहिए। देश भर में हमने देखा कि अगर आपके पिता जी विधायक-मंत्री नहीं हैं, तो आपके लिए चुनावी राजनीति में आना बहुत कठिन है। जिसमें बीते 30 वर्षों में पता चला कि 1250 परिवार के लोग ही विधायक-सांसद बने हैं। परिवारवाद को लेकर हमें लगता है कि एक लालू जी का परिवार है, एक राम विलास पासवान जी का परिवार है, ऐसी बात नहीं है। हर प्रखंड में दो-चार परिवार ऐसे हैं जिनता राजनीति पर कब्जा है। दल कोई रहे, नेता कोई रहे, जनता सोचती है कि कांग्रेस को उखाड़ दिए लालू जी को ले आए, लालू जी को उखाड़ दिए नीतीश जी को ले आए, नीतीश जी को उखाड़ दिए भाजपा को ले आए। अभी उदाहरण बताएंगे जिसमें आप किसी दल को ले आइए नेता वही रहेगा, उसी परिवार का रहेगा।



 आगे प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार की आबादी है 13.5 करोड़। यहां 3.5 करोड़ परिवार के लोग रहते हैं। लेकिन, विधायक-सांसद 1250 परिवार के लोग ही बनते हैं। आरजेडी और क्षेत्रीय दलों के बारे में सब जानते हैं कि वो परिवारवाद की पार्टी है। लेकिन, भाजपा को लेकर लोगों को लगता है कि ये परिवारवाद की पार्टी नहीं है। भाजपा से जो उप मुख्यमंत्री हैं सम्राट चौधरी ये शकुनी चौधरी के बेटे हैं। जब बिहार में कांग्रेस का दौर था उसमें शकुनी चौधरी विधायक-मंत्री थे, लालू जी के दौर में भी, नीतीश जी के दौर में भी, मांझी जी जब मुख्यमंत्री बने तो उसमें भी विधायक-मंत्री शकुनी चौधरी थे और आज जब भाजपा का दम हुआ है, तो उन्हें भी साधारण परिवार का राजनीतिक कार्यकर्ता, कुशवाहा समाज का नेता नहीं मिला उन्हें भी शकुनी चौधरी का लड़का ही मिला।

जनसुराज की ओर से जारी की गई जिला कार्यवाहक समिति के सदस्यों की सूची



सुपौल। बीते बुधवार को जनसुराज ने सुपौल के जिला कार्यवाहक समिति के सदस्यों की सूची जारी की। सूची को जनसुराज के आधिकारिक ट्वीटर हैण्डल और फेसबुक के जरिए साझा किया गया। जनसुराज के कार्यवाहक समिति में सुपौल जिले के कुल 275 सदस्यों को शामिल किया गया है। ये समिति जिले में जनसुराज के कार्यों को सुचारु ढंग से जारी रखने के लिए गठित की गई है। जनसुराज की ओर से यह भी बताया गया है कि ये कार्यवाहक समिति स्थाई समिति के चुनाव के जरिए गठित होने तक कार्यरत रहेगी। जिला कार्यवाहक समिति का हिस्सा बने सदस्यों ने जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर का आभार प्रकट किया और बिहार में बदलाव के लिए सही लोग, सही सोच और सामूहिक प्रयास को महत्वपूर्ण बताया है ।

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जदयू कार्यकर्ता ने अपनी उपेक्षा को लेकर जिलाध्यक्ष आशीष पटेल को की हटाने की मांग की

  • एनडीए गठबंधन के भाजपा प्रत्याशी द्वारा भी जदयू कार्यकर्ता को नहीं दिया जा रहा सम्मान, पार्टी में नाराजगी


अररिया। जनता दल यूनाइटेड के नेताओं ने मंगलवार को अररिया स्थित एक होटल में पार्टी की एक बैठक की। जिसमें जदयू जिला अध्यक्ष आशीष पटेल के द्वारा जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक के जदयू नेताओं की लगातार उपेक्षा का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष की कार्यशैली से नाराज जदयू के नेताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जिलाध्यक्ष आशीष पटेल को अविलंब पद से हटाकर किसी और सक्रिय और जमीनी कार्यकर्ता को जिलाध्यक्ष बनाने की मांग की है। बैठक की अध्यक्षता जदयू के वरीय नेता नागेश्वर कामत ने की। बैठक में जदयू के पूर्व जिलाध्यक्ष, अनंत कुमार सिंह, संजय राणा, रजी अहमद, वरीय जदयू नेता सफाउर रहमान उर्फ लड्डू, सत्य नारायण यादव, प्रदेश नेता शफाऊर रहमान, उमेश मंडल, संजय राय, पंकज मिश्रा, उपेंद्र मंडल, सीताराम मंडल, रमेश कुमार राय के अलावा बड़ी संख्या में जदयू नेता मौजूद थे।

बैठक में मुख्य रूप से वर्तमान जदयू जिलाध्यक्ष आशीष पटेल को अविलंब पद से हटाने की मांग की। क्योंकि इनके रहते पार्टी का संगठन बिल्कुल चौपट हो गया है। जमीन पर कोई संगठन नहीं है। सिर्फ कागजों में जदयू की संगठन सिमटी है। किसी भी जदयू के पदाधिकारी से कोई विचार विमर्श और न ही सम्मान दिया जाता है।
एनडीए से भाजपा प्रत्याशी द्वारा भी जदयू कार्यकर्ता की उपेक्षा को लेकर भी नेता नाराज हैं। सभी ने आरोप लगाया कि भाजपा के प्रत्यासी द्वारा अभी तक किसी भी जदयू कार्यकर्ता को पूछा तक नहीं गया है। जबकि भाजपा और जदयू का गठबंधन है। लेकिन भाजपा अकेले चुनाव लड़ना चाहती है, ऐसे में प्रत्याशी को बड़ा नुकसान हो सकता है। सभी जदयू नेता अपने पार्टी के नेता को उचित सम्मान देने की मांग भाजपा प्रत्याशी से की है। ताकि बिहार की सभी चालीस सीट पर एनडीए की जीत सुनिश्चित हो सके।

जदयू जिला अध्यक्ष आशीष पटेल की कार्यशैली से नाराज़ पार्टी के वरिष्ठ नेता और जिला उपाध्यक्ष रजी अहमद ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा मैं जदयू का एक ईमानदार कार्यकर्ता के रूप में पार्टी का काम करता रहूंगा।

पटना में अतिथि शिक्षकों पर लाठीचार्ज, PK का नीतीश कुमार पर हमला, कहा - लाठी खाने वाले लोग कल जाति के नाम पर फिर उसी दल को वोट करेगा जो आज लाठी से मरवा रहा है, यही कारण है कि लाठीचार्ज करवाना नीतीश कुमार के लिए आसान हो गया है



पटना : जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार में पटना में लाठीचार्ज करवाने का नियम बन गया है। सरकार ने एक फिक्स्ड पैरामीटर बनाया है कि लोगों को डाक बंगला चौराहा, बेली रोड, हड़ताली चौराहे पर घेरो और लाठियों से पिटवाओ। मुख्यमंत्री या उनके मंत्रियों पर कोई परेशानी नहीं आनी चाहिए। ये कहीं न कहीं दिखाता है कि नीतीश कुमार के दिमाग में बैठ गया है कि हम काम करें या न करें, जनता में कितना भी रोष हो कोई न कोई जुगाड़ लगाकर मुख्यमंत्री मुझको ही बने रहना है।


प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि पटना में जो लाठीचार्ज हुआ है, उसमें नीतीश कुमार के बारे में मेरी अपनी धारणा थी कि चाहे जो कुछ भी गलती हो, ये पुराने राजनीतिक लोग लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में विश्वास करने वाले लोग हैं। इन्होंने जीवनभर विपक्ष की राजनीति की है, लेकिन पिछले कुछ समय से मैं देख रहा हूं पटना में लाठीचार्ज करना नियम बन गया है। कल जो इन पर लाठीचार्ज किया गया, ये कोई नई बात नहीं है, कोई शिक्षक चला जाए उस पर भी लाठीचार्ज, बेरोजगार बच्चे जा रहे हैं उन पर भी लाठीचार्ज, सरपंच गए उन पर भी लाठीचार्ज, मुखिया गए उन पर भी लाठीचार्ज किया जा रहा है।

नीतीश कुमार जैसे नेताओं को पता है कि जिसने भी लाठी खाया है वो कल जाति के नाम पर फिर उसी दल को वोट करेगा जिसने उसे लाठी से मारी है : प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर ने लोगों को उनके वोट की ताकत को समझाते हुए कहा कि इस सरकार की ये छवि बन गई है कि पटना में लोग जब अपनी बात को लेकर जाते हैं, चाहे वे जिस भी वर्ग के हों, वो रसोईया हों, आंगनबाड़ी वर्कर हों, आशा वर्कर हों, कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारी हों, हमने देखा है कि बीते एक साल में हर वर्ग के लोग पटना गए हैं और लोकतंत्र में आप किसी पर लाठीचार्ज करवाइएगा, तो आपको डर होगा कि आप चुनाव हार जाएंगे, लेकिन नीतीश कुमार और ज्यादातर बिहार के नेताओं में वो डर खत्म हो गया है। इन नेताओं को मालूम है, जो लोग लाठी खाकर आया है पटना के डाक बंगला चौराहे से, वो आदमी कल जाति के नाम पर फिर उसी दल को वोट करेगा जिसने उसे लाठी से मारी है।