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जोगबनी सीमा पर देवी की प्रतिमा SSB ने किया बरामद, नेपाल APF को सौंपी गई

जोगबनी सीमा पर बरामद देवी प्रतिमा के साथ सीमा सुरक्षा कर्मी और नेपाल APF से जुड़े कर्मी।
जोगबनी सीमा पर बरामद देवी प्रतिमा के साथ सीमा सुरक्षा कर्मी और नेपाल APF से जुड़े कर्मी।

जोगबनी (अररिया), 10 अक्टूबर। भारत-नेपाल सीमा स्थित बीसीपी गेट जोगबनी पर ड्यूटी के दौरान एक व्यक्ति के बोरे से देवी की प्रतिमा बरामद की गई। सीमा चौकी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रतिमा नेपाल के एक मंदिर से चोरी हुई बताई जा रही है। बरामदगी के बाद प्रतिमा और रोके गए व्यक्ति को नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (APF) के सुपुर्द कर दिया गया।

प्राप्त विवरण के मुताबिक, नेपाल APF ने भारतीय सीमा पर तैनात कर्मियों को पत्र भेजकर सूचना दी थी कि नेपाल के एक मंदिर से माता रानी की मूर्ति चोरी हो गई है। साथ ही आशंका जताई गई थी कि मूर्ति लेकर कोई व्यक्ति नेपाल से भारत में प्रवेश कर सकता है।

इस सूचना के बाद 10 अक्टूबर को सीमा पर BIT ड्यूटी के दौरान नेपाल से भारत आ रहे एक व्यक्ति को जाँच के लिए रोका गया। उसके पास मौजूद बोरे की तलाशी लेने पर पीतल जैसी धातु से बनी देवी की एक प्रतिमा मिली, जिसका वजन लगभग आठ से नौ किलोग्राम बताया गया है। प्रतिमा प्राचीन प्रतीत होती है, लेकिन उसकी वास्तविक आयु और धातु की आधिकारिक पुष्टि की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

सीमा चौकी से मिली सूचना के अनुसार, आवश्यक कार्रवाई के बाद बरामद प्रतिमा के साथ संबंधित व्यक्ति को नेपाल APF को सौंप दिया गया। मूर्ति की पहचान, चोरी के मामले और व्यक्ति की भूमिका से जुड़े तथ्यों की पुष्टि आगे की जाँच में होगी।

सुपौल में सड़क निर्माण में होगा प्लास्टिक कचरे का उपयोग, डीडीसी ने दिए निर्देश

सुपौल में सड़क निर्माण में प्रोसेस्ड प्लास्टिक के इस्तेमाल को लेकर डीडीसी की अध्यक्षता में हुई बैठक।
सुपौल में सड़क निर्माण में प्रोसेस्ड प्लास्टिक के इस्तेमाल को लेकर डीडीसी की अध्यक्षता में हुई बैठक। | फोटो: जिला जनसंपर्क कार्यालय, सुपौल द्वारा उपलब्ध कराई गई तस्वीर

<p><strong>सुपौल।</strong> जिले में प्लास्टिक कचरे के पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने और सड़क निर्माण में उसके इस्तेमाल को लेकर प्रशासन ने पहल तेज की है। शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को उप विकास आयुक्त इन्द्रवीर कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इंजीनियरों और संवेदकों को जिले की प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों से प्रसंस्कृत प्लास्टिक लेकर सड़क निर्माण में उपयोग करने के निर्देश दिए गए।</p>
<h3>जिले में पांच प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयां</h3>
<p>जिला जनसंपर्क कार्यालय की प्रेस विज्ञप्ति संख्या 776 के अनुसार, उप विकास आयुक्त ने बताया कि सुपौल में पांच प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट (PWMU) संचालित हैं और प्लास्टिक अपशिष्ट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। बैठक का उद्देश्य इन इकाइयों में तैयार प्रोसेस्ड प्लास्टिक की सड़क निर्माण कार्यों तक नियमित आपूर्ति यानी प्रभावी फॉरवर्ड लिंकेज सुनिश्चित करना है।</p>
<h3>बिटुमिन के साथ प्रोसेस्ड प्लास्टिक के इस्तेमाल पर चर्चा</h3>
<p>ग्रामीण कार्य विभाग और पथ प्रमंडल के संबंधित अभियंताओं तथा संवेदकों के साथ बिटुमिन के साथ प्रोसेस्ड प्लास्टिक के उपयोग, प्लास्टिक अपशिष्ट के पुनर्चक्रण और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा हुई। डीडीसी ने कहा कि विभागीय निर्देशों के अनुरूप जिले में होने वाले सड़क निर्माण कार्यों के लिए स्थानीय PWMU से उपलब्ध प्रोसेस्ड प्लास्टिक प्राप्त किया जाए।</p>
<p>उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए सभी संबंधित पक्षों से सक्रिय भागीदारी की अपील की। बैठक में उपस्थित अभियंताओं और संवेदकों ने इस पहल में सहयोग देने की बात कही।</p>
<p>बैठक में निदेशक आशुतोष कुमार, जिला समन्वयक सोनम कुमारी तथा जिला सलाहकार भी मौजूद रहे।</p>
<p><em>स्रोत: जिला जनसंपर्क कार्यालय, सुपौल; प्रेस विज्ञप्ति संख्या 776, दिनांक 10 अक्टूबर 2026।</em></p>

अररिया/बिहार : उप-महानिरीक्षक मधुकर अमिताभ ने 56वीं वाहिनी एसएसबी बथनाहा का किया औपचारिक निरीक्षण, सीमा चौकी पूर्वीटोला में किया रात्रि विश्राम

 



बथनाहा (अररिया)। क्षेत्रक मुख्यालय सशस्त्र सीमा बल, पूर्णिया के उप-महानिरीक्षक श्री मधुकर अमिताभ ने 9 और 10 अक्टूबर 2026 को 56वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, बथनाहा का औपचारिक निरीक्षण किया। इस मौके पर वाहिनी मुख्यालय पहुंचने पर द्वितीय कमान अधिकारी श्री नितिन कुमार गुप्ता ने उप-महानिरीक्षक को पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद शस्त्रागार में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उन्होंने वाहिनी परिसर में वृक्षारोपण भी किया।

विभिन्न इकाइयों का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान उन्होंने शस्त्रागार, परिवहन पार्क, अधिकारी मेस, अधीनस्थ अधिकारी मेस, जवान मेस और बैरकों का जायजा लिया। वाहिनी कार्यालय की सभी शाखाओं का भी निरीक्षण किया और सुधार के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद सम्मेलन कक्ष में अधिकारियों और शाखा प्रभारियों के साथ बैठक हुई, जिसमें कई बिंदुओं पर निर्देश दिए गए।

फुटबॉल मैच और प्रशिक्षण का निरीक्षण

उप-महानिरीक्षक की उपस्थिति में बिहार पुलिस के प्रशिक्षुओं और सशस्त्र सीमा बल के जवानों के बीच रोमांचक फुटबॉल मैच खेला गया। मैच के बाद उन्होंने विजेता और उपविजेता टीमों को पुरस्कृत किया। उन्होंने वाहिनी मुख्यालय में चल रहे बिहार पुलिस प्रशिक्षुओं के प्रशिक्षण कार्यों का भी निरीक्षण किया।

सीमा चौकी पूर्वीटोला का औचक निरीक्षण
वाहिनी के कार्यक्षेत्र में आने वाली सीमा चौकी पूर्वीटोला का उन्होंने रात में औचक निरीक्षण किया। जवानों को सीमा प्रबंधन से जुड़े आवश्यक निर्देश दिए, उनके साथ रात्रि भोजन किया और चौकी पर ही रात्रि विश्राम किया।

सैनिक सम्मेलन और बड़ा खाना
10 अक्टूबर को वाहिनी मुख्यालय में सैनिक सम्मेलन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत सशस्त्र सीमा बल के प्रेरणादायक शीर्षक गीत से हुई। सम्मेलन को संबोधित करते हुए उप-महानिरीक्षक ने सभी बल कार्मिकों को सीमा प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलुओं, शारीरिक और मानसिक फिटनेस तथा अनुशासन के बारे में निर्देश दिए। उन्होंने जवानों से उत्साहवर्धक संवाद भी किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के साथ हुआ।

इसके बाद वाहिनी मुख्यालय में 'बड़ा खाना' का आयोजन किया गया, जिसमें सभी बल कार्मिकों ने एक साथ भोजन किया। इस अवसर पर उप-महानिरीक्षक श्री मधुकर अमिताभ के साथ वाहिनी के सभी अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी और बल कार्मिक उपस्थित रहे।

बिहार : सुपौल में ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा

नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थियों और अतिथियों का सामूहिक चित्र। फोटो: माय भारत सुपौल
नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थियों और अतिथियों की सामूहिक तस्वीर

सुपौल। युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक करने और उनकी रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को सुपौल टाउन हॉल में ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ प्रतियोगिता आयोजित की गई। माय भारत सुपौल की ओर से युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन सुपौल के सांसद दिलेश्वर कामैत ने दीप प्रज्वलित कर किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद दिलेश्वर कामैत ने युवाओं से नशे से दूर रहने और अपनी ऊर्जा, प्रतिभा एवं क्षमता का उपयोग सकारात्मक तथा रचनात्मक कार्यों में करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशामुक्त युवा स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

**लोकगीत, नृत्य और चित्रकला में दिखी प्रतिभा**

प्रतियोगिता में लोकगीत, नृत्य, गायन, चित्रकला, स्लोगन लेखन और निबंध लेखन समेत कई विधाओं में आयोजन हुआ। जिले के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ अन्य प्रतिभागियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी कलात्मक और रचनात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया।

प्रतिभागियों के मूल्यांकन के लिए विभिन्न सरकारी विद्यालयों के संबंधित विषयों में दक्ष शिक्षकों को निर्णायक बनाया गया। निर्णायकों ने प्रस्तुति, रचनात्मकता, विषय की समझ और अभिव्यक्ति के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया।

**युवा शक्ति को नशामुक्त समाज का संदेश**

कार्यक्रम में जिला युवा अधिकारी वसीम अकरम और जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी तालेश्वर पटेल उपस्थित रहे। माय भारत चयन समिति के सदस्य गिरीश और मिथिलेश तथा पूर्व चयन समिति सदस्य सुरेश और सुमन ने भी भाग लिया।

आयोजकों ने जिला प्रशासन, सुपौल तथा शिक्षा विभाग को आयोजन में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही विद्यालयों के शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की गई। उपस्थित अतिथियों ने कहा कि युवाओं की सकारात्मक भागीदारी से नशामुक्त समाज और विकसित भारत का संकल्प मजबूत हो सकता है।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने के साथ उनकी प्रतिभा को रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सकारात्मक दिशा देना था।


बिहार : सुपौल में सोलर सेवा सेतु कैंप में पीएम सूर्य घर योजना के लाभुकों व बैंक कर्मियों को किया गया सम्मानित


सोलर सेवा सेतु कैंप का उद्घाटन करते अतिथि।


सुपौल। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रचार-प्रसार और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ने के उद्देश्य से मंगलवार को पिपरा में सोलर सेवा सेतु कैंप का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुपौल सांसद दिलेश्वर कामत रहे। इस अवसर पर पिपरा के विधायक, नगर पंचायत पिपरा के चेयरमैन व उप चेयरमैन, प्रखंड प्रमुख, बीस सूत्री अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, बैंक प्रतिनिधि, वेंडर और बड़ी संख्या में उपभोक्ता उपस्थित रहे।



कैंप में अपने घरों पर सोलर रूफटॉप स्थापित कर चुके लाभुकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। योजना के तहत ऋण वितरण में बेहतर कार्य करने वाले बैंक कर्मियों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इसके साथ पात्र लाभुकों को चेक भी दिए गए।

कार्यक्रम में बताया गया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से सब्सिडी का प्रावधान है। एक किलोवाट के सोलर सिस्टम पर केंद्र सरकार से 30 हजार रुपये और राज्य सरकार से 10 हजार रुपये, दो किलोवाट पर क्रमशः 60 हजार और 20 हजार रुपये तथा तीन किलोवाट पर 78 हजार और 20 हजार रुपये की सब्सिडी दी जा रही है।


उपभोक्ताओं से योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने, घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर लगाने और बिजली बिल में बचत के साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की अपील की गई।

बिहार : सुपौल डीएम ने शिक्षा योजनाओं की निगरानी व विद्यालय निरीक्षण तेज करने के दिए निर्देश

बैठक के दौरान उपस्थित अधिकारी।

सुपौल। जिलाधिकारी-सह-अध्यक्ष जिला कार्यकारिणी समिति, बिहार शिक्षा परियोजना, सुपौल सावन कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को बिहार शिक्षा परियोजना (शिक्षा विभाग) की कार्यकारिणी समिति की बैठक समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में आयोजित की गई।

बैठक में जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग अपने स्तर से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों तथा प्रखंड स्तर पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को विद्यालयों का लगातार निरीक्षण और अनुश्रवण करने को कहा गया।

विद्यालय निरीक्षण के दौरान समय-सारणी के अनुसार वर्गकक्षों का संचालन, पठन-पाठन की गुणवत्ता, विद्यालय परिसर, वर्गकक्ष और शौचालय की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने मॉडल विद्यालयों में अपनाए जा रहे Lesson Plan की तर्ज पर अन्य सरकारी विद्यालयों में भी Lesson Plan को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा।



बैठक में जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी माध्यमिक शिक्षा, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी समग्र शिक्षा, डायट के प्राचार्य, शिक्षक प्रतिनिधि, लेखा पदाधिकारी, बिहार शिक्षा परियोजना के संभाग प्रभारी सहित संबंधित पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।

बिहार : अधिवक्ताओं के लिए ₹5 लाख कैशलेस स्वास्थ्य बीमा की मांग, सुपौल से अधिवक्ता रुद्र प्रताप का मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन





सुपौल। बिहार के अधिवक्ताओं और उनके आश्रित परिवारों को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा बीमा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई है। जिला विधिज्ञ संघ, सुपौल से जुड़े अधिवक्ता रुद्र प्रताप लाल ने 7 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन में उत्तर प्रदेश की तर्ज पर राज्य के अधिवक्ताओं के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा योजना लागू करने का अनुरोध किया है।

ज्ञापन में कहा गया है कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था के सुचारु संचालन, आम नागरिकों को सुलभ न्याय दिलाने तथा संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद गंभीर बीमारी या आकस्मिक चिकित्सा आपातकाल की स्थिति में अधिवक्ताओं और उनके परिवारों को इलाज पर भारी खर्च के कारण आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।

अधिवक्ता रुद्र प्रताप लाल ने ज्ञापन में उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए वहां अधिवक्ताओं के लिए ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा संचालित होने का उल्लेख किया और बिहार में भी ऐसी व्यवस्था लागू करने की मांग की। यह उल्लेख ज्ञापन में प्रस्तुत दावे पर आधारित है।

चार प्रमुख मांगों में बिहार स्टेट बार काउंसिल में पंजीकृत एवं सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस (COP) धारक सभी सक्रिय अधिवक्ताओं और उनके आश्रित परिजनों को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना से जोड़ना शामिल है।

इसके अलावा राज्य के प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों तथा सूचीबद्ध प्रतिष्ठित निजी अस्पतालों में इस योजना के तहत उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। ज्ञापन में बिहार स्टेट बार काउंसिल और स्थानीय जिला एवं अनुमंडल बार एसोसिएशनों के माध्यम से अधिवक्ताओं का सत्यापन कर डिजिटल हेल्थ कार्ड जारी करने का सुझाव भी दिया गया है।

चौथी मांग के तहत गंभीर बीमारियों के इलाज और असामयिक निधन की स्थिति में अधिवक्ता कल्याण कोष से दी जाने वाली सहायता राशि बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

रुद्र प्रताप लाल ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार अधिवक्ताओं के स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए सकारात्मक निर्णय लेगी।


अररिया: एसएसबी और बिहार पुलिस की कार्रवाई, 6 किलो गांजा और दो बाइक के साथ तीन गिरफ्तार

बथनाहा में एसएसबी और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान पकड़े गए व्यक्तियों एवं जब्त सामग्री के साथ सुरक्षा बल के जवान। फोटो: एसएसबी
बथनाहा में एसएसबी और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान पकड़े गए व्यक्तियों एवं जब्त सामग्री के साथ सुरक्षा बल के जवान। फोटो: एसएसबी | फोटो: 56वीं वाहिनी एसएसबी द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रेस विज्ञप्ति के साथ प्राप्त फोटो

बथनाहा (अररिया)। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 56वीं वाहिनी और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार कर छह किलोग्राम गांजा बरामद करने का दावा किया है। एसएसबी की ओर से उपलब्ध कराई गई प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह कार्रवाई 1 अक्टूबर 2026 की शाम बथनाहा बाजार के निकट की गई। मौके से दो मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल फोन और भारतीय तथा नेपाली मुद्रा भी जब्त की गई।

**नाकाबंदी के दौरान तीन संदिग्ध पकड़े गए**

प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, 1 अक्टूबर को शाम करीब 6:30 बजे सूचना मिली थी कि नेपाल की ओर से दो मोटरसाइकिलों पर सवार कुछ लोग गांजा लेकर भारत आ सकते हैं। इसके बाद एसएसबी की आई समवाय फुलकाहा, बाह्य सीमा चौकी पथरदेवा तथा बथनाहा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने सीमा स्तंभ संख्या 184 से लगभग पांच किलोमीटर भारतीय क्षेत्र की ओर बथनाहा बाजार के समीप नाकाबंदी कर जांच शुरू की।

एसएसबी का कहना है कि जांच के दौरान दो मोटरसाइकिलों पर आए तीन व्यक्तियों ने गश्ती दल को देखकर भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया।

**6 किलो गांजा, दो बाइक और नकदी जब्त**

जारी विवरण के अनुसार, तलाशी के दौरान झोले सहित छह किलोग्राम गांजा, तीन मोबाइल फोन, दो मोटरसाइकिल, ₹27,500 भारतीय मुद्रा और 405 नेपाली रुपये जब्त किए गए। एक मोटरसाइकिल की पंजीकरण संख्या BR 33B P 8742 बताई गई है, जबकि दूसरी का नंबर उपलब्ध विज्ञप्ति में स्पष्ट नहीं है।

प्रेस विज्ञप्ति में गिरफ्तार व्यक्तियों के नाम समस्तीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के नाथुद्वार निवासी लक्ष्मण दास (32) और चंदन कुमार महतो (29), तथा अररिया जिले के फुलकाहा थाना क्षेत्र के भांगही निवासी गुल मोहम्मद (28) बताए गए हैं।

**नेपाल से सुपौल पहुंचाने का दावा**

एसएसबी के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में पकड़े गए व्यक्तियों ने कथित तौर पर मादक पदार्थों को 'कैरियर' के रूप में ढोने की बात कही। प्रेस विज्ञप्ति का दावा है कि गांजे की खेप नेपाल के सुनसरी जिले के साहेबगंज से लाकर सुपौल में किसी अज्ञात व्यक्ति को सौंपी जानी थी।

गिरफ्तार व्यक्तियों तथा जब्त सामान को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बथनाहा थाने के सुपुर्द कर दिया गया। मामले में किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि का विवरण उपलब्ध नहीं है।

*स्रोत: 56वीं वाहिनी एसएसबी की उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति; तस्वीर प्रेस विज्ञप्ति के साथ प्राप्त।*

बिहार : मकान निर्माण के नक्शा अनुमोदन नियमों में बदलाव की तैयारी

AI निर्मित तस्वीर

पटना । बिहार सरकार ने राज्य में आवासीय भवनों के नक्शा अनुमोदन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नए भवन उपविधि का मसौदा तैयार किया है। उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्री समूह की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए जल्द ही राज्य मंत्रिमंडल की औपचारिक स्वीकृति ली जाएगी।

नई प्रक्रिया के तहत 12 मीटर यानी तीन से चार मंजिला तक की ऊंचाई वाले आवासीय भवनों के लिए नक्शा पास कराने की अनिवार्यता को समाप्त करने का प्रावधान है। इसके लिए रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट या इंजीनियर द्वारा तैयार मानक स्वप्रमाणित नक्शा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना होगा और निर्धारित सरकारी शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करने के बाद सिस्टम से ऑटोमेटिक स्वीकृति प्रमाणपत्र प्राप्त किया जा सकेगा।

अन्य मामलों में 30 दिनों के भीतर नक्शा स्वीकृत न होने पर उसे स्वतः स्वीकृत मान लिया जाएगा। साथ ही, नक्शे की मंजूरी की वैधता अवधि को दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष कर दिया गया है। भवनों को ऊंचाई और जोखिम के आधार पर श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिसमें 12 मीटर तक के भवनों को निम्न जोखिम श्रेणी में रखा गया है।

नियमों के अनुसार मकान तक पहुंचने वाला रास्ता कम से कम 3.7 मीटर यानी लगभग 12 फीट चौड़ा होना चाहिए। सड़क को 12 फीट चौड़ा करने के लिए जमीन छोड़ने वाले भूखंड मालिकों को अतिरिक्त एफएआर का लाभ दिए जाने का प्रावधान है। इसके अलावा सभी प्रकार के भूखंडों के लिए बेस एफएआर 3 तय किया गया है और छोटे भूखंडों को सेटबैक नियमों से छूट दी गई है।





स्रोत: ndtv.in

Bihar : सुपौल मंडल कारा का CJM व DLSA सचिव ने किया निरीक्षण; बंदियों की विधिक सहायता और सुविधाओं की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान CJM राम चंद्र प्रसाद, डीएलएसए सचिव अमित गौरव एवं अन्य अधिकारी।

सुपौल, 29 सितंबर 2026। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राम चंद्र प्रसाद और जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल के सचिव अमित गौरव ने मंगलवार को मंडल कारा, सुपौल का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, डीएलएसए, सुपौल राजेश कुमार बच्चन के निर्देशानुसार किया गया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बंदियों से बातचीत कर उनके मुकदमों की स्थिति, विधिक सहायता की उपलब्धता और व्यक्तिगत समस्याओं के बारे में जानकारी ली। विशेष रूप से उन बंदियों की स्थिति पर ध्यान दिया गया, जो आर्थिक या अन्य कारणों से अपने लिए अधिवक्ता नियुक्त करने में सक्षम नहीं हैं। पात्र बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने मंडल कारा के रसोईघर का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और साफ-सफाई की व्यवस्था का जायजा लिया। संबंधित कारा पदाधिकारियों को भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता बनाए रखने के संबंध में निर्देश दिए गए।

इसके बाद कारा अस्पताल का निरीक्षण कर बंदियों को उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। आवश्यकतानुसार बंदियों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान पेयजल, साफ-सफाई, मूलभूत सुविधाओं और बंदियों के कल्याण से जुड़ी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा हुई। डीएलएसए सचिव ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पात्र बंदियों को समय पर प्रभावी विधिक सहायता मिले और किसी बंदी को केवल आर्थिक असमर्थता के कारण न्याय प्राप्त करने में कठिनाई न हो।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अनुसार, यह निरीक्षण माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, डीएलएसए, सुपौल श्री राजेश कुमार बच्चन के मार्गदर्शन में बंदियों के अधिकारों, कल्याण एवं न्याय तक उनकी सुगम पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।


अररिया/बिहार : बथनाहा में ‘मेरे सपनों का भारत’ पेंटिंग प्रतियोगिता, जोया प्रथम और सुहानी द्वितीय

‘मेरे सपनों का भारत’ थीम पर बनाई गई पेंटिंग्स के साथ प्रतियोगिता में शामिल छात्राएं।

बथनाहा, 28 सितंबर 2026। स्थानीय प्रस्वीकृत मध्य विद्यालय कोशी शिविर, बथनाहा में सोमवार को ‘मेरे सपनों का भारत’ थीम पर छात्र-छात्राओं के बीच पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में विद्यालय में अध्ययनरत सभी वर्गों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रतियोगिता में जोया खातून ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि सुहानी कुमारी दूसरे स्थान पर रहीं। विद्यालय प्रधान सुभाष कुमार ने दोनों विजेता छात्राओं को पुरस्कृत किया।

इसके अलावा सलोनी कुमारी, रोशनी कुमारी, निहारिका कुमारी, चंकी रानी, दिव्यांशी सिंह और हिमानी कुमारी को सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी पेंटिंग के माध्यम से स्वच्छ, शिक्षित, हरित और विकसित भारत की कल्पना को प्रस्तुत किया। मौके पर विद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षिकाएं मौजूद रहे।

बिहार : कोसी का जलस्तर बढ़ा; सुपौल के 70 गांवों की करीब 80 हजार आबादी प्रभावित

 बराज से 3,16,795 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद बाढ़ जैसे हालात; 169 नावें चालू, 21 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित, 2,701 पॉलीथिन शीट वितरित



सुपौल, 27 सितम्बर 2026। कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि होने के बाद सुपौल जिले के कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। जिला आपदा कार्यालय, सुपौल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 26 सितम्बर 2026 को सुबह 5 बजे बराज से 3,16,795 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण जिले के 70 गांवों की लगभग 80 हजार आबादी प्रभावित हुई है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी बाढ़ प्रभावित अंचलों—सुपौल, किशनपुर, सरायगढ़-भपटियाही, निर्मली एवं मरौना—के अंचलाधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, सुपौल द्वारा सभी प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों का लगातार संचालन और अनुश्रवण किया जा रहा है।

प्रशासन की ओर से तटबंध के भीतर तथा निचले इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए आवश्यकतानुसार कुल 169 निजी नावों का परिचालन शुरू किया गया है। साथ ही आवागमन को सुचारु बनाए रखने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है।

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जिला प्रशासन द्वारा 21 सामुदायिक रसोई केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से अब तक 16,894 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके अलावा प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री के तौर पर अब तक 2,701 पॉलीथिन शीट्स का वितरण किया गया है।

जिला प्रशासन ने बताया है कि सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने तथा राहत एवं बचाव कार्य में तेजी बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और जरूरत के अनुसार आगे भी राहत व्यवस्था मजबूत की जा रही है।

बिहार: समस्तीपुर के हसनपुर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन; बिहार पीड़ित मुआवजा योजना की दी गई जानकारी

प्रतीकात्मक तस्वीर

समस्तीपुर।  जिले के हसनपुर स्थित बरगांव पंचायत भवन में 27 सितंबर 2026 को एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का आयोजन अनुमंडल विधिक सेवा समिति, रोसड़ा की ओर से किया गया था।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को बिहार पीड़ित मुआवजा योजना, 2014 के विभिन्न प्रावधानों से अवगत कराया गया। पैनल अधिवक्ता विपिन कुमार और पारा विधिक स्वयंसेवक मिथुन पासवान ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि अपराध के पीड़ितों या उनके आश्रितों को आर्थिक और कानूनी सहायता प्रदान की जाती है।

अधिवक्ता ने जानकारी दी कि इस प्रकार की सहायता प्राप्त करने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क किया जा सकता है। साथ ही, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता मिलने की बात भी बताई गई और किसी भी कानूनी समस्या पर विधिक सेवा समिति से मार्गदर्शन लेने की सलाह दी गई।

शिविर में मिथुन पासवान ने उपस्थित लोगों से अपने अधिकारों को लेकर जागरूक रहने का आह्वान किया। इस आयोजन में बरगांव पंचायत के मुखिया रणवीर पासवान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने इस दौरान कानूनी जानकारियां प्राप्त कीं।

स्रोत: 

बिहार : सुपौल के आसनपुर कूपहा सामुदायिक किचन का अपर समाहर्ता ने किया निरीक्षण

आसनपुर कूपहा स्थित सामुदायिक किचन का निरीक्षण करते अपर समाहर्ता सच्चिदानंद सुमन।
आसनपुर कूपहा स्थित सामुदायिक किचन का निरीक्षण करते अपर समाहर्ता सच्चिदानंद सुमन।
फोटो: डीपीआरओ, सुपौल

सुपौल, 27 सितंबर। अपर समाहर्ता सच्चिदानंद सुमन ने रविवार को किशनपुर अंचल अंतर्गत आसनपुर कूपहा में संचालित सामुदायिक किचन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, वितरण व्यवस्था और परिसर की साफ-सफाई का जायजा लिया।

करीब 200 प्रभावित लोगों ने किया भोजन

निरीक्षण के समय सामुदायिक किचन में करीब 200 प्रभावित लोग भोजन करते पाए गए। इनमें बच्चों और महिलाओं की संख्या अधिक थी। प्रभावित लोगों के लिए दाल, चावल तथा सोयाबीन-आलू की सब्जी तैयार की गई थी। सभी लोगों को स्टील की प्लेट में भोजन परोसा जा रहा था।

भोजन की गुणवत्ता संतोषप्रद

निरीक्षण के दौरान भोजन की गुणवत्ता संतोषप्रद पाई गई। अपर समाहर्ता ने अंचल अधिकारी को सामुदायिक किचन परिसर में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाए रखने तथा प्रभावित लोगों को समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

यह जानकारी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, सुपौल ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।

बिहार : पूर्णिया में हृदय स्वास्थ्य की जांच के लिए बढ़ रहा अस्पतालों का रुख, 14 महीनों में 35,213 ईसीजी जांच

जिले के प्रखंड अस्पतालों में ईसीजी मशीनें कार्यरत; जुलाई 2026 में सबसे अधिक 5,720 जांच दर्ज



 

पूर्णिया, 27 सितंबर। जिले के प्रखंड अस्पतालों में हृदय संबंधी परेशानी की जांच के लिए ईसीजी कराने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2025 से 26 सितंबर 2026 तक जिले में कुल 35,213 ईसीजी जांच दर्ज की गई हैं। विभाग का कहना है कि सभी प्रखंड अस्पतालों में ईसीजी मशीनें कार्यरत हैं, जहां जरूरत के अनुसार लोगों की जांच की जा रही है।

ईसीजी जांच की संख्या में शुरुआती महीनों के मुकाबले उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज हुई है। अगस्त 2025 में जहां तीन जांच हुई थीं, वहीं जुलाई 2026 में यह संख्या 5,720 तक पहुंच गई। सितंबर 2026 में भी 26 तारीख तक 3,466 लोगों की जांच दर्ज की गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जांच में हृदय संबंधी परेशानी के संकेत मिलने पर मरीज को चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाता है।

लक्षण दिखने पर चिकित्सक से जांच कराने की सलाह

जिला गैर संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. सुभाष कुमार सिंह ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ जीवनशैली और पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हृदय रोग का जोखिम बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि सीने में दर्द, घबराहट, धड़कन असामान्य रूप से तेज या धीमी महसूस होना, सांस फूलना और चक्कर आना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण होने पर चिकित्सक से परामर्श लेकर जांच करानी चाहिए।

डॉ. सिंह के अनुसार, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और लंबे समय से धूम्रपान करने वाले लोगों को भी अपने हृदय स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहना चाहिए। किस व्यक्ति को ईसीजी या अन्य जांच की जरूरत है और कितने अंतराल पर जांच होनी चाहिए, इसका निर्णय उसके लक्षणों और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर चिकित्सक करते हैं।

प्रखंड अस्पतालों में उपलब्ध है ईसीजी सुविधा

सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया ने बताया कि जिले के सभी प्रखंड अस्पतालों में ईसीजी मशीनें कार्यरत हैं। हृदय संबंधी परेशानी लेकर आने वाले व्यक्ति की जांच के बाद चिकित्सक रिपोर्ट और अन्य लक्षणों के आधार पर आगे के उपचार की सलाह देते हैं। विभाग का प्रयास है कि लोगों को स्थानीय स्तर पर प्रारंभिक जांच की सुविधा मिल सके।

ईसीजी से हृदय की विद्युत गतिविधि दर्ज की जाती है। इसकी रिपोर्ट का आकलन मरीज के लक्षणों और अन्य चिकित्सकीय जांच के साथ किया जाता है। जरूरत पड़ने पर चिकित्सक मरीज को आगे की जांच या उपचार के लिए भेज सकते हैं।

अगस्त 2025 से सितंबर 2026 तक का मासिक आंकड़ा

डीपीएम सोरेंद्र कुमार दास ने बताया कि अगस्त 2025 से 26 सितंबर 2026 तक जिले के प्रखंड अस्पतालों में कुल 35,213 ईसीजी जांच हुई हैं। विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए मासिक आंकड़े इस प्रकार हैं:

माहईसीजी जांच
अगस्त 20253
सितंबर 202534
अक्टूबर 2025219
नवंबर 2025449
दिसंबर 20251,262
जनवरी 20261,904
फरवरी 20262,362
मार्च 20262,707
अप्रैल 20263,705
मई 20263,462
जून 20264,981
जुलाई 20265,720
अगस्त 20264,939
सितंबर 2026 (26 तारीख तक)3,466
कुल35,213

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 के जून, जुलाई और अगस्त में हर महीने चार हजार से अधिक जांच हुईं। जुलाई में पूरे उपलब्ध अवधि की सर्वाधिक जांच दर्ज की गई। स्वास्थ्य विभाग ने हृदय संबंधी लक्षण महसूस होने पर लोगों से निकटतम अस्पताल में चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा है।

बिहार : विश्व पर्यटन दिवस पर सुपौल एवं बीरपुर में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

 NALSA एवं BSLSA के तत्वावधान में आमजन को निःशुल्क विधिक सहायता, पीड़ित प्रतिकर, मध्यस्थता और स्थानीय पर्यटन-धरोहर संरक्षण के प्रति किया गया जागरूक

विधिक जागरूकता कार्यक्रम में शामिल आमजन।

सुपौल, 27 सितम्बर 2026।

विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (BSLSA) के तत्वावधान में, माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल, श्री राजेश कुमार बच्चन के निर्देशन तथा श्री अमित गौरव, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल के पर्यवेक्षण में सुपौल एवं अनुमंडल बीरपुर में विभिन्न विधिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता, पीड़ित प्रतिकर तथा वैकल्पिक विवाद समाधान के माध्यमों के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान विशेष रूप से बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना के अंतर्गत पात्र पीड़ितों एवं उनके आश्रितों को उपलब्ध प्रतिकर तथा पुनर्वास संबंधी सहायता की जानकारी दी गई।

साथ ही, मध्यस्थता (Mediation) के महत्व एवं लाभों पर प्रकाश डालते हुए लोगों को विवादों के शांतिपूर्ण, शीघ्र एवं सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए मध्यस्थता अपनाने हेतु प्रेरित किया गया। वर्तमान में संचालित “Mediation for Nation 3.0” कार्यक्रम की भी विस्तार से जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों एवं कमजोर वर्गों के अधिकारों के साथ-साथ लोक अदालत और अन्य विधिक सेवाओं के संबंध में भी लोगों को जागरूक किया गया।

स्थानीय पर्यटन एवं धरोहर संरक्षण पर विशेष जोर

विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर सुपौल जिले की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत तथा पर्यटन की संभावनाओं पर भी विशेष चर्चा की गई। राघोपुर स्थित विष्णु मंदिर, भीमाशंकर मंदिर एवं टिलेश्वर मंदिर सहित अन्य स्थानीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास की आवश्यकता पर बल दिया गया।

आमजन से पर्यटन स्थलों की स्वच्छता, सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण एवं सांस्कृतिक विरासत की रक्षा में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई। यह संदेश दिया गया कि कानूनी रूप से जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक ही सुरक्षित, स्वच्छ, शांतिपूर्ण और पर्यटक-अनुकूल समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

कार्यक्रम के अंत में आमजन से अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, विवादों के शांतिपूर्ण समाधान को अपनाने तथा पात्र व्यक्तियों को उपलब्ध निःशुल्क विधिक सेवाओं एवं पीड़ित प्रतिकर योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करने की अपील की गई।

बिहार : गोपालगंज से लापता दो स्कूली छात्राओं का वीडियो वायरल, समलैंगिक विवाह का दावा

गोपालगंज से लापता दो स्कूली छात्राओं का वीडियो वायरल, AI जेनरेटेड

गोपालगंज ।  जिले के फुलवरिया थाना क्षेत्र से पांच दिन पहले लापता हुई दो स्कूली छात्राओं से जुड़ा मामला सामने आया है। इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हो रहा है, जिसमें दोनों छात्राएं शादीशुदा स्थिति में नजर आ रही हैं और स्वजन से खोजबीन नहीं करने की बात कह रही हैं। हालांकि, इस प्रसारित वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों छात्राएं 23 सितंबर को कोचिंग जाने की बात कहकर घर से निकली थीं और वापस नहीं लौटी थीं। इनमें से एक छात्रा की उम्र 17 वर्ष और दूसरी की उम्र 21 वर्ष बताई गई है। काफी तलाश के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तब दोनों की माताओं ने फुलवरिया थाने में अलग-अलग लिखित शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत में अनहोनी की आशंका जताए जाने के बाद पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने दोनों छात्राओं का पता हरियाणा में लगाया है और उनकी जल्द बरामदगी की बात कही जा रही है।


किशनपुर दक्षिण में सहयोग शिविर का डीएम सावन कुमार ने किया निरीक्षण, मौके पर बांटे प्रमाण पत्र

किशनपुर दक्षिण पंचायत में सहयोग शिविर के दौरान जॉब कार्ड व प्रमाण पत्र वितरित करते डीएम सावन कुमार

सुपौल। किशनपुर प्रखंड की किशनपुर दक्षिण पंचायत में मंगलवार को आयोजित सहयोग शिविर का जिलाधिकारी सावन कुमार ने निरीक्षण किया। शिविर में उन्होंने ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर राशन, पेंशन, आवास, भू-राजस्व और मनरेगा से जुड़ी समस्याएं सुनीं तथा लंबित आवेदनों की समीक्षा की।

डीएम ने बीडीओ समेत संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों को पोर्टल पर दर्ज कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से निस्तारित करने का निर्देश दिया।

शिविर के दौरान मनरेगा जॉब कार्ड तथा जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र सहित विभिन्न नागरिक सेवाओं से जुड़े दस्तावेज लाभुकों को मौके पर उपलब्ध कराए गए।

शिविर में प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, राजस्व कर्मचारी, आवास सहायक, मनरेगा पीआरएस और अन्य संबंधित विभागों के कर्मी मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि पात्र लाभुकों को सरकारी सेवाओं के लिए अनावश्यक रूप से प्रखंड कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें और उनके आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

सोशल मीडिया पर पुलिस के खिलाफ वीडियो वायरल करने वाली महिला सिपाही गिरफ्तार, तीन मामलों का भी पुलिस ने किया खुलासा

 

मधेपुरा। पुलिस के खिलाफ सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करना एक महिला सिपाही को भारी पड़ गया। मधेपुरा पुलिस ने किशनगंज जिला बल में पदस्थापित महिला सिपाही रिंकू कुमारी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, महिला सिपाही पर मधेपुरा पुलिस के विरुद्ध झूठे एवं भ्रामक आरोप लगाकर वीडियो वायरल करने तथा लोगों को पुलिस के खिलाफ भड़काने के लिए प्रेरित करने का आरोप है।

मधेपुरा पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, महिला सिपाही को 18 अगस्त 2026 को पटना जिला अंतर्गत एक स्थान से गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि वह पुलिस के विरुद्ध वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में वांछित थी।

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की नजर में आईं

पुलिस के मुताबिक, रिंकू कुमारी ने मधेपुरा पुलिस के विरुद्ध झूठे एवं गंभीर आरोप लगाते हुए वीडियो तैयार किया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया। पुलिस का आरोप है कि वीडियो के माध्यम से पुलिस की छवि खराब करने तथा लोगों को पुलिस के खिलाफ भड़काने का प्रयास किया गया।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने महिला सिपाही की पहचान की और उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू की।

35 वर्षीय महिला सिपाही, पटना में भी जुड़ा है ठिकाना

पुलिस की गिरफ्तारी सूची के अनुसार रिंकू कुमारी की उम्र करीब 35 वर्ष है। उनके पिता का नाम अनिल कुमार झा और पति का नाम कन्हैया कुमार बताया गया है। पुलिस रिकॉर्ड में उनका संबंध मधेपुरा जिले से बताया गया है, जबकि उनका एक पता पटना के कंकड़बाग क्षेत्र की बिहार कॉलोनी रोड का भी दर्ज है।

एक नहीं, तीन मामलों का पुलिस ने किया खुलासा

गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने रिंकू कुमारी का आपराधिक इतिहास भी जारी किया है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार उनके विरुद्ध निम्न मामले दर्ज हैं—

1. मधेपुरा थाना कांड संख्या 862/25
दिनांक 22 अगस्त 2025 को दर्ज इस मामले में BNS की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

2. मधेपुरा थाना कांड संख्या 808/26
दिनांक 4 अगस्त 2026 को दर्ज इस मामले में BNS की धारा 115(2), 126(2), 109 एवं 351(2) के तहत कार्रवाई का उल्लेख है।

3. मधेपुरा थाना कांड संख्या 37/26
दिनांक 17 अगस्त 2026 के इस मामले में BNS की धारा 132, 308(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(c) के तहत प्राथमिकी दर्ज होने की बात प्रेस विज्ञप्ति में कही गई है।

यानी सोशल मीडिया वीडियो वाले मामले में कार्रवाई से पहले भी महिला सिपाही के खिलाफ दो अन्य मामलों का पुलिस रिकॉर्ड मौजूद होने की बात पुलिस ने अपने प्रेस नोट में कही है।

महिला सिपाही को पकड़ने के लिए बनाई गई विशेष टीम

पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी टीम का गठन किया था। प्रेस विज्ञप्ति में सदर थाना मधेपुरा तथा तकनीकी शाखा की टीम के पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।

पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए महिला सिपाही को गिरफ्तार कर लिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की।

पुलिस का दावा—आरोपों की जांच के बाद हुई कार्रवाई

मधेपुरा पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल किए गए वीडियो में पुलिस एवं पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच की गई। पुलिस ने आरोपों को झूठा एवं भ्रामक बताया है और इसी आधार पर महिला सिपाही के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की गई।

मामला अब न्यायिक प्रक्रिया में है। इसलिए महिला सिपाही पर लगाए गए आरोपों का अंतिम सत्य न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही निर्धारित होगा। मधेपुरा पुलिस ने अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अभियान जारी रखने की बात कही है।




नोट: गिरफ्तारी और आरोपों से संबंधित उपरोक्त विवरण मधेपुरा पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र न्यायिक पुष्टि अभी बाकी है।

बिहार में मानसून का असर तेज, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; निचले इलाकों में जलभराव की आशंका

पटना, बिहार: बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिसके चलते राज्य के कई जिलों में आगामी दिनों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए चेतावनी जारी की है कि लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़क अवरोध और यातायात प्रभावित होने की आशंका बढ़ सकती है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने मौसमीय तंत्र और सक्रिय मानसूनी परिस्थितियों के कारण बिहार सहित पूर्वी भारत के कई हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। राज्य के उत्तर और मध्य भागों में कहीं-कहीं भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

प्रशासन अलर्ट मोड पर

संभावित भारी वर्षा को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निकायों को जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने तथा संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने को कहा गया है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखने की अपील की है।

नदियों के जलस्तर पर भी नजर

बिहार देश के सबसे अधिक बाढ़ प्रभावित राज्यों में से एक माना जाता है। मानसून के दौरान कोसी, गंडक, बागमती, बूढ़ी गंडक और महानंदा जैसी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। लगातार बारिश की स्थिति में नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ सकती हैं।

किसानों के लिए राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी

बारिश से धान और अन्य खरीफ फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे कृषि कार्यों को गति मिलेगी। हालांकि अत्यधिक वर्षा की स्थिति में खेतों में पानी भरने और फसलों को नुकसान पहुंचने की संभावना भी बनी रहती है। ऐसे में कृषि विशेषज्ञ किसानों को जलनिकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं।

लोगों के लिए सलाह

  • जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
  • बिजली के खंभों और खुले तारों से दूरी बनाए रखें।
  • बच्चों को नालों और जलभराव वाले स्थानों के पास न जाने दें।
  • मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
  • आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।


बिहार में सक्रिय मानसून के चलते अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। जहां एक ओर यह वर्षा किसानों के लिए राहत लेकर आएगी, वहीं दूसरी ओर निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों का खतरा भी बढ़ा सकती है। प्रशासन ने एहतियात बरतने और सतर्क रहने की अपील की है।