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बिहार : पूर्णिया में हृदय स्वास्थ्य की जांच के लिए बढ़ रहा अस्पतालों का रुख, 14 महीनों में 35,213 ईसीजी जांच

जिले के प्रखंड अस्पतालों में ईसीजी मशीनें कार्यरत; जुलाई 2026 में सबसे अधिक 5,720 जांच दर्ज



 

पूर्णिया, 27 सितंबर। जिले के प्रखंड अस्पतालों में हृदय संबंधी परेशानी की जांच के लिए ईसीजी कराने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2025 से 26 सितंबर 2026 तक जिले में कुल 35,213 ईसीजी जांच दर्ज की गई हैं। विभाग का कहना है कि सभी प्रखंड अस्पतालों में ईसीजी मशीनें कार्यरत हैं, जहां जरूरत के अनुसार लोगों की जांच की जा रही है।

ईसीजी जांच की संख्या में शुरुआती महीनों के मुकाबले उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज हुई है। अगस्त 2025 में जहां तीन जांच हुई थीं, वहीं जुलाई 2026 में यह संख्या 5,720 तक पहुंच गई। सितंबर 2026 में भी 26 तारीख तक 3,466 लोगों की जांच दर्ज की गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जांच में हृदय संबंधी परेशानी के संकेत मिलने पर मरीज को चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाता है।

लक्षण दिखने पर चिकित्सक से जांच कराने की सलाह

जिला गैर संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. सुभाष कुमार सिंह ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ जीवनशैली और पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हृदय रोग का जोखिम बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि सीने में दर्द, घबराहट, धड़कन असामान्य रूप से तेज या धीमी महसूस होना, सांस फूलना और चक्कर आना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण होने पर चिकित्सक से परामर्श लेकर जांच करानी चाहिए।

डॉ. सिंह के अनुसार, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और लंबे समय से धूम्रपान करने वाले लोगों को भी अपने हृदय स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहना चाहिए। किस व्यक्ति को ईसीजी या अन्य जांच की जरूरत है और कितने अंतराल पर जांच होनी चाहिए, इसका निर्णय उसके लक्षणों और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर चिकित्सक करते हैं।

प्रखंड अस्पतालों में उपलब्ध है ईसीजी सुविधा

सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया ने बताया कि जिले के सभी प्रखंड अस्पतालों में ईसीजी मशीनें कार्यरत हैं। हृदय संबंधी परेशानी लेकर आने वाले व्यक्ति की जांच के बाद चिकित्सक रिपोर्ट और अन्य लक्षणों के आधार पर आगे के उपचार की सलाह देते हैं। विभाग का प्रयास है कि लोगों को स्थानीय स्तर पर प्रारंभिक जांच की सुविधा मिल सके।

ईसीजी से हृदय की विद्युत गतिविधि दर्ज की जाती है। इसकी रिपोर्ट का आकलन मरीज के लक्षणों और अन्य चिकित्सकीय जांच के साथ किया जाता है। जरूरत पड़ने पर चिकित्सक मरीज को आगे की जांच या उपचार के लिए भेज सकते हैं।

अगस्त 2025 से सितंबर 2026 तक का मासिक आंकड़ा

डीपीएम सोरेंद्र कुमार दास ने बताया कि अगस्त 2025 से 26 सितंबर 2026 तक जिले के प्रखंड अस्पतालों में कुल 35,213 ईसीजी जांच हुई हैं। विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए मासिक आंकड़े इस प्रकार हैं:

माहईसीजी जांच
अगस्त 20253
सितंबर 202534
अक्टूबर 2025219
नवंबर 2025449
दिसंबर 20251,262
जनवरी 20261,904
फरवरी 20262,362
मार्च 20262,707
अप्रैल 20263,705
मई 20263,462
जून 20264,981
जुलाई 20265,720
अगस्त 20264,939
सितंबर 2026 (26 तारीख तक)3,466
कुल35,213

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 के जून, जुलाई और अगस्त में हर महीने चार हजार से अधिक जांच हुईं। जुलाई में पूरे उपलब्ध अवधि की सर्वाधिक जांच दर्ज की गई। स्वास्थ्य विभाग ने हृदय संबंधी लक्षण महसूस होने पर लोगों से निकटतम अस्पताल में चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा है।

पूर्णिया: निक्षय मित्र योजना के तहत 27 टीबी मरीजों को फूड बास्केट वितरित



पूर्णिया, 26 सितंबर। जनभागीदारी अभियान के अंतर्गत निक्षय मित्र योजना के तहत शनिवार को पूर्णिया जिले के डगरुआ प्रखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 27 टीबी मरीजों के बीच फूड बास्केट का वितरण किया गया। कार्यक्रम सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया के निर्देश पर जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. मोहम्मद तनवीर हैदर के नेतृत्व में आयोजित हुआ। इस दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजी चंचल समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

दवा के साथ पौष्टिक आहार जरूरी

जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. मोहम्मद तनवीर हैदर ने कहा कि टीबी से स्वस्थ होने के लिए नियमित दवा के साथ पौष्टिक और संतुलित आहार लेना भी आवश्यक है। उन्होंने मरीजों से उपचार के दौरान दवा नियमित रूप से लेने तथा स्वास्थ्यकर्मियों के संपर्क में बने रहने की अपील की।

सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजी चंचल ने मरीजों को टीबी रोग, उसके उपचार और सरकार की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने पात्र मरीजों से उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और योजनाओं का लाभ लेने का आग्रह किया।

स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रिय सहभागिता

कार्यक्रम को सफल बनाने में डीपीएस राजेश शर्मा, बीएचएम अविनाश कुमार, बीसीएम बंदना कुमारी, सहयोगी कर्मी राजनाथ झा, लिपिक दिलीप चौधरी, लेखापाल विनोद कुमार, मो. साकिब, एसटीएस पूजा कुमारी और जयप्रकाश कुमार सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम का उद्देश्य टीबी मरीजों को उपचार के साथ आवश्यक पोषण सहयोग उपलब्ध कराना और जनभागीदारी के माध्यम से टीबी उन्मूलन अभियान को मजबूत करना है।