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सुनसरी मे शांति वार्ता विफल, चौथे दिन भी प्रदर्शनकारियों का हिंसक प्रदर्शन रहा जारी


  • डीएसपी सहित 15 जवान घायल

जोगबनी (अररिया)। अररिया जिले के फुलकाहा थाना से सटे भारत-नेपाल सीमा से सटे सुनसरी जिला अंतर्गत रामनगर भुटहा में गुरुवार को दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद जहां तीसरे दिन भी कर्फ्यू लगा रहा। वहीं रविवार को शांति वार्ता को लेकर नेपाल के एसपी समेत सर्वदलीय बैठक बुलाई गयी थी जिसमें अधिकारी व एक पक्ष के लोग तो पहुंचे लेकिन दूसरे पक्ष के लोग नहीं पहुंचने के कारण शांति वार्ता विफल हो गयी। 

प्रदर्शनकारियों का आक्रोश लगातार तीसरे दिन भी देखा गया। कई जगहों पर टायर जलाकर उग्र प्रदर्शन किया गया वहीं नेपाल के हरीनगरा गांवपालिका में नेपाल पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच हुए हिंसक झड़प में जिला पुलिस कार्यालय सुनसरी के डीएसपी नवीन कृष्ण भण्डारी सहित 15 पुलिस जवान घायल हुए है।

जिला पुलिस कार्यालय सुनसरी के एसपी ने बताया कि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए चार राउंड फायरिंग की व दर्जनों आंसू गैस के गोले दागे।



नेपाल में दो समूह में भिडंत, पुलिस ने चलाई करीब 83 राउंड गोली, 13 पुलिसकर्मी सहित 23 घायल


सुनसरी (नेपाल)। सीमापार नेपाल के सुनसरी जिले के  रामनगर भुटाहा में शुक्रवार को दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई। जिसमें पुलिस को स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए लाठीचार्ज से लेकर फायरिंग करना पड़ा। पुलिस की ओर से करीब 83 राउंड फायरिंग की गई जिसमें दस लोगों के गोली लगने से घायल होने की बात कही जा रही है।दो समूह में हुए झडप  के बाद स्थिति को नियंत्रण मे लेने के लिए पुलिस ने हवाई फायर किया।



सुनसरी पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गुरुवार को हरिनगर गांवपालिका के भुटाहा में जीवन मेहता नाम के एक युवक को एक समूह के युवकों द्वारा मारपीट किया गया था। लोगों का आरोप था कि पुलिस की उपस्थिति में उक्त घटना को अंजाम दिया गया। इससे आक्रोशित होकर शुक्रवार को 5 हजार से ज्यादा लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जाने लगा। इस दौरान दोनों पक्ष लोग आपस में भिड़ गए और घटना उग्ररूप लेने लगा। जिसके बाद पुलिस ने हवाई फायर के साथ 83 राउण्ड गोली व दर्जनों आंसू गैस के गोले दागे। 



मामले की पुष्टि करते हुए कोशी प्रदेश पुलिस प्रवक्ता पुलिस उपरीक्षक दीपक सिग्देल ने बताया कि दो समूह के बीच हुए झड़प को नियन्त्रण में लेने के लिए पुलिस ने हवाई फायर किया जिसमें दस व्यक्ति गोली लगने से घायल हुए हैं। घायलों में पांच लोगों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। पांच घायलों का ईलाज नोवेल मेडिकल कॉलेज में किया जा रहा है। वहीं 17 पुलिस कर्मी घायल है जिनका इलाज किया जा रहा है और वे खतरे से बाहर हैं।


स्थिति तनावपूर्ण होने के बाद सुनसरी जिला प्रशासन ने सुरक्षा समिति के साथ बैठक की। जिसके बाद सुनसरी जिला मुख्यालय इनरुवा, हरिनगर गांवपालिका, देवानगंज, कोशी गाँवपालिका में कर्फ्यू लगा दिया गया है। साथ ही स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस को बल प्रयोग की अनुमति दी गयी है। उक्त आदेश सुनसरी के प्रमुख जिला अधिकारी वेदराज फुयल के द्वारा दी गयी है।

बहरहाल दोनों पक्षों में भिडंत के बाद स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताया जा रहा है। वहीं इन सभी इलाके में नेपाली सेना गश्ती कर रही है। कर्फ्यू लगाए जाने के कारण अररिया के फुलकाहा से सटे नेपाल ईलाके में भारतीय लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। भारतीय सीमा पर एसएसबी की गश्त तेज कर दी गई है। साथ ही एसएसबी जवानों को अलर्ट मोड में रखा गया है। एसएसबी के अधिकारी सीमा पार नेपाल की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

दिल्ली महारैली में भाग लेने के लिए अररिया से आम आदमी पार्टी के सैंकड़ों कार्यकर्ता रवाना



अररिया। जिले से सैंकड़ों आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक ट्रेन और बस से दिल्ली के रामलीला मैदान में 31 मार्च को आयोजित ऐतिहासिक महारैली में शामिल होने के लिए शुक्रवार को रवाना हो गए। यह जानकारी बिहार प्रदेश प्रवक्ता और जोनल प्रभारी चंद्र भूषण ने एक बयान में दी। उन्होंने बताया कि असंवैधानिक तरीके से ईडी को हथियार बनाते हुए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मोदी सरकार ने कथित शराब नीति में गिरफ्तार करवा दिया है।

श्री भूषण ने बताया कि विपक्षी नेताओं को अलोकतांत्रिक तरीके से मोदी सरकार द्वारा प्रताड़ित कर जेल भेजा जा रहा है। इस कड़ी में आम आदमी पार्टी के सीटिंग मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित पांच प्रमुख नेताओं संजय सिंह, मनीष सिसोदिया, सत्येन्द्र जैन और विजय नायर को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि ईडी और सीबीआई की जांच में चवन्नी भी एजेंसियों के हाथ नहीं लगी है। नहीं कोई मनी ट्रेल (रुपए का लेन-देन) साबित हुआ है। इन्हें इसलिए गिरफ्तार किया गया ताकि आगामी लोकसभा चुनाव में इन्हें प्रचार अभियान से रोका जाए। साथ ही एक कट्टर ईमानदार पार्टी को बदनाम किया जा सके।

श्री भूषण ने बताया कि दिल्ली की महारैली में इंडिया गठबंधन में शामिल सभी पार्टी के प्रमुख नेताओं के अलावा पूरे देश भर से करीब 20 लाख लोगों का दिल्ली में महाजुटान होगा और मोदी सरकार के खिलाफ हुंकार भरेंगे।

सुपौल - एक दिवसीय महाधरना प्रदर्शन में सेविका सहायिकाओं ने दिखाई अपनी एकता

  • आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं का अनिश्चितकालीन हड़ताल 29 सितंबर से है जारी 
  • समाहरणालय के समक्ष प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को सौंपा मांग पत्र

सुपौल (बिहार)। जिले भर के आंगनबाड़ी सेविका - सहायिकाओं का अनिश्चितकालीन हड़ताल 29 सितंबर से ही जारी है। बिहार राज्य आंगनबाड़ी संयुक्त संघर्ष समिति कर्मचारी संघ के आह्वान पर जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल के क्रम में शुक्रवार को सेविकाओं-सहायिकाओं ने रैली निकालकर पूरा नगर का भ्रमण करते हुए डिग्री कॉलेज चौक के समीप जिला स्तरीय एक दिवसीय महाधरना दिया। साथ ही आंगनबाड़ी सेविकाओं ने समाहरणालय के समक्ष प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को मांग पत्र सौंपा।

संघ द्वारा दिये गए ज्ञापन में मांग की गई है कि बिहार सरकार द्वारा अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि 10 हजार रूपये सुनिश्चित किया जाए, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में बिहार में भी ग्रेच्युटी भुगतान करना सुनिश्चित किया जाय, केंद्र सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारी का दर्जा देते हुए क्रमश: ग्रेड सी और ग्रेड डी में समायोजित किया जाए, जब तक सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त नहीं हो जाता है तब तक सेविकाओं को 25,000 रु० एवं सहायिकाओं को 18,000 रु० प्रतिमाह मानदेय राशि दिया जाए, योग्य सहायिकाओं को सेविका में बहाली हेतु 10 बोनस अंक देने का प्रावधान लागू किया जाय, सेविका से पर्यवेक्षिका तथा सेविका सहायिका के रिक्त सभी पदों पर अविलंब बहाली किया जाय । 


इस मौके पर जिला संयोजक डॉ देवनारायण मंडल, जिलाध्यक्ष कुमारी बबीता झा, सचिव प्रेमलता कुमारी, प्रतापगंज प्रखंड अध्यक्ष निर्मला कुमारी, पल्लवी कुमारी, उषा कुमारी, संजना देवी, लीना कुमारी, रीता देवी, रेखा रानी, ज्योति कुमारी, कुमोद देवी, पिंकी कुमारी, मधुमाला कुमारी सहित बड़ी संख्या में सेविका-सहायिका मौजूद थी।



शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य कराना शिक्षा अधिकार कानून का उल्लंघन, बीएलओ कार्य की वजह से पठन-पाठन हो रहा प्रभावित: पंकज सिंह

  • बीएलओ कार्य से मुक्ति के लिए 174 शिक्षकों ने सामूहिक रुप से सौंपा आवेदन
  • गैर शैक्षणिक कार्यों के खिलाफ शिक्षकों के सत्याग्रह आन्दोलन को संघ का मिला समर्थन 

सुपौल एक तरफ शिक्षा में सुधार को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा नित्य नए फरमान जारी कर रही है,तो दूसरे तरफ कभी जाति गणना,तो कभी पशु गणना,कभी बोरा बेचना आदि कार्यों के अतिरिक्त बी एल ओ कार्य की वजह से शिक्षक मानसिक प्रताड़ना के दौर से गुजरने के लिए विवश है।जबकि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक द्वारा गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति का आदेश पूर्व में ही निर्गत किया जा चुका है। बावजूद शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य लेने की वजह से पठ्न-पाठ्न प्रभावित हो रहा है।

गैर शैक्षणिक कार्यों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करते शिक्षक

शिक्षकों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि 09 से 04 विद्यालय और 04 से 06 भी. सी. और उसके बाद बी एल ओ कार्य को अंजाम देना कितना पीड़ादायक है,नही बता सकते है। शिक्षकों ने बताया कि बेवजह चार बजे के बाद भी. सी. में आने के लिए विवश किया जाता है,जबकि निरीक्षण टीम प्रतिदिन वही रिपोर्ट ले ही रही है,जो भी. सी.  में पूछा जाता है। इसी से आहत होकर सुपौल प्रखण्ड के 174 शिक्षकों ने  बी एल ओ कार्य से मुक्त करने हेतू प्रखण्ड विकास पदाधिकारी सुपौल को आवेदन समर्पित करते हुए बताया है कि अगर हम सभी शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त नही किया जाता है,तो अगले चरण में बी एल ओ कार्य से सामुहिक सामूहिक इस्तीफा देते हुए कार्य बहिष्कार कर सत्याग्रह शुरू किया जाएगा। वैसे भी शिक्षकों का नियुक्ति पढ़ाने के लिए हुआ है न कि बी एल ओ कार्य करने के लिए। वही शिक्षक संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सह सुपौल जिलाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह ने  सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा निर्गत पत्र का हवाला देते हुए कहा कि सरकार द्वारा  कर्मियों के लिए कार्य का अवधि जहाँ पूर्व से निर्धारित है,वही माननीय उच्च न्यायालय पटना के न्यायादेश के आलोक में  शिक्षा विभाग ने भी शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य नही लेने का पत्र पूर्व में ही निर्गत किया है। उन्होंने बताया कि गैर शैक्षणिक कार्य की वजह से छात्रों का पठ्न-पाठ्न प्रभावित होने से इनकार नही किया जा सकता है। बताया कि शिक्षा अधिकार  कानून में भी गैर शैक्षणिक कार्यों को पुरी तरह प्रतिबंधित किया है। मसलन शिक्षा व शिक्षक हित में सभी शिक्षकों को बी एल ओ कार्य से मुक्त कर देना चाहिए। बताया कि बी एल ओ कार्य से मुक्ति के लिए शिक्षकों के सत्याग्रह आन्दोलन का संघ हर तरह से समर्थन करते हुए जिलाधिकारी से शिक्षकों को बी एल ओ कार्य से मुक्त करने का मांग करती है।

बी एल ओ कार्य से मुक्ति हेतू बिजेन्द्र राम, मुमताज आलम ,जयप्रकाश बिजय पासवान,शंभु राम,राजकुमार पासी,वैद्यनाथ मंडल,विक्रम शर्मा,अशोक पासवान,आनंद कुमार सिंह,संतोष मंडल,राजकुमार मंडल,विनोद कुमार,अरुण शर्मा शहनवाज हुसैन,चन्द्रकांत सिंह,छोटेलाल शर्मा,प्रेम कुमार कामैत,अजित राय,सत्येन्द्र कुमार गयानंद कुमार,पंकज विश्वास,रवि राज,मो अयूब आदि बी एल ओ ने प्रखण्ड विकास पदाधिकारी सुपौल को इस्तीफा सौंपा है।