05 साल की इनायत फतिमा ने रखा रोजा
नागपुर : मोमिनपुरा निवासी 05 साल की मासूम इनायत फातिमा पिता मोहम्मद साजिद ने अपने जिंदगी का पहला रोजा रखा। रमजान के पाक महीने के प्रति अपने
नागपुर : मोमिनपुरा निवासी 05 साल की मासूम इनायत फातिमा पिता मोहम्मद साजिद ने अपने जिंदगी का पहला रोजा रखा। रमजान के पाक महीने के प्रति अपने
भारत नेपाल सीमा से राजेश कुमार शर्मा । ब्राजील के
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 14.2 किलोग्राम के घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 200 रुपए की कटौती की है। दिल्ली में 200 रुपये की कीमत घटकर अब 903 रुपए हो गया है। पहले यह 1103 रुपए थी। वहीं भोपाल में घरेलू गैस सिलेंडर 908 रुपये और जयपुर में 906 रुपये में मिलेगा। कैबिनेट ने मंगलवार को इसकी मंजूरी दे दी है।
इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि ओनम और रक्षाबंधन के त्योहार पर दाम घटाकर पीएम मोदी ने बहनों को बड़ा तोहफा दिया है। देश के 33 करोड़ उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा। इस फैसले से सरकार पर वित्त वर्ष 2023-24 में 7,680 करोड़ का बोझ आएगा। केंद्रीय मंत्री श्री ठाकुर ने कहा कि सरकार 75 लाख नए उज्जवला कनेक्शन भी बांटेगी।
मार्च में भी हुआ था कीमतों में बदलाव
सरकार ने मार्च 2023 में भी घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 50 रुपए की वृद्धि की थी। इसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत 1103 रुपए हो गई थी। इससे पहले 6 जुलाई 2022 को भी कीमत में बदलाव किया गया था। तब भी कीमतें 50 रुपए बढ़ाई गई थी।
अब तक देश में 9.5 करोड़ से ज्यादा कनेक्शन
उज्जवला योजना के तहत अब तक देश में 9.5 करोड़ से ज्यादा कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इस स्कीम को 1 मई 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया में लॉन्च किया गया था। सरकार ने इस योजना की सब्सिडी पर वित्त वर्ष 2022-23 में कुल 6,100 करोड़ रुपए खर्च किए थे। योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा होती है।
एक तरफ बढ़ते कोरोना
संक्रमण को लेकर भारत नेपाल सीमा में आवागमन को कडाई के साथ रोका गया है दूसरी तरफ
जोगबनी के इस्लामपुर मस्जिद चौक के समीप खुली सीमा पर उस वक्त स्थिति तनावपूर्ण हो
गई थी जब कुछ पल के लिए स्थानीय नागरिक व नेपाल पुलिस के बीच हुए हाथापाई हुई। देखते
ही देखते इस्लामपुर की खुली सीमा कुछ देर तक रणभूमि में तब्दील रहा। भारतीय ईलाके
से लोग बड़े बड़े पत्थर फेंकने लगे, तो नेपाल पुलिस के जवानों ने भी दसगज्जा में खड़े हो कर उपद्रवियों के समूह पर
लाठियां भांजी।
अवैध आवागमन का भी है यह
रास्ता
प्राप्त जानकारी के
अनुसार उक्त स्थान से सुबह चार बजे से ही भारत से नेपाल अवैध रूप से तस्करी का
सामान ले जाने वाले गिरोह सक्रिय रहते है। वही कुछ लोग के द्वारा अपरिचित व्यक्ति
को अपने नजदीकी बताकर प्रतिदिन सीमा के इस पार से उस पार भेजने का खेल भी जारी है।
लगातर मिल रही शिकायत के बाद पुलिस के द्वारा सख्ती दिखाने की बात कही गई।
सीमा पार चाय पीने जाने
की स्थानीय ने कही बात
स्थानीय लोगों की माने
तो नेपाल भाग के इस्लामपुर में स्थित एक चाय की दुकान पर चाय पीने के बहाने सैकड़ो
लोग प्रतिदिन जाते रहे हैं। जहाँ लोग चाय पीने को नेपाल जाने से रोके जाने को लेकर
यह घटना घटने की बात कह रहे है। वहीं नेपाल सीमा पुलिए का कहना है कि इस वक़्त
नेपाल में लॉकडाउन के साथ ही स्थल मार्ग से लोगो की आवाजाही पर रोक लगाया गया है। नेपाल
में लगातार बढ़ रहे कोरोना के संक्रमण को लेकर नेपाल में सख्ती बरती जा रही है। इसलिए
रोके जाने पर यह घटना घटित हुई है।
जोगबनी पहुचे आला
अधिकारी
जोगबनी के इस्लामपुर में
हुए नेपाल पुलिस व स्थानीय लोगों के साथ झडप की सूचना पर घटनास्थल पर एसडीएम
सुरेन्द्र कुमार अलबेला, डीएसपी रामपुकार सिंह सदलबल पहुंच मामले की छानबीन किया। तत्पश्चात भारत नेपाल
सीमा पहुंच रानी थाना के निरीक्षक प्रकाश राउत से मिलकर मामले की जानकारी लेते हुए
कार्रवाई के लिए अश्वस्त किया। उन्होंने नेपाल प्रशासन को विश्वास दिलाया कि घटना
को अंजाम देने वाले बख्शा नहीं जाएगा। डीएसपी ने जोगबनी थानाध्यक्ष को घटना में
शामिल लोगों को चिन्हित कर सभी पर कारवाही के निर्देश दिये। इस मौके पर उन्होंने
कहा कि इस मामले में जो भी दोषी है उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
मनीष कुमार/अररिया
लोग कहते हैं मीडिया समाज का दर्पण है। लेकिन समाज को दर्पण दिखाना काफी महंगा पड़ा। जी हां ऐसा ही एक मामला अररिया जिला के भरगामा प्रखंड में देखने को मिला जहां पूरा भारत कोरोना महामारी के चपेट में है और लोग त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। वही तबाही के बीच एक पत्रकार ने सच्चाई का आईना दिखाते हुए ग्रामीणों को यह बताने का प्रयत्न किया कि अब गांव कस्बे में भी कोरोना का प्रकोप बढ़ने लगा है और लोग सचेत व जागरूक होकर कोरोना की जांच कराएं। लेकिन गाँव के दबंगों ने इस बात पर क्रोधित होते हुए पत्रकार पर जानलेवा हमला कर दिया।
बताया जा रहा है कि गांव के अंदर कोरोनाजांच के लिए टीम गई। जांच में 103 लोगों में से 33 लोग कोरोना पॉजिटिव निकले जिसको लेकर गांव के अंदर कोहराम सा मच गया। पत्रकार से गलती इतनी ही हुई कि लोगों को जागरूक करने के लिए खबर का प्रकाशन कर दिया।
पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथे स्तंभ कहा जाता है क्योंकि वह समाज का आईना है। और जब इसी आईना ने गांव के लोगों को उनकी परछाई दिखाई तो गांव के दबंगों ने पत्रकार को ही अपना दबंगई का शिकार बनाया। दबंगों ने पत्रकार से कहा कि यह खबर क्यों प्रकाशित की। तुम्हारी खबर पर गांव के अंदर प्रशासनिक चहलकदमी बढ़ गई है।इसके बाद उन्होंने पत्रकार अंकित की जमकर पिटाई कर दी और घर पर हमला कर तोड़फोड़ किया। मामले को लेकर प्रशासनिक पदाधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। जिससे यह जान पड़ता है कि प्रशासन के लोग मुंह बंद कर मामला को रफा दफा करना चाहते हैं।
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| फोटो- मजदूरी की राशि के लिए दर दर भटकने को मजबूर कलाकार |