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बिहार में मानसून का असर तेज, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; निचले इलाकों में जलभराव की आशंका

पटना, बिहार: बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिसके चलते राज्य के कई जिलों में आगामी दिनों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए चेतावनी जारी की है कि लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़क अवरोध और यातायात प्रभावित होने की आशंका बढ़ सकती है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने मौसमीय तंत्र और सक्रिय मानसूनी परिस्थितियों के कारण बिहार सहित पूर्वी भारत के कई हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। राज्य के उत्तर और मध्य भागों में कहीं-कहीं भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

प्रशासन अलर्ट मोड पर

संभावित भारी वर्षा को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निकायों को जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने तथा संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने को कहा गया है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखने की अपील की है।

नदियों के जलस्तर पर भी नजर

बिहार देश के सबसे अधिक बाढ़ प्रभावित राज्यों में से एक माना जाता है। मानसून के दौरान कोसी, गंडक, बागमती, बूढ़ी गंडक और महानंदा जैसी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। लगातार बारिश की स्थिति में नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ सकती हैं।

किसानों के लिए राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी

बारिश से धान और अन्य खरीफ फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे कृषि कार्यों को गति मिलेगी। हालांकि अत्यधिक वर्षा की स्थिति में खेतों में पानी भरने और फसलों को नुकसान पहुंचने की संभावना भी बनी रहती है। ऐसे में कृषि विशेषज्ञ किसानों को जलनिकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं।

लोगों के लिए सलाह

  • जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
  • बिजली के खंभों और खुले तारों से दूरी बनाए रखें।
  • बच्चों को नालों और जलभराव वाले स्थानों के पास न जाने दें।
  • मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
  • आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।


बिहार में सक्रिय मानसून के चलते अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। जहां एक ओर यह वर्षा किसानों के लिए राहत लेकर आएगी, वहीं दूसरी ओर निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों का खतरा भी बढ़ा सकती है। प्रशासन ने एहतियात बरतने और सतर्क रहने की अपील की है।

बिहार से सटा एक ऐसा हिल स्टेशन जहाँ दिखता है शिमला जैसा नजारा

                          

तपती गर्मी में करें बादलों की सैर वो भी 250 रुपये में

सुपौल। शायद आपको विश्वास ना हो पर यह सच है कि केवल 250 रुपये में आप दो घंटे की यात्रा कर शिमला और मनाली जैसे खूबसूरत हिल स्टेशन का आनन्द ले सकते हैं। रास्ते में ठंडी हवा के झोंके और भेडेटार के स्काई वॉक पर बादलों के बीच टहलने का मज़ा, ये आपकी यात्रा को शानदार बनाते हैं वो भी आपके बजट में।

यह स्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरताशांत वातावरण और रोमांचक अनुभवों के लिए पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। ठंडी हवाओं और बादलों के बीच बसे इस पहाड़ी इलाके को प्रकृति का अनमोल रत्न कहा जा सकता है। पहाड़ों से घिरा यह क्षेत्र नेपाल के कोशी प्रदेश में स्थित है। राजधानी विराटनगर से इसकी दूरी करीब 70 किमी है। पर्यटन के उद्देश्य से यह इलाका काफी समृद्ध है। बादलों के ऊपर पहाड़ों पर स्थित स्काई वॉक यहाँ का सबसे रोमांचक स्थान है जहां आप शीशे पर चलते हुए हजारों फुट नीचे का रोमांचक नजारा देखते हैंवहीं पाथीभारा मंदिर के दर्शन बिना आपका सफर पूर्ण नहीं होगा।


नेपाल के पूर्वी क्षेत्र में बसा भेडेटार, धरान से लगभग 18 किलोमीटर की दूरी पर 1420 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एक खूबसूरत हिल स्टेशन है। धरान-धनकुटा सड़क मार्ग पर यात्रा करते समय भेडेटार एक आदर्श पड़ाव है
जो कोशी अंचल के पहाड़ी जिलों की यात्रा को और भी यादगार बनाता है। भेडेटार का सबसे बड़ा आकर्षण इसका मनोरम दृश्य है। बादलों के बीच बसा यह स्थान प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग समान है। सुबह के समय कोहरे और बादलों के बीच सूर्योदय का नजारा देखने लायक होता है। यहाँ की हरियालीठंडी हवाएँ और शांत वातावरण शहर की भागदौड़ से दूर एक ताजगी भरा अनुभव प्रदान करते हैं।


बिहार या नेपाल बॉर्डर क्षेत्र के लोगों के लिए यहाँ की यात्रा करना काफी आसान और सुविधाजनक है। जोगबनी सीमा पार कर विराटनगर (नेपाल) से भेडेटार का बस किराया नेपाली 300 रुपये (भारतीय रुपये 200/=) है इस प्रकार आप केवल 250 रुपये में भेडेटार पहुँच कर वहाँ की वादियों का आनंद ले सकते हैं। वहीं यदि आप अपनी निजी भारतीय गाड़ियों से यहाँ घूमना चाहें तो भन्सार कटा कर (विदेशी गाड़ियों के लिए टैक्स अदा कर) यात्रा कर सकते हैं। कोसी बैरेज के रास्ते भेडेटार की दूरी करीब 70 किमी है यानि इस रास्ते भी आसानी से आप भेडेटार पहुँच सकते हैं।

भेडेटार में होटलगेस्टहाउस या होमस्टे की सुविधा उपलब्ध है। 1500 रुपये से 2500 रुपये में डबल बेड वाले रूम उपलब्ध है। हमारी टीम भेडेटार के Hideaway होटल में रुकी थी जहां प्रत्येक कमरे की बालकोनी से प्रकृति का अदभुत नजारा दिखता था। प्रत्येक क्षण प्रकृति का बदलता नजारा मानो मंत्रमुग्ध कर रहा था ।



स्काई वॉक: रोमांच का नया ठिकाना


हाल ही में भेडेटार में निर्मित स्काई वॉक टावर पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण बन गया है। 500 रुपये (भारतीय 313 रुपये) के टिकट मूल्य पर यह स्काई वॉक आसपास के पहाड़ोंघाटियों का शानदार दृश्य प्रस्तुत करता है। यह खासकर युवाओं और रोमांच प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय है।


फ्री फॅाल :  फ्रीफॅाल का शुल्क भी 500 रुपये (भारतीय 313 रुपये) ही है। लेकिन दोनों का एक साथ टिकट लेने पर 1000 रुपये के स्थान पर मात्र 750 रुपये (भारतीय 469 रुपये) का भुगतान करना पड़ेगा। बच्चों और वृद्धों के लिए विशेष रियायत है । यदि आप 40 से अधिक लोगों के समूह में आते हैं तो स्काई वाक के लिए 40 प्रतिशत की भारी छूट दी जा रहे है।


पाथीभारा मंदिर : भेडेटार के पास सानो (छोटी) पाथीभारा मंदिर एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल हैजो स्थानीय और पर्यटकों दोनों को आकर्षित करता है। इसके अलावाआसपास के ट्रैकिंग ट्रेल्स और हाइकिंग रूट्स साहसिक गतिविधियों के शौकीनों के लिए बेहतरीन विकल्प हैं। धरान-भेडेटार मोटो राइड भी बाइकर्स के बीच काफी प्रसिद्ध हैजो इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को करीब से अनुभव करने का शानदार अवसर प्रदान करता है।


नमस्ते झरना:  नमस्ते झरना वर्षों से इस क्षेत्र में आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा है। मात्र 65 रुपये (भारतीय 41 रुपये) में झड़ने के निर्मल जल का आनंद ले सकते है।


सर्वश्रेष्ठ समय:
 फरवरी से जून और सितंबर से नवंबर के बीच का सुहावना मौसम भेडेटार घूमने के लिए आदर्श है।

स्थानीय भोजन: यहाँ वेज और नॉनवेज, दोनों प्रकार के व्यंजन आपको मिलेंगे। स्थानीय व्यंजनों जैसे ढेड़ोगुन्द्रुक और सेल रोटी का आनंद लें सकते हैं। स्थानीय लोगों के खाने में थकाली काफी प्रसिद्ध है जिहाँ प्लेट में विभिन्न प्रकार के साग सब्जी होते है। ठंडी जलवायु होने की वजह से सेहत के लिए विभिन्न प्रकार के पेय पदार्थ की भी सुविधा रहती है।

सुरक्षा सुझाव:

स्थानीय नियम : यदि आप निजी वाहन से आ रहे हैं तो भन्सार लेना होगा। भन्सार लेते  समय आपको एक ग्रीन स्टिकर दिया जाएगा जिसे आपको वाहन पर चिपका देना है। इससे आप अनावश्यक जाँच प्रक्रिया से बच जाएंगे। अपना आधार कार्ड अवश्य साथ में रखें।

सावधानियाँ: पहाड़ी ईलाका होने के कारण आपको अनुभवी ड्राईवर की आवश्यकता होगी। ठंडी जलवायु के कारण गर्म कपड़े साथ रखेंखासकर सुबह और शाम के समय। आप सुरक्षा के मद्देनजर अपने मोबाईल में इंटरनेशनल रोमिंग कि सुविधा ले सकते हैं या फिर नेपाल के किसी भी operater का सीम कार्ड खरीद सकते हैं। इसके लिए भारतीय पहचान पत्र (आधार कार्ड) मान्य है।

बजट : मौजूदा समय में विराटनगर से भेडेटार पहुँचने में यात्रा की अनुमानित लागत (पब्लिक ट्रांसपोर्ट से) करीब 200 से 300 रुपये खर्च होंगे। हालांकि आपको पर्याप्त राशि लेकर चलना चाहिए।

समय प्रबंधन: हमारी सलाह है कि आप यदि इस हिल स्टेशन आने की सोंच रहे हैं तो दो दिनों का प्लान बनाए ताकि आप सभी मुख्य स्थानों की सैर कर सकें। यदि आप एक दिन की यात्रा का प्लान बनाते हैं तो आप सुबह 7 बजे विराटनगर से यात्रा शुरू करने पर 2 घंटे में भेडेटार पहुँच जाएंगे जहां आप स्काई वाक और फ्री फॅाल का आनन्द ले। करीब दो घंटे बाद आप आराम से पाथीभारा मंदिर की ओर निकाल सकते है। यहाँ आपको करीब 2 घंटे का समय लग जाएगा। फिर आप नमस्ते झरना की ओर बढ़ सकते हैं । शाम में आप वापसी कर सकते हैं। लेकिन सुबह का नजारा जो काफी मनमोहक होता है देखने के लिए आपको रात भेड़ेटार में गुजारनी चाहिए।

कुल मिलाकर कहा जाए तो भेडेटार प्रकृतिरोमांच और संस्कृति का एक अनूठा संगम है। चाहे आप शांति की तलाश में होंरोमांचक अनुभव चाहते हों या स्थानीय संस्कृति को करीब से जानना चाहते होंयह हिल स्टेशन हर पर्यटक के लिए कुछ न कुछ खास प्रदान करता है।

तीन सप्ताह के प्रशिक्षण पश्चात जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अब संभालेंगे जिला


पटना। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार द्वारा जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारियों के लिए आयोजित तीन-सप्ताहीय विभागीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन दशरथ माँझी श्रम नियोजन अध्ययन संस्थान, पटना में सम्पन्न हुआ।

   समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन द्वारा हुआ, जिसका उद्घाटन अपर मुख्य सचिव, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, श्रीमती एन. विजयलक्ष्मी एवं विभाग के सचिव श्री प्रणव कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया।


   अपने संबोधन में श्रीमती विजयलक्ष्मी ने सभी जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह हर्ष का विषय है कि अब राज्य के दूर-दराज क्षेत्रों की सांस्कृतिक प्रतिभाएं राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकेंगी। उन्होंने लोक परंपरा और शास्त्रीय कलाओं के समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया और आने वाली पीढ़ियों को सांस्कृतिक विरासत हस्तांतरित करने की प्रेरणा दी।

   विभाग के सचिव श्री प्रणव कुमार ने पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि तीन सप्ताह की गहन प्रशिक्षण अवधि के बाद निश्चित रूप से उनके ज्ञान में व्यापक वृद्धि हुई होगी, जो जिला स्तर पर विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायक सिद्ध होगी।

   समारोह में सभी जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारियों को प्रमाण पत्र एवं मोमेंटो प्रदान किए गए। प्रशिक्षुओं द्वारा समूहों में प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई बातों का प्रस्तुतीकरण पीपीटी के माध्यम से किया गया। मुंगेर की सुश्री सुकन्या ने "कलाओं के माध्यम से युवाओं को जोड़ना", पटना की सुश्री कीर्ति आलोक ने "बदलते परिवेश में संग्रहालय की भूमिका", दरभंगा के श्री चंदन ने "फिल्मों के माध्यम से सांस्कृतिक एवं आर्थिक विकास", सुश्री रिचा वर्मा ने "बिहार की लोक संगीत: संरक्षण से नवाचार तक" और श्री श्याम ने "हर घर एक कला" विषयों पर प्रभावी प्रस्तुतियाँ दीं।


   इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्य निदेशक श्रीमती रुबी ने भी पदाधिकारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अब यह प्रशिक्षित अधिकारी आत्मविश्वास के साथ जिले में विभागीय कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करेंगे।

   गौरतलब है की यह प्रशिक्षण 19 मई से 06 जून 2025 तक चला।  इसका उद्देश्य बिहार के विभिन्न जिलों के जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारियों को प्रशासनिक, सांस्कृतिक एवं तकनीकी दक्षताओं से सुसज्जित करना है।

  अधिकारियों को विभागीय योजनाओं, कलाओं के संरक्षण, प्रशासनिक जिम्मेदारियों तथा    सांस्कृतिक नेतृत्व के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी गई।

   इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (ठरऊ), ऐउउ कोलकाता, ककफठर नासिक, संग्रहालय निदेशालय, एवं अन्य प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न विषयों पर व्याख्यान, कार्यशालाएं तथा संवाद सत्र आयोजित किए गए।



   मुजफ्फरपुर की जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सुश्री सुष्मिता ट्रेनिंग के दौरान अपने अनुभव   साझा करते हुए बताती है इस ट्रेनिंग ने हमें आत्मविश्वास से भर दिया है तथा विशेष होने का अनुभव कराया है। पूरे देश से विशेषज्ञ हमें पढ़ने के लिए आए उनके अनुभवों से हमें बहुत लाभ हुआ है।    समापन अवसर पर धन्यवाद ज्ञापन बिहार संगीत नाटक अकादमी के सचिव श्री अनिल कुमार सिन्हा द्वारा प्रस्तुत किया गया।

   विभाग से आंतरिक वित्तीय सलाहकार श्री राणा सुजीत कुमार टुनटुन, विशेष कार्य पदाधिकारी सुश्री कहकशाँ, बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम के फिल्म कंसल्टेंट श्री अरविंद रंजन दास, खेल विभाग की सहायक     निदेशक सह जनसंपर्क पदाधिकारी नूपुर झा के साथ ही बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मीगण पूरे कार्यक्रम में मौजूद रहे।

लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन से कांग्रेसी नेताओं में हर्ष, जीते हुए सांसद को दी बधाई


  • राहुल गांधी के भारत जोड़ो न्याय यात्रा का असर पूरे देश में दिखा,जाकिर अनवर


अररिया। लोकसभा चुनाव में पूरे देश में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के बेहतर प्रदर्शन को लेकर कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता में खुशी की लहर है। लोकसभा चुनाव के नतीजे ने ये तय कर दिया कि अब इस देश से मोदी जी की विदाई तय है। जिसकी उल्टी गिनती शुरू हो गई है। देश की जनता और महागठबंधन की एकजुटता ने ये साबित कर दिया की देश में बहुत दिनों तक हिटलर शाही और अहंकार की सरकार नहीं चल सकती, झूठ और अफवाह के बल पर लंबी राजनीति नहीं की जा सकती है। 
 
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पूर्व विधायक जाकिर अनवर ने कहा की लोगों ने लोकतंत्र, संविधान और देश के मान सम्मान की रक्षा के लिए कांग्रेस पर भरोसा किया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के भारत जोड़ो न्याय यात्रा से देश में नफरत के खिलाफ मोहब्बत का माहौल का जो पैगाम दिया उसका असर देखने को मिला। जाकिर अनवर ने कहा आज जो रिजल्ट सामने आया है वो मंहगाई ,बेरोजगारी और लोकतंत्र की रक्षा को लेकर देश में एक माहौल बना हुआ था जो वोट में परिवर्तित हुआ। बिहार में तीन सीट पर कांग्रेस की जीत से कांग्रेसी नेता में उत्साह चरम पर है। कटिहार से तारिक अनवर, किशनगंज से डॉक्टर जावेद और सासाराम से मदन राम की जीत पर तीनों सांसद को बधाई दी है।


 बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश महासचिव अफसाना हसन ने कहा कि नफरत के खिलाफ मोहब्बत की जीत हुई है। बधाई देने वालों में भोला शंकर तिवारी, अनवर राज, रघुनाथ शर्मा, शशि भूषण झा, अवेश यासीन, चंगेज अंसारी, तनवीर आलम, इश्तियाक आलम, गालिब चुन्ना, रमा साह, आसिफ हुसैन, अरशद आलम, राजा आदि ने सभी जीते हुए सांसद को बधाई दी है। साथ ही जिलाध्यक्ष पूर्व विधायक जाकिर अनवर और कांग्रेस की महिला नेत्री अफसाना हसन ने पूर्णिया से जीते सांसद पप्पू यादव को भी बधाई दी है। पूरे देश में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन के लिए राहुल गांधी के सफल मार्गदर्शन के लिए सभी कांग्रेसी नेता ने बधाई दी है।



लालू ने कहा- मुसलमानों को आरक्षण मिलना चाहिए : प्रशांत किशोर

बोले- मुसलमान 32 साल से लालटेन को वोट दे रहे हैं, समय आ गया है जब मुसलमानों को लालू से पूछना चाहिए कि मुसलमान को आजतक उप-मुख्यमंत्री क्यों नहीं बनाया या कोई बड़ा मंत्रालय क्यों नहीं दिया ?

पटना : जन सुराज पदयात्रा के दौरान पत्रकार वार्ता में एक सवाल का जवाब देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जब तक आप समाज में सुधार नहीं लाएंगे, आपके बच्चे गुजरात और तमिलनाडु में जाकर मजदूरी ही करेंगे, फिर यहां के लोगो का भला कैसे होगा। मैं बिहार में 18 महीने से पैदल चल रहा हूं, 5 हजार से ज्यादा गांव में जाने के बाद मैं रोज मंच से कहता हूं कि दलितों के बाद सबसे ज्यादा गरीब, बदहाल, फटेहाल अगर बिहार में कोई है तो वो मुसलमान है। लेकिन 32 साल से मुसलमानों ने लालटेन का साथ नहीं छोड़ा है। 30-32 सालों में मुसलमानों ने RJD से कभी नहीं पूछा कि आपके नेता सड़क और ग्रामीण कार्य मंत्री रहे फिर हमारे गांव में सड़क, नाली और गली क्यों नहीं बना है? आप स्वास्थ्य मंत्री थे फिर बच्चों के लिए अस्पताल और दबाई क्यों नहीं है? आप शिक्षा मंत्री थे फिर हमारे बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था क्यों नहीं है? मुसलमान इन सारी परेशानियों के बावजूद लालटेन को वोट देता है।



नीतीश कुमार ने चुनावी रैली मे कहा 'मुसलमान याद रखें, अगर हमको खत्म कर देंगे तो आपका हाल पुराने समय जैसा हो जाएगा'



बिहार में 17 महीने से पदयात्रा और सर्वे करवाने के बाद समझ आया कि 3 हजार से अधिक आबादी वाले मुसलमानों के गांव दलितों के बाद सबसे बुरी स्थिति में क्यों है? : प्रशांत किशोर

पटना : जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में विकास का आलम ये है कि दलित के बाद सबसे गरीबी और फटियाली मुसलमानों की है। 17 महीनें से हम पैदल चल रहे हैं, किसी भी मुसलमानों के गांव में हमनें यह महसूस किया है कि मुसलमानों के जो छोटे गांव हैं वो फिर भी ठीक है। मुसलमानों के जो 3 हजार से अधिक आबादी वाले गांव हैं उनकी हालत सबसे ज्यादा खराब है। हमनें जब जानने की कोशिश की सर्वे कराया तो पता चला कि 3 हजार से ज्यादा मुसलमानों वाले गांव को चिन्हित कर लिया गया है। जब कोई BJP और JDU का कोई नेता जीत कर आता है तो उन्हें पता होता है कि यही वो गांव हैं जहां 3 हजार से ज्यादा मुस्लमान इस गांव में रहते हैं यही कारण है कि MP हो या सांसद उस इलाके में जाता ही नहीं है वो सुनिश्चित करता है कि आपके गांव आपके घर आपके बच्चों के लिए कुछ भी काम न हो। 


जब उस इलाके में RJD जीत कर आती है तो उन्हें पता होता है कि 4 से 5 हजार वाले गांव के मुस्लमान जाएंगे कहां? ये तो पक्के हैं, मजबूरी में वोट तो देंगे ही। यही कारण है कि वो बगल के गांव में काम करवाता है मगर मुसलामानों पर ध्यान नहीं देता।

लोकसभा चुनाव के बीच PK ने की आम जनता से अपील, कहा - राजा बना रहे प्रधानमंत्री को 45 लाख करोड़ रुपये के तिजोरी की चाभी सौपने जा रहे हैं, 4 किलो अनाज और जाति-धर्म के नाम चाभी मत सौंप दीजिएगा : प्रशांत किशोर



पटना : जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने लोकसभा चुनाव के बीच गरीब लोगों से लगाई गुहार कहा, बिहार में लोग कहते हैं 1 मैं गरीब आदमी मेरे 1 वोट से क्या होगा? मैं आपको गुना गणित समझाता हूं। 1 वोट देकर प्रधानमंत्री यानी कि राजा आपने बनाया वो आदमी आपके वोट से हर साल 45 लाख करोड़ रुपये का मालिक है और इतना बड़ा तिजोरी का चाभी 4 किलों अनाज पर दे दीजियेगा? 1 वोट देकर जिसको आप बिहार का राजा यानी कि मुख्यमंत्री बनाते हैं वो आदमी हर साल ढाई लाख करोड़ रुपए के तिजोरी का मालिक है और उतना बड़ा तिजोरी का चाभी आप जात के नाम पर दे दिए तो आप गरीब नहीं रहिएगा तो कौन गरीब रहेगा? 

वोट जिसको दे रहे हैं दीजिए मगर वोट अपने बच्चों के नाम पर दीजिये। वोट की कीमत अपने जात या धर्म के नाम पर किसी को भी मत दीजिए। वोट की कीमत कीमत वसूल कीजिए। वोट आपकी सबसे बड़ी पूंजी है यह ऐसा हथियार है कि कोई राजा या रंक बन सकता है।

मुसलमानों की बात करने वाले लालू यादव 16 साल सत्ता में रहे, कभी किसी मुसलमान को गृह मंत्री या पथ निर्माण मंत्री क्यों नहीं बनाया? लालू-नीतीश ने दलितों और महादलितों का शोषण कर बेवकूफ बनाया है : प्रशांत किशोर



पटना। जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में जो जातीय सर्वे करवाया गया वो नीतीश कुमार का एक प्रयास था कि इसका राजनीतिकरण करके समाज को बांट कर इसका राजनीति में लाभ लिया जाए। मैं पहले दिन से कह रहा हूं कि इसका कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिलेगा। इसका प्रमाण यह है कि जो नीतीश कुमार जातीय सर्वे करवाने के बाद प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे थे वही भाग कर भाजपा में शामिल हो गए। अगर जातिगत सर्वे का राजनीतिक फायदा होता तो नीतीश कुमार भाग कर भाजपा में क्यों जाते? 

प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे नीतीश कुमार आखिर अपने किस गलती से भाजपा में हुए शामिल? PK ने किया खुलासा

जातिगत सर्वे में जो परिणाम आए वो आपको क्या दिखाते हैं? जिन जाति समूहों के पिछड़ा और वंचित होने की बात पिछले 40 से 50 साल से कहीं जा रही है। उन समाज की राजनीति आर्थिक सामाजिक विकास हुए ही नहीं हैं। लालू-नीतीश ने तो जमीन पर पड़े कीचड़ को अपने मुंह में लगा लिया है। 

लालू-नीतीश पिछड़े समाज का इतना भला चाहते हैं तो किसने इन्हें रोका था मुसलमानों और पसमांदा समाज के लोगों को गृह मंत्रालय देनें से? किसने नीतीश कुमार को रोका है नीतीश कुमार को महादलित से आने लोगों को सड़क और फाइनेंस मिनिस्टर बनाने से? अतिपिछड़ा समाज के किसी नेता को जल मंत्रालय देने से? लालू प्रसाद यादव लगभग 16 साल मुख्यमंत्री रहे किसी मुसलमान को गृह मंत्री नहीं बनाया किसी को पथ निर्माण मंत्री नहीं बनाया। इन जातियों के लोगों का इन्होंने एक्सप्लोइटेशन किया बेवकूफ़ बनाया मगर किया कुछ नहीं।

लोकसभा चुनाव में नेताओं को हेलिकॉप्टर से आता देख भीड़ लगा रहे लोगों से PK ने की अपील



  • कहा - बिहार के लोगों की हालत देखिए जिसे वोट देकर राजा बना रहे हैं वो हेलिकॉप्टर से घूम रहा है और आप और आपके बच्चें भिखारी बन सड़क पर घूम रहे हैं


पटना : जन सुराज पदयात्रा के दौरान जन सभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि हम रास्ता में चलते हैं उस बीच जो मिल गया वो कहता है ऐ भैया नाली-गली बनवा दीजिए। पहनने के लिए कपड़ा नहीं है 2 सीट जोड़े दिलवा दीजिए। कुछ लोग तो कहते हैं कि उनके पास खाने को नहीं है बताये क्या दुर्दशा आपने अपना कर रखा है। जब देश आजाद हुआ तो गांधी अंबेडकर ने आपको राजा बनाने का अधिकार दिया। मगर जात धर्म में पड़ कर आप अपनी हालत ऐसी बना रखे हैं कि 5 सौ रुपए के लालच और मुर्गा भात के चक्कर में अपने आप को भिखारी बना लिए हैं। वोट देकर राजा बनाएं आप और आज वो हेलिकॉप्टर पर चल रहा है और आप आपके बच्चे भिखारी बन कर सड़क पर घूम रहे हैं। बिहार के लोग आप अपनी समस्याओं को समझिए अगर नहीं सुधार लायेगा तो कोई बिहार को नहीं सुधार पाएगा।

सीमा शुल्क, आयुक्तालय पटना के अंतर्गत निवारण शाखा मुख्यालय पटना ने गुप्त सूचना के आधार पर एक ट्रक से लगभग 68 लाख मूल्य का गाँजा किया ज़ब्त



पटना। सीमा शुल्क आयुक्तालय पटना के अंतर्गत निवारण शाखा मुख्यालय पटना के अधिकारियों द्वारा प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर ट्रक संख्या JH09AH5331 की तलाशी के दौरान बेतिया कस्टम्स सर्किल कार्यालय के समीप अवैध रूप से छिपाकर लाए जा रहे गांजा को ट्रक सहित मंगलवार (30.04.2024)  को सीमा शुल्‍क के अधिकारियों ने जब्त किया। सीमा शुल्क निवारण मुख्यालय पटना के अपर आयुक्त अनीश गुप्ता को यह गुप्त सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश-बिहार के बॉर्डर के रास्ते गांजे की एक बड़ी खेप को बिहार में प्रवेश कराने की योजना तस्करों द्वारा बनाई गई है। इस गुप्त सूचना के आधार पर अपर आयुक्त  के निर्देश पर सीमा शुल्क निवारण मुख्यालय पटना और बेतिया कस्टम्स सर्किल के अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाई गई तथा इस टीम के अधिकारियों ने ट्रक संख्या JH09AH5331 को पीछा करते हुए लौरिया टोल प्लाजा के पास अवरोध करते हुए पकड़ लिया।

ट्रक की सघन तलाशी के दौरान अधिकारियों ने पाया कि ड्राइवर के केबिन में गुप्त रूप से बने तहखाने में छिपाकर अवैध रूप से गांजा को ले जाया जा रहा था। जब्‍त किये गए गांजा का वजन लगभग 136 किलोग्राम है, जिनका अनुमानित मूल्य 68 लाख 5 हजार के करीब है। जबकि जब्त किए गए ट्रक का अनुमानित मूल्य 17 लाख 50 हजार है। इस तरह कुल जब्ती का अनुमानित मूल्य 85 लाख 55 हजार है। 

उपरोक्त गांजा को NDPS Act-1985 के प्रावधानों के तहत जब्त किया गया है। इस दौरान ड्राइवर और उसके सहयोगी से अधिकारियों ने कड़ाई से पूछताछ की और उनकी संलिप्तता स्वीकार करने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। आगे की कार्रवाई और न्यायिक हिरासत के लिए सक्षम न्यायालय को अनुरोध किया गया है। कुछ समय पहले ही चुनाव आयोग  के द्वारा पटना में आयोजित मीटिंग में यह दिशानिर्देश दिया गया था कि प्रतिबंधित पदार्थो के तस्करी को रोकने के लिए आवश्‍यक कार्रवाई को तीव्र गति प्रदान की जाए । पिछले कुछ समय से सीमा शुल्क आयुक्ततालय पटना के द्वारा तस्करी के खिलाफ सघन एवं व्यापक अभियान छेड़ा गया है और इसके फलस्वरूप तस्करी के अनेकों सामान जब्त किये गए हैं।


 अधिकारियों ने बताया की फिलहाल इस बात की छानबीन की जा रही है कि उपरोक्त जब्त गांजे के अवैध रूप से परिचालन में कौन-कौन लोग शामिल हैं। ये सारी कार्रवाई डॉ यशोवर्धन पाठक, आयुक्त, सीमा शुल्क (निवारण) पटना के मार्गदर्शन में पटना निवारण शाखा मुख्यालय के सहायक आयुक्त श्री प्रकाश सहाय के नेतृत्व में की गई जिसमें श्री दिलीप कुमार, सुबोध कुमार मिश्रा, मो मुमताज सभी अधीक्षक तथा मनीष कुमार, निरीक्षक ने मुख्‍य भूमिका निभाई। आयुक्त ने बताया कि तस्करी के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा और भी अधिक प्रबलता से इसका कार्यान्वयन किया जाएगा एवं इसमें संलिप्त लोगों के विरुद्ध सीमा शुल्क अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्‍त अन्य विभागों यथा रेलवे पुलिस बल, पुलिस विभाग तथा अन्य सरकारी संस्थाओं और सूचना देने वाले का भी सीमा शुल्क विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस तस्कर निरोधक काम में भविष्य में भी बेहतर समन्यवय और सहयोग अपेक्षित है ताकि ऐसी गैर कानूनी गतिविधि पर पूर्णविराम लग सके।

प्रशांत किशोर का तेजस्वी यादव पर जोरदार हमला, कहा- तेजस्वी यादव को कैमरे में आकर बोलना चाहिए कि वो 9वीं फेल नहीं हैं और अपनी PhD देश के इस यूनिवर्सिटी में पूरा किया है, लालू यादव के लड़के हैं, बस इतनी है उनकी पहचान



पटना : जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य द्वारा उन पर दिए अपमानजनक बयान पर जवाब देते हुए कहा कि लालू जी के बेटे उनकी बेटी, उनके नाती, उनके घर पर काम करने वाले लोगों पर अगर मैं बयान पर बयान देने लग जाऊं तब तो हो गया। मेरे ऊपर जिसको जो बयान देना है दे। मैंने जो बात कही उसे रोज दोहरा रहा हूं। आज भी कह रहा हूं मैंने ये नहीं कहा है कि तेजस्वी यादव अच्छे हैं, खराब हैं, ज्ञानी हैं या मूर्ख हैं। मैंने बस ये कहा कि उनकी पहचान बस इतनी है कि वो लालू यादव के लड़के हैं। मैंने कहा कि वो 9वीं फेल हैं, अगर वो नहीं हैं तो कैमरे के सामने आकर बोल दें कि PHD किए हुए हैं। मैंने उनके क्रिकेट करियर की भी बात कही थी। पत्रकारों से मैंने कहा भी कि उनकी पहचान बस इतनी है कि वो लालू यादव के लड़के हैं। तेजस्वी यादव ने पढ़ाई के क्षेत्र में खेलकूद के क्षेत्र में सामाजिक क्षेत्र में अगर पराक्रम किया है तो बता दें उसको हम लोग सीखकर नोट कर लेंगे। 

तेजस्वी यादव इतना क्यों घबरा रहे मुझे समझ नहीं आ रहा है : प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर ने पत्रकारों से बातचीत में आगे कहा कि वो लोग खुद उछल रहे हैं कि मैंने उनको अज्ञानी कहा है मैंने तो बस जनता के सामने फैक्ट रखा है। मेरे बाबूजी डॉक्टर थे तो मैं हर रोज कह रहा हूं कि मेरे बाबूजी डॉक्टर थे और मेरे दादाजी बैलगाड़ी चलाते थे। उसी तरह से अगर आपके बाबूजी मुख्यमंत्री थे तो आपको बताया जाएगा कि आपके बाबूजी मुख्यमंत्री थे। इसमें बुरा मानने की क्या बात है अगर मैं गलत हूं तो वह खंडन कर दें। वह बता दें कि मैं झूठ फैला रहा हूं। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि तेजस्वी यादव इतना घबरा क्यों रहे हैं।

हम 17 महीने नहीं 17 साल चल लें फिर भी आप नहीं सुधरिएगा, नेताओं ने आपकी नसों में जाति और धर्म का इतना नशा घुसा दिया है कि आपको अपने बच्चों का दर्द दिखता ही नहीं है : प्रशांत किशोर



पटना : जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग अपनी दुर्दशा देखिए, शायद ही ऐसा कोई घर है, जहां से आपका जवान बेटा, पति, भाई, भतीजा नौकरी करने के लिए दूसरे राज्यों में न गए हो? मैंने 17 महीनों से अपना घर छोड़ा है, लेकिन आपके बच्चे तो सालों साल से आपको छोड़कर चले गए हैं। एक बार जो मजदूरी करने के लिए गए वो साल में एक बार छठ में, ईद में घर आते हैं तब आप उनका मुंह देख पाते हैं। साल भर वो आदमी वहां गुलामी कर रहा है, 10 घंटे मेहनत करते हैं, पेट काटते हैं ताकि घर में 6-8 हजार रुपए भेज सकें। लेकिन, यहां के लोगों से पूछिए कि उन्होंने वोट क्यों दिया था? तो वो बताते हैं कि अपनी जाति का नेता खड़ा था इसलिए दे दिए, गांव में मुर्गा-भात खाकर, पाउच पीकर वोट दे दिए, तो आपके परिजन नहीं भोगेंगे, तो भला और कौन भोगेगा? दूसरे राज्यों में कमा रहा आपका बच्चा बीमार पड़ जाए तो आप उसे देख नहीं सकिएगा, सिर्फ छटपटा कर रह जाइएगा। 

वोट जिसे देना है दीजिए लेकिन वोट देते समय स्वार्थी बनिए, अपना और अपने बच्चों का स्वार्थ देखिए : प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर ने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि आप दल बनाइए, बिहार में विकल्प नहीं था। आप आगे-आगे चलिए हम पीछे-पीछे चलेंगे। हमें आपका साथ नहीं चाहिए। भला आप हमारा साथ क्या दीजिएगा। आप तो वो लोग हैं जिन्होंने अपने बच्चों का साथ नहीं दिया। हम 17 महीने नहीं 17 साल चल लें फिर भी आप नहीं सुधरिएगा। नेताओं ने आपकी नसों में जाति और धर्म इतना घुसा दिया है कि आपको अपने बच्चों का दर्द भी नहीं दिख रहा है। इसलिए आपको एक रास्ता बता रहे हैं, वोट जिसे देना है दीजिए लेकिन अगली बार वोट देते समय स्वार्थी बनिए। अपना और अपने बच्चों का स्वार्थ देखिए। नेता आएंगे और कहेंगे देश के लिए वोट दो, कोई कहेगा अपनी जाति वाले को जीताना है इसलिए वोट दो, वोट जिसे भी देना है दो, जीवन में एक बार संकल्प लीजिए कि वोट अपने बच्चों के लिए दीजिए। जाति के लिए, नेताओं के लिए नहीं, किसी विचारधारा के लिए नहीं सिर्फ अपने बच्चों के लिए वोट दीजिए। बच्चों की शिक्षा और रोजगार के लिए वोट दीजिए।

PM मोदी का 22 दिनों में चौथा बिहार दौरा इस पर PK ने बिहार के लोगों से की अपील

कहा- बिहार को सुधारने के लिए जब आप मोदी को वोट करेंगे तो 1 बार सोचियेगा की पिछले 9 साल में उन्होंने प्रदेश को सुधारने के लिए 1 बैठक तक क्यों नहीं की? BJP का झंडा उठा लेंगे अगर कोई एक बैठक की खबर भी दिखा दे



पटना। लोकसभा चुनाव के बीच प्रधानमंत्री मोदी कई बार बिहार आ चुकें हैं इसी बीच बिहार की जनता के हितों को लेकर अपनी स्पष्ट राय रख रहे जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा कि आज लोग मुझसे कहते हैं कि मोदी आ जाएंगे तो बिहार सुधर जाएगा। लेकिन 2014 तक आधा से ज़्यादा बिहार मोदी को नहीं जानता था। कहा कि मैंने ही मोदी का प्रचार किया था। आज सब मोदी के भक्त हो गए हैं। उनको वोट देते हैं और हम से कहते हैं कि आपको पता है मोदी जी से ही देश का कल्याण होगा। मैं आपको बताने आया हूं मोदी ने बिहार का विकास किया या नहीं किया ये बात छोड़ दीजिए। मोदी के आने से बिहार को फायदा हुआ या नहीं हुआ ये भी छोड़ दीजिए। मोदी के आने से घरेलू गैस सिलेंडर 1250 रुपए और पैट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर हो गया, ये बात भी छोड़ दीजिए। आज मैं जितने भी मोदी के समर्थक हैं उन सबको खुली चुनौती देता हूं कि पिछले 9 सालों में मोदी ने अगर बिहार के लिए एक भी बैठक की है तो उस बैठक की खबर दिखा दीजिए, हम आज से ही मोदी का झंडा लेकर चल देंगे। पिछले 9 सालों में मोदी ने बिहार के लिए एक बैठक तक नहीं की है। आज फिर भी हम लोग जाकर भाजपा को वोट दे रहे हैं तो बिहार की दुर्दशा कहां से सुधरेगी।

प्रधानमंत्री मोदी के फारबिसगंज के जनसभा से फारबिसगंज हवाई अड्डा चालू करने की घोषणा की उम्मीद लगाए बैठे हैं नेपाल के लोग

अररिया। लोकसभा चुनाव हो या विधानसभा, कोशी सीमांचल के लोगों के बीच जो सबसे आशा उम्मीद का विषय होता है, वह है फारबिसगंज के हवाई अड्डे के संचालन की घोषणा की उम्मीद। क्योंकि इसी हवाई अड्डे पर देश के प्रधानमंत्री अपनी जनसभा करते हैं। सीमा के इस पार हो या उस पार नेपाल की एक बड़ी आबादी सिर्फ जनसभा में इस उम्मीद के साथ पहुँचती है कि प्रधानमंत्री मोदी फारबिसगंज हवाई अड्डा को चालू करने की घोषणा करेंगे। लेकिन हर बार बड़ी ही निराशा हाथ लगती है। 26 अप्रैल को प्रधानमंत्री के चुनावी सभा की तैयारी होने के साथ ही सीमा पार नेपाल के लोगों के बीच फिर से एक यह चर्चा आम हो चुका है कि क्या इस बार सीमांचल ही नहीं पड़ोसी देश नेपाल को भी फारबिसगंज हवाई अड्डा चालू करने की घोषणा कर नई सौगात मिलेगी।

नेपाल का एक बड़ा तबका बाग़डोगरा विमान स्थल पर है निर्भर
नेपाल सोनार समाज फाउंडेशन के संयोजक महेश साह स्वर्णकार ने इस सम्बन्ध में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत नेपाल के बीच एक अटूट रिश्ता है। वहीं व्यापरिक दृष्टिकोण से भी नेपाल के लोग भारत के यात्रा पर होते हैं। अगर हवाई यात्रा करनी बाग़डोगर जाना पड़ता है। मोदी जी की जनसभा सीमांचल में जहाँ हो नेपाल की एक बड़ी आबादी उनको सुनने पहुँचती है। जिसमे खास कर नेपाल के लोगों को फारबिसगंज हवाई अड्डा चालू करने की घोषणा की बात सुनने की आस लगाए रहते हैं।

भारत नेपाल सामाजिक सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष राजेश कुमार शर्मा बताते हैं कि फारबिसगंज हवाई अड्डा हमेशा से नेपाल के लोगों के लिए उत्सुकता का विषय रहा है। क्योंकि मोरंग सुनसरी औद्योगिक कॉरिडोर में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक काम करते हैं। कई कम्पनी भारतीय संयुक्त निवेश में है तो नेपाल के उद्योगी व्यापारी ट्रेड के कार्य से भारत के महानगर की यात्रा करते हैं। ऐसे में निश्चित रूप से फारबिसगंज हवाई अड्डा दोनों देश के लिए बहुउपयोगी भी साबित होगा। इस हवाई अड्डे के चालू होने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

तेजस्वी यादव के लोकसभा चुनाव में विकास पर दिए भाषण पर PK ने ली चुटकी

कहा-पूरे जीवन लास्ट बेंच में बैठे बिहार के नेता को भले "विकास" में ह्रस्व और दीर्घ की मात्रा लिखनी न आती हो, मगर वो विकास पर लंबा-चौड़ा भाषण जरूर दे रहा है  

पटना : जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव के द्वारा विकास पर चुटकी लेते हुए कहा कि मैं पदयात्रा करते समय रोज अपनी सभा में कहता हूं कि बिहार में 80% लोग यानी कि 100 में 80 आदमी दिन में 100 रुपय नहीं कमाते हैं। सरकार ने जो आंकड़े जारी किए हैं वो जनता को बेवकूफ बनाने वाली बात है। हाउसहोल्डिंग कम है ये इंडीविजुअल इनकम नहीं है। वर्ल्ड बैंक के आंकड़े उठाकर देख लीजिए 80% बिहार के लोग दिन का 100 रुपय नहीं कमाते हैं। ये जानने के लिए नीतीश कुमार के सर्वे की रिपोर्ट को देखने की जरूरत नहीं है। इंटरनेट पर ये डेटा पड़ा है। दुनिया के जो सबसे ऑथेंटिक डेटा सोर्स है वो इस सच्चाई को बता रहे हैं। नीतीश कुमार की फर्जी डेटा और क्लेम को पढ़ने की जरूरत नहीं है। 



बिहार में नेता को भले "विकास" में ह्रस्व और दीर्घ की मात्रा लिखनी न आती हो, मगर वो विकास पर लंबा-चौड़ा भाषण जरूर दे रहा है : प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर ने बिहार के नेताओं की पोल खोलते हुए कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि भैया दिन की मजदूरी 300 रुपया है तो 100 रुपया कैसे है? मान लीजिए कि किसी परिवार में एक आदमी को मजदूरी मिली 300 रुपये और उस परिवार में 5 सदस्य हैं तो हर सदस्य के दिन में पड़ा 60 रुपये। इतना ही नहीं आदमी को महीने में सिर्फ 15 दिन मजदूरी मिली तो 1 व्यक्ति की प्रति व्यक्ति आय मात्र 30 रुपये हुई। जब यहां के आदमी को समझ ही नहीं है तो क्या कहा जाए। बिहार में नेता वही है जिसे न भाषा का ज्ञान हो न विषय का ज्ञान हो, जो शर्ट के ऊपर गंजी पहने उसी को समाज जमीनी नेता मानता है। जो जीवन में कभी स्कूल नहीं गया, फेल हुआ सबसे पिछली बेंच पर बैठा, वही यहां का नेता है। विडंबना देखिये कि वही बताता है कि विकास हो रहा है। नेता को भले "विकास" में ह्रस्व और दीर्घ की मात्रा लिखनी न आती हो, मगर वो विकास पर लंबा-चौड़ा भाषण दे रहा है।

गया और पूर्णिया में पीएम मोदी की चुनावी रैली

  • पीके ने पूछा तीखा सवाल - बिहार ने NDA को 40 में से 39 सांसद जीता कर दिए और गुजरात ने 26, लेकिन नई-नई फैक्ट्रियां गुजरात में लग रही है और बिहार के बच्चें वहां जाकर मजदूरी कर रहे हैं 


पटना : लोकसभा चुनाव को लेकर नरेंद्र मोदी बिहार में दो जगहों पर चुनावी रैली कर रहे हैं। वे गया और पूर्णिया में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। मामले में जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बिहार में प्रचार प्रसार करने आ रहे पीएम नरेंद्र मोदी पर तंज कसा है। प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार की गरीबी का हम मजाक उड़ाए, बिहार के लड़के मज़दूरी करने गुजरात में जा रहे हैं तो उन्हें लाठी से मारे और गाली दे इसे छोड़कर मोदी जी बिहार में आएंगे तो यहां चीनी मील को चालू करने पर भी कोई वक्तव्य नहीं देंगे। बिहार में आएंगे तो राष्ट्रवाद की बात होगी, हिन्दू-मुसलमान की बात होगी, राम मंदिर की बात होगी, लालू के जंगलराज की बात करेंगे। ये बात नहीं करेंगे कि बिहार में चीनी मील चालू कब होगी? बिहार के बच्चों को यहां से पलायन करने के लिए रुकना कब पड़ेगा? अगर, गुजरात के बच्चे अपने राज्य से बाहर मजदूरी करने के लिए नहीं जा रहे हैं, तो बिहार के बच्चों को मजदूरी करने के लिए दूसरे राज्यों में कब जाना नहीं पड़ेगा? इसपर मोदी जी कोई वक्तव्य नहीं देंगे। 


प्रशांत किशोर ने कहा कि बीते लोकसभा चुनाव में गुजरात से 26 एमपी जीतकर गए हैं, तो वो हर चौथे दिन वहां जा रहे हैं, वहां इनवेस्टमेंट समिट हो रहा है। नई-नई फैक्ट्रियां लग रही हैं। वहीं बिहार के लोगों ने 39 सांसदों को जिताया है, हम लोगों को कोई पूछने वाला नहीं है। इसके लिए दोषी मोदी जी नहीं हैं, इसके लिए दोषी हम और आप हैं। क्योंकि मोदी जी को भी पता है बिहार में काम हो चाहे नहीं, जब वोट होगा तो चाहे मन से या बेमन से फिर उसी मोदी जी, भाजपा को बोरे में भरकर वोट देंगे। और हमारे लड़के बोरे को पीठ पर उठाएंगे और जीवन भर मजदूरी करेंगे।

प्रशांत किशोर ने बिहार की जनता को वोट की ताकत का दिलाया एहसास, बोले- आप लोकतंत्र के हनुमान हैं, आप लोगों को अपनी शक्तियों का एहसास नहीं है, आप जिसका बटन दबाइएगा वही राजा बनेगा



पटना : जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने अबतक बिहार के 15 जिलों में पदयात्रा पूरी कर ली है। जन सभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने लोगों को वोट की ताकत का एहसास दिलाया। प्रशांत किशोर ने कहा कि कोई एक आदमी बिहार को सुधार नहीं सकता है। अगर बिहार को सुधारना चाहते हैं, तो आपको जगना पड़ेगा। लोग कहते हैं कि हम गरीब आदमी अकेले भला क्या करेंगे, एक आदमी से क्या होगा? आप लोकतंत्र के हनुमान हैं, आप लोगों को अपनी शक्तियों का एहसास नहीं है। आप लोग जिसका बटन दबाइएगा वही राजा बनेगा। 

ग्रामीणों से सवाल करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बिना आपके बटन दबाए कोई राजा बन सकता है क्या? आप लोगों ने हनुमान जी की तरह अपनी शक्तियों को भुला दिया है। आप लोगों की शक्तियों को याद दिलाने के लिए ही मैंने ये पूरा अभियान शुरू किया है। ये कोई वोट मांगने का अभियान नहीं है। ये अभियान है गांव-गांव जाने का और लोगों के सामने हाथ जोड़कर मैं बता रहा हूं कि अपना नहीं तो अपने बच्चों का चेहरा देखिए। जिस गरीबी-गुरबत में आपकी जिंदगी बीती है, अगर आप अपने बच्चों की जिंदगी को सुधारना चाहते हैं तो जाति से, धर्म से अलग हटकर अपनी शक्ति को पहचानिए। हनुमान बनिए और छलांग लगाकर देखिए, उसी से बिहार का विकास होगा।

RJD के घोषणा पत्र में 1 करोड़ नौकरी का वादा : पहली सिग्नेचर से ही 10 लाख नौकरी देने का वादा करने वाले तेजस्वी की अज्ञानता देखिए कैसे आंखों में धूल झोंक रहे हैं, प्रदेश के लोगों को उन्हें गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है : प्रशांत किशोर



पटना : तेजस्वी यादव ने शनिवार को अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। घोषणा पत्र में पूरे देश में 1 करोड़ नौकरी देने का वादा किया गया है। तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर हमारी सरकार आएगी तो 15 अगस्त से पूरे देश में नौकरी देना शुरू करेंगे। इसपर जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कहा कि तेजस्वी यादव को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। जिनके मां-बाबू 15 सालों तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे, उन्होेंने एक रोजगार तो दिया नहीं। तेजस्वी यादव ने सरकार में आते ही कहा था कि हम सरकार में आएंगे तो पहली कैबिनेट में पहले सिग्नेचर से ही 10 लाख नौकरी दे देंगे। ये तेजस्वी की अज्ञानता को दिखाता है कि यदि आप 10 लाख नौकरी दे रहे हैं तो पहली कैबिनेट में एक सिग्नेचर करके कैसे 10 लाख नौकरियां दे देंगे? नौकरी देने के लिए एक प्रक्रिया है जिसके तहत नौकरी के लिए नियमावली है, नौकरी में कितने पद होंगे, आवेदन की प्रक्रिया है, आवेदनकर्ता की योग्यता है। तेजस्वी ने चुनाव प्रचार के दौरान पूरे बिहार में घूम-घूमकर लोगों से कहा था कि पहली ही कैबिनेट में पहला ही सिग्नेचर करेंगे और 10 लाख लोगों को नौकरियां मिल जाएंगी। अगर आप मुख्यमंत्री के लड़के होते हुए भी 10वीं पास नहीं कर पाएं हैं तो आपको कलम चलाना कितना आता होगा? इस बात से ही अंदाजा लगाया जा सकता है। तेजस्वी यादव अभी शायद सिग्नेचर करना सीख रहे हैं, जैसे ही सीख जाएंगे तो 10 लाख लड़कों को नौकरियां मिल जाएंगी।

नेहरु युवा केन्द्र दरभंगा द्वारा "गहन मतदाता जागरूकता एवं पंजीकरण अभियान" कार्यक्रम का किया गया आयोजन



दरभंगा। नेहरू युवा केंद्र दरभंगा एवं शोभामणि युवा मंडल लहेरियासराय के संयुक्त तत्वावधान में पायोनियर कोचिंग संस्थान अब्दुल्लाहपुर में "गहन मतदाता जागरूकता एवं पंजीकरण अभियान" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर सेमिनार, पेंटिंग प्रतियोगिता, शपथ ग्रहण, डोर टू डोर पंजीकरण, पम्पलेट वितरण, साइकिल रैली, दिवाल लेखन आदि कार्यक्रम भी आयोजित किये गये। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संजीव कुमार चौधरी, कौशल सर तथा देवेंद्र सर ने सभी युवाओं के बीच वोटर लिस्ट में पंजीकरण करने के बारे में जानकारी दी एवं सभी को मतदान के लिये जागरूक किया। पेंटिंग प्रतियोगिता में बच्चों ने मतदाता जागरूकता विषय पर पेंटिंग बनायी। इसमें भाग लेने वाले बच्चों में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय प्रतिभागियों को पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक पूजा कुमारी एवं संगीता कुमारी तथा स्पियर हेड सदस्य संजीव कुमार के नेतृत्व में किया गया।



तेजस्वी यादव ने जारी किया RJD का घोषणापत्र '24 जनवचन', कहा इंडिया गठबंधन की सरकार बनी तो सुधारेंगे बिहार, इसपर PK का तंज



कहा-शॉर्टकट मार कर झट-पट जब आप उप-मुख्यमंत्री बन जाते हैं तो आपको पता कहां से चलेगा कि बिहार को सुधारना कैसे है, 15 साल में लालू-राबड़ी ने बिहार में कितना विकास किया?

पटना : बिहार में एक बार फिर से नौकरी वाली सियासत शुरू हो गई। लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने शनिवार को अचानक एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुला ली। इस पीसी में उन्होंने राजद के लोकसभा चुनाव को लेकर घोषणापत्र का ऐलान कर दिया। जिसमें कई लोक लुभाने वादे कर डाले इसपर प्रशांत किशोर ने तंज कसते हुए कहा कि जो विद्वान लोग हैं, जो अनुभवी लोग हैं वो आपको बताएंगे कि जब भी आप झट-पट और शॉर्ट कट करते हैं, तो आप जीवन में कुछ नहीं पाते हैं। लेकिन, तेजस्वी यादव जैसे लीडर्स से आप इससे ज्यादा क्या अपेक्षा कर सकते हैं। उन्होंने भी अपने जीवन में सब कुछ झट-पट ही पाया है। समाज के लिए कुछ किया नहीं है। अपनी कुछ योग्यता नहीं दिखाई है। उन्होंने किसी क्षेत्र में अपना पराक्रम, अपना पुरुषार्थ, अपनी योग्यता नहीं दिखाई है। लालू यादव के लड़के हैं, तो झट-पट कुर्सी पर बैठ गए और बिना झट-पट बिहार को समझे इसे सुधारने की बात कर रहे हैं। उनसे कोई पूछने वाला नहीं है कि मेरे भाई 15 साल आपके मां-बाबू जी यहां पर मुख्यमंत्री थे तब झट-पट आपने बिहार को क्यों नहीं सुधार दिया। 

प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि तेजस्वी यादव बिहार के लोगों को बता दें कि आप झट-पट यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था को कब सुधारिएगा। झट-पट यहां के रोड कब बनाई जाएगी। बिहार के गांव की बदहाली है, नाली-गलियों की दुर्दशा को झट-पट कब सुधारा जाएगा अगर, वो बता दें तो मेरा और बिहार की जनता की ओर से उनको बहुत-बहुत शुक्रिया। पत्रकारों को अगर तेजस्वी यादव मिले तो आप उनसे भी झट-पट ये सवाल पूछ लीजिए कि कब यहां के लोगों को स्वास्थ्य सेवा नसीब होगी। कब यहां की सड़कों की दशा सुधरेगी। कब बिहार में गांव की दुर्दशा, नालियों की और गलियों की दुर्दशा को सुधारा जाएगा। तेजस्वी यादव आप जो तीन विभाग चला रहे हैं उसके बारे में बता दीजिए, बाकी की बातें बाद में कीजिएगा।