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बिहार : कोसी का जलस्तर बढ़ा; सुपौल के 70 गांवों की करीब 80 हजार आबादी प्रभावित

 बराज से 3,16,795 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद बाढ़ जैसे हालात; 169 नावें चालू, 21 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित, 2,701 पॉलीथिन शीट वितरित

AI निर्मित तस्वीर

सुपौल, 27 सितम्बर 2026। कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि होने के बाद सुपौल जिले के कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। जिला आपदा कार्यालय, सुपौल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 26 सितम्बर 2026 को सुबह 5 बजे बराज से 3,16,795 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण जिले के 70 गांवों की लगभग 80 हजार आबादी प्रभावित हुई है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी बाढ़ प्रभावित अंचलों—सुपौल, किशनपुर, सरायगढ़-भपटियाही, निर्मली एवं मरौना—के अंचलाधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, सुपौल द्वारा सभी प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों का लगातार संचालन और अनुश्रवण किया जा रहा है।

प्रशासन की ओर से तटबंध के भीतर तथा निचले इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए आवश्यकतानुसार कुल 169 निजी नावों का परिचालन शुरू किया गया है। साथ ही आवागमन को सुचारु बनाए रखने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है।

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जिला प्रशासन द्वारा 21 सामुदायिक रसोई केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से अब तक 16,894 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके अलावा प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री के तौर पर अब तक 2,701 पॉलीथिन शीट्स का वितरण किया गया है।

जिला प्रशासन ने बताया है कि सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने तथा राहत एवं बचाव कार्य में तेजी बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और जरूरत के अनुसार आगे भी राहत व्यवस्था मजबूत की जा रही है।

बिहार: समस्तीपुर के हसनपुर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन; बिहार पीड़ित मुआवजा योजना की दी गई जानकारी

प्रतीकात्मक तस्वीर

समस्तीपुर।  जिले के हसनपुर स्थित बरगांव पंचायत भवन में 27 सितंबर 2026 को एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का आयोजन अनुमंडल विधिक सेवा समिति, रोसड़ा की ओर से किया गया था।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को बिहार पीड़ित मुआवजा योजना, 2014 के विभिन्न प्रावधानों से अवगत कराया गया। पैनल अधिवक्ता विपिन कुमार और पारा विधिक स्वयंसेवक मिथुन पासवान ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि अपराध के पीड़ितों या उनके आश्रितों को आर्थिक और कानूनी सहायता प्रदान की जाती है।

अधिवक्ता ने जानकारी दी कि इस प्रकार की सहायता प्राप्त करने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क किया जा सकता है। साथ ही, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता मिलने की बात भी बताई गई और किसी भी कानूनी समस्या पर विधिक सेवा समिति से मार्गदर्शन लेने की सलाह दी गई।

शिविर में मिथुन पासवान ने उपस्थित लोगों से अपने अधिकारों को लेकर जागरूक रहने का आह्वान किया। इस आयोजन में बरगांव पंचायत के मुखिया रणवीर पासवान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने इस दौरान कानूनी जानकारियां प्राप्त कीं।

स्रोत: 

बिहार : सुपौल के आसनपुर कूपहा सामुदायिक किचन का अपर समाहर्ता ने किया निरीक्षण

आसनपुर कूपहा स्थित सामुदायिक किचन का निरीक्षण करते अपर समाहर्ता सच्चिदानंद सुमन।
आसनपुर कूपहा स्थित सामुदायिक किचन का निरीक्षण करते अपर समाहर्ता सच्चिदानंद सुमन।
फोटो: डीपीआरओ, सुपौल

सुपौल, 27 सितंबर। अपर समाहर्ता सच्चिदानंद सुमन ने रविवार को किशनपुर अंचल अंतर्गत आसनपुर कूपहा में संचालित सामुदायिक किचन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, वितरण व्यवस्था और परिसर की साफ-सफाई का जायजा लिया।

करीब 200 प्रभावित लोगों ने किया भोजन

निरीक्षण के समय सामुदायिक किचन में करीब 200 प्रभावित लोग भोजन करते पाए गए। इनमें बच्चों और महिलाओं की संख्या अधिक थी। प्रभावित लोगों के लिए दाल, चावल तथा सोयाबीन-आलू की सब्जी तैयार की गई थी। सभी लोगों को स्टील की प्लेट में भोजन परोसा जा रहा था।

भोजन की गुणवत्ता संतोषप्रद

निरीक्षण के दौरान भोजन की गुणवत्ता संतोषप्रद पाई गई। अपर समाहर्ता ने अंचल अधिकारी को सामुदायिक किचन परिसर में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाए रखने तथा प्रभावित लोगों को समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

यह जानकारी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, सुपौल ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।

बिहार : पूर्णिया में हृदय स्वास्थ्य की जांच के लिए बढ़ रहा अस्पतालों का रुख, 14 महीनों में 35,213 ईसीजी जांच

जिले के प्रखंड अस्पतालों में ईसीजी मशीनें कार्यरत; जुलाई 2026 में सबसे अधिक 5,720 जांच दर्ज



 

पूर्णिया, 27 सितंबर। जिले के प्रखंड अस्पतालों में हृदय संबंधी परेशानी की जांच के लिए ईसीजी कराने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2025 से 26 सितंबर 2026 तक जिले में कुल 35,213 ईसीजी जांच दर्ज की गई हैं। विभाग का कहना है कि सभी प्रखंड अस्पतालों में ईसीजी मशीनें कार्यरत हैं, जहां जरूरत के अनुसार लोगों की जांच की जा रही है।

ईसीजी जांच की संख्या में शुरुआती महीनों के मुकाबले उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज हुई है। अगस्त 2025 में जहां तीन जांच हुई थीं, वहीं जुलाई 2026 में यह संख्या 5,720 तक पहुंच गई। सितंबर 2026 में भी 26 तारीख तक 3,466 लोगों की जांच दर्ज की गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जांच में हृदय संबंधी परेशानी के संकेत मिलने पर मरीज को चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाता है।

लक्षण दिखने पर चिकित्सक से जांच कराने की सलाह

जिला गैर संचारी रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. सुभाष कुमार सिंह ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ जीवनशैली और पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हृदय रोग का जोखिम बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि सीने में दर्द, घबराहट, धड़कन असामान्य रूप से तेज या धीमी महसूस होना, सांस फूलना और चक्कर आना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण होने पर चिकित्सक से परामर्श लेकर जांच करानी चाहिए।

डॉ. सिंह के अनुसार, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और लंबे समय से धूम्रपान करने वाले लोगों को भी अपने हृदय स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहना चाहिए। किस व्यक्ति को ईसीजी या अन्य जांच की जरूरत है और कितने अंतराल पर जांच होनी चाहिए, इसका निर्णय उसके लक्षणों और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर चिकित्सक करते हैं।

प्रखंड अस्पतालों में उपलब्ध है ईसीजी सुविधा

सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया ने बताया कि जिले के सभी प्रखंड अस्पतालों में ईसीजी मशीनें कार्यरत हैं। हृदय संबंधी परेशानी लेकर आने वाले व्यक्ति की जांच के बाद चिकित्सक रिपोर्ट और अन्य लक्षणों के आधार पर आगे के उपचार की सलाह देते हैं। विभाग का प्रयास है कि लोगों को स्थानीय स्तर पर प्रारंभिक जांच की सुविधा मिल सके।

ईसीजी से हृदय की विद्युत गतिविधि दर्ज की जाती है। इसकी रिपोर्ट का आकलन मरीज के लक्षणों और अन्य चिकित्सकीय जांच के साथ किया जाता है। जरूरत पड़ने पर चिकित्सक मरीज को आगे की जांच या उपचार के लिए भेज सकते हैं।

अगस्त 2025 से सितंबर 2026 तक का मासिक आंकड़ा

डीपीएम सोरेंद्र कुमार दास ने बताया कि अगस्त 2025 से 26 सितंबर 2026 तक जिले के प्रखंड अस्पतालों में कुल 35,213 ईसीजी जांच हुई हैं। विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए मासिक आंकड़े इस प्रकार हैं:

माहईसीजी जांच
अगस्त 20253
सितंबर 202534
अक्टूबर 2025219
नवंबर 2025449
दिसंबर 20251,262
जनवरी 20261,904
फरवरी 20262,362
मार्च 20262,707
अप्रैल 20263,705
मई 20263,462
जून 20264,981
जुलाई 20265,720
अगस्त 20264,939
सितंबर 2026 (26 तारीख तक)3,466
कुल35,213

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 के जून, जुलाई और अगस्त में हर महीने चार हजार से अधिक जांच हुईं। जुलाई में पूरे उपलब्ध अवधि की सर्वाधिक जांच दर्ज की गई। स्वास्थ्य विभाग ने हृदय संबंधी लक्षण महसूस होने पर लोगों से निकटतम अस्पताल में चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा है।

उत्तराखंड : चम्पावत के तारकुली में 15 दिवसीय ऐपण प्रशिक्षण संपन्न, 28 प्रतिभागियों को मिले प्रमाणपत्र


 चम्पावत। पंचम वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की ओर से नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत वाइब्रेंट ग्राम तारकुली में आयोजित 15 दिवसीय ऐपण प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। कमांडेंट सुरेन्द्र विक्रम के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के 28 ग्रामीणों और महिलाओं ने भाग लिया।

प्रशिक्षण का संचालन पंचम वाहिनी के द्वितीय कमान अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय ने किया। महिला जनजाति सेवा समिति, खटीमा के सहयोग से यह कार्यक्रम 11 से 25 सितंबर 2026 तक चला। इस दौरान प्रतिभागियों को उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपण कला के विभिन्न डिजाइन, उन्हें बनाने की विधि और रंगों के प्रयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।


प्रशिक्षुओं को ऐपण कला के जरिए स्वरोजगार शुरू करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। प्रशिक्षण पूरा होने पर द्वितीय कमान अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए।

उत्तराखंड : चम्पावत के सैलागाड़ में एसएसबी का निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर, 81 पशुओं की जाँच


 


सैलागाड़ में एसएसबी ने लगाया निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर, 81 पशुओं की हुई जाँच

चम्पावत। पंचम वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने कमांडेंट सुरेन्द्र विक्रम के नेतृत्व में वाइब्रेंट गाँव सैलागाड़ में नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किया। शिविर में 15 ग्रामीणों के 81 पशुओं की स्वास्थ्य जाँच की गई और निःशुल्क दवाइयाँ वितरित की गईं।


शिविर का संचालन एसएसबी के क्षेत्रक मुख्यालय, अल्मोड़ा की द्वितीय कमान अधिकारी एवं पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. पूजा फर्स्वान ने किया। उन्होंने पशुओं की जाँच कर ग्रामीणों को आवश्यक चिकित्सीय परामर्श दिया। साथ ही पशुओं के संतुलित आहार, स्वच्छता, मौसमी बीमारियों से बचाव और पशुधन प्रबंधन के बारे में जानकारी दी।

बिहार : विश्व पर्यटन दिवस पर सुपौल एवं बीरपुर में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

 NALSA एवं BSLSA के तत्वावधान में आमजन को निःशुल्क विधिक सहायता, पीड़ित प्रतिकर, मध्यस्थता और स्थानीय पर्यटन-धरोहर संरक्षण के प्रति किया गया जागरूक

विधिक जागरूकता कार्यक्रम में शामिल आमजन।

सुपौल, 27 सितम्बर 2026।

विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (BSLSA) के तत्वावधान में, माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल, श्री राजेश कुमार बच्चन के निर्देशन तथा श्री अमित गौरव, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल के पर्यवेक्षण में सुपौल एवं अनुमंडल बीरपुर में विभिन्न विधिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता, पीड़ित प्रतिकर तथा वैकल्पिक विवाद समाधान के माध्यमों के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान विशेष रूप से बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना के अंतर्गत पात्र पीड़ितों एवं उनके आश्रितों को उपलब्ध प्रतिकर तथा पुनर्वास संबंधी सहायता की जानकारी दी गई।

साथ ही, मध्यस्थता (Mediation) के महत्व एवं लाभों पर प्रकाश डालते हुए लोगों को विवादों के शांतिपूर्ण, शीघ्र एवं सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए मध्यस्थता अपनाने हेतु प्रेरित किया गया। वर्तमान में संचालित “Mediation for Nation 3.0” कार्यक्रम की भी विस्तार से जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों एवं कमजोर वर्गों के अधिकारों के साथ-साथ लोक अदालत और अन्य विधिक सेवाओं के संबंध में भी लोगों को जागरूक किया गया।

स्थानीय पर्यटन एवं धरोहर संरक्षण पर विशेष जोर

विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर सुपौल जिले की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत तथा पर्यटन की संभावनाओं पर भी विशेष चर्चा की गई। राघोपुर स्थित विष्णु मंदिर, भीमाशंकर मंदिर एवं टिलेश्वर मंदिर सहित अन्य स्थानीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास की आवश्यकता पर बल दिया गया।

आमजन से पर्यटन स्थलों की स्वच्छता, सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण एवं सांस्कृतिक विरासत की रक्षा में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई। यह संदेश दिया गया कि कानूनी रूप से जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक ही सुरक्षित, स्वच्छ, शांतिपूर्ण और पर्यटक-अनुकूल समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

कार्यक्रम के अंत में आमजन से अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, विवादों के शांतिपूर्ण समाधान को अपनाने तथा पात्र व्यक्तियों को उपलब्ध निःशुल्क विधिक सेवाओं एवं पीड़ित प्रतिकर योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करने की अपील की गई।

बिहार : गोपालगंज से लापता दो स्कूली छात्राओं का वीडियो वायरल, समलैंगिक विवाह का दावा

गोपालगंज से लापता दो स्कूली छात्राओं का वीडियो वायरल, AI जेनरेटेड

गोपालगंज ।  जिले के फुलवरिया थाना क्षेत्र से पांच दिन पहले लापता हुई दो स्कूली छात्राओं से जुड़ा मामला सामने आया है। इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हो रहा है, जिसमें दोनों छात्राएं शादीशुदा स्थिति में नजर आ रही हैं और स्वजन से खोजबीन नहीं करने की बात कह रही हैं। हालांकि, इस प्रसारित वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों छात्राएं 23 सितंबर को कोचिंग जाने की बात कहकर घर से निकली थीं और वापस नहीं लौटी थीं। इनमें से एक छात्रा की उम्र 17 वर्ष और दूसरी की उम्र 21 वर्ष बताई गई है। काफी तलाश के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तब दोनों की माताओं ने फुलवरिया थाने में अलग-अलग लिखित शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत में अनहोनी की आशंका जताए जाने के बाद पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने दोनों छात्राओं का पता हरियाणा में लगाया है और उनकी जल्द बरामदगी की बात कही जा रही है।


पूर्णिया: निक्षय मित्र योजना के तहत 27 टीबी मरीजों को फूड बास्केट वितरित



पूर्णिया, 26 सितंबर। जनभागीदारी अभियान के अंतर्गत निक्षय मित्र योजना के तहत शनिवार को पूर्णिया जिले के डगरुआ प्रखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 27 टीबी मरीजों के बीच फूड बास्केट का वितरण किया गया। कार्यक्रम सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया के निर्देश पर जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. मोहम्मद तनवीर हैदर के नेतृत्व में आयोजित हुआ। इस दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजी चंचल समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

दवा के साथ पौष्टिक आहार जरूरी

जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. मोहम्मद तनवीर हैदर ने कहा कि टीबी से स्वस्थ होने के लिए नियमित दवा के साथ पौष्टिक और संतुलित आहार लेना भी आवश्यक है। उन्होंने मरीजों से उपचार के दौरान दवा नियमित रूप से लेने तथा स्वास्थ्यकर्मियों के संपर्क में बने रहने की अपील की।

सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजी चंचल ने मरीजों को टीबी रोग, उसके उपचार और सरकार की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने पात्र मरीजों से उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और योजनाओं का लाभ लेने का आग्रह किया।

स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रिय सहभागिता

कार्यक्रम को सफल बनाने में डीपीएस राजेश शर्मा, बीएचएम अविनाश कुमार, बीसीएम बंदना कुमारी, सहयोगी कर्मी राजनाथ झा, लिपिक दिलीप चौधरी, लेखापाल विनोद कुमार, मो. साकिब, एसटीएस पूजा कुमारी और जयप्रकाश कुमार सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम का उद्देश्य टीबी मरीजों को उपचार के साथ आवश्यक पोषण सहयोग उपलब्ध कराना और जनभागीदारी के माध्यम से टीबी उन्मूलन अभियान को मजबूत करना है।

किशनपुर दक्षिण में सहयोग शिविर का डीएम सावन कुमार ने किया निरीक्षण, मौके पर बांटे प्रमाण पत्र

किशनपुर दक्षिण पंचायत में सहयोग शिविर के दौरान जॉब कार्ड व प्रमाण पत्र वितरित करते डीएम सावन कुमार

सुपौल। किशनपुर प्रखंड की किशनपुर दक्षिण पंचायत में मंगलवार को आयोजित सहयोग शिविर का जिलाधिकारी सावन कुमार ने निरीक्षण किया। शिविर में उन्होंने ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर राशन, पेंशन, आवास, भू-राजस्व और मनरेगा से जुड़ी समस्याएं सुनीं तथा लंबित आवेदनों की समीक्षा की।

डीएम ने बीडीओ समेत संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों को पोर्टल पर दर्ज कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से निस्तारित करने का निर्देश दिया।

शिविर के दौरान मनरेगा जॉब कार्ड तथा जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र सहित विभिन्न नागरिक सेवाओं से जुड़े दस्तावेज लाभुकों को मौके पर उपलब्ध कराए गए।

शिविर में प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, राजस्व कर्मचारी, आवास सहायक, मनरेगा पीआरएस और अन्य संबंधित विभागों के कर्मी मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि पात्र लाभुकों को सरकारी सेवाओं के लिए अनावश्यक रूप से प्रखंड कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें और उनके आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

नेपाल : तीन वर्षीय मासूम की मौत पर उबाल, न्याय की मांग में सड़कों पर उतरे लोग

प्रदर्शनकारियों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग, ‘आरोपी को फांसी दो’ के लगे नारे; चार दिन से सिमरा–बीरगंज राजमार्ग पर विरोध जारी



काठमांडू/बारा। नेपाल के मधेस प्रदेश के बारा जिले में तीन वर्षीय मासूम बच्ची की मौत के मामले ने लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। बच्ची के साथ कथित यौन हिंसा और हत्या के विरोध में शनिवार को नागरिकों, युवाओं, विद्यार्थियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने न्याय की मांग करते हुए हाथों में प्लेकार्ड लेकर विरोध जताया और मामले में शामिल आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान “आरोपी को फांसी दो” जैसे नारे भी लगाए गए।

प्लेकार्ड पर लिखे संदेशों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। प्रदर्शनकारियों ने पूछा—“बेटी पैदा होना अपराध है?” वहीं एक अन्य संदेश में कहा गया कि जो देश अपने बच्चों को सुरक्षा नहीं दे सकता, उसे विकास के साथ-साथ अपनी सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए।

घर से लापता हुई थी मासूम

पुलिस के अनुसार, जितपुरसिमरा क्षेत्र की एक तीन वर्षीय बच्ची रविवार सुबह अपने घर से लापता हो गई थी। परिवार और स्थानीय लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। मंगलवार को बच्ची का शव एक घर के खाली कमरे से बरामद किया गया।

घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, मामले में कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अभिभावकों की शिकायत के आधार पर चार अन्य लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है।

जांच एजेंसियां मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। फिलहाल आरोपों की न्यायिक पुष्टि होना बाकी है।

चार दिन से सिमरा–बीरगंज राजमार्ग पर विरोध

मासूम को न्याय दिलाने और मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध लगातार जारी है। बताया जा रहा है कि सिमरा–बीरगंज राजमार्ग पिछले चार दिनों से प्रभावित है।

परिजन और स्थानीय लोग टेंट लगाकर सड़क पर बैठे हुए हैं और मामले में त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

युवाओं ने भी बुलंद की आवाज

घटना के विरोध में लक्ष्मीनिया युवा क्लब से जुड़े युवाओं ने भी धनपालथान क्षेत्र में प्रदर्शन किया। युवाओं ने बच्चियों और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बच्चों के खिलाफ होने वाली हिंसा के मामलों में केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है। जांच पूरी कर दोष सिद्ध होने पर कानून के अनुसार कठोर सजा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

मामले ने उठाए बाल सुरक्षा पर गंभीर सवाल

तीन वर्षीय बच्ची की मौत ने नेपाल में बच्चों की सुरक्षा और यौन हिंसा के खिलाफ व्यवस्था की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क से लेकर सामाजिक संगठनों तक उठ रही आवाज अब सरकार और जांच एजेंसियों से त्वरित जांच, निष्पक्ष कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय की मांग कर रही है।

सीमा के पार मां से मिला बिछड़ा लाल, भावुक हुआ माहौल

 



सुपौल/जोगबनी। कई दिनों से अपने घर-परिवार से दूर एक नेपाली नाबालिग बालक के लिए 18 अगस्त 2026 का दिन भावुक कर देने वाला रहा। कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया की लंबी कड़ी पूरी होने के बाद आखिरकार कृष्ण कुमार चौधरी अपनी मां तक पहुंच गया। भारत-नेपाल सीमा के जोगबनी बॉर्डर पर जब बालक को माईती नेपाल के सुपुर्द किया गया और बाद में नेपाल प्रहरी, रानी विराटनगर के माध्यम से उसकी मां श्रीमती लक्ष्मी चौधरी को सौंपा गया, तो मानो एक मां की लंबी प्रतीक्षा का अंत हो गया।

कृष्ण कुमार चौधरी नेपाल के विराटनगर, वार्ड संख्या 15, जिला मोरंग का रहने वाला है। बालक के संरक्षण, सामाजिक अन्वेषण और सुरक्षित घर वापसी की प्रक्रिया जिला बाल संरक्षण इकाई, सुपौल की पहल पर शुरू हुई थी।

जिला बाल संरक्षण इकाई, सुपौल के पत्रांक 1009, दिनांक 07.07.2026 के तहत जागरण कल्याण भारती, फारबिसगंज और माईती नेपाल, काठमांडू को संयुक्त रूप से बालक का सामाजिक अन्वेषण करने की जिम्मेदारी दी गई। बाल कल्याण समिति, सुपौल के निर्देशानुसार सामाजिक अन्वेषण के बाद बालक को उसके माता-पिता तक सुरक्षित पहुंचाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।

जागरण कल्याण भारती के अध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि सामाजिक अन्वेषण प्रतिवेदन प्रस्तुत किए जाने के बाद बिहार सरकार के समाज कल्याण निदेशालय, पटना और भारत सरकार के प्रयास से नेपाली राजदूतावास, नई दिल्ली के आदेश संख्या 082/83/CON 17.1/15620, दिनांक 15.07.2026 के आलोक में आवश्यक विधि-सम्मत कार्रवाई की गई।

इसके बाद जिला बाल संरक्षण इकाई, सुपौल के ज्ञापांक 1210, दिनांक 12.08.2026 के आदेश के आलोक में 18 अगस्त को दोपहर करीब 3:30 बजे बालक को निर्धारित प्रक्रिया के तहत माईती नेपाल की प्रतिनिधि श्रीमती गीतांजलि शर्मा को सौंपा गया। इस दौरान जागरण कल्याण भारती, फारबिसगंज के डीसी दीपक कुमार पासवान सहित संबंधित प्रतिनिधि मौजूद रहे।

इसके बाद बालक को सुरक्षित रूप से भारत-नेपाल सीमा के जोगबनी बॉर्डर तक पहुंचाया गया। वहां जागरण कल्याण भारती, फारबिसगंज के संगम लाल पासवान की मौजूदगी में बालक को माईती नेपाल के सुपुर्द किया गया।

सीमा पार करने के बाद नेपाल प्रहरी, रानी विराटनगर के माध्यम से कृष्ण कुमार को उसकी मां श्रीमती लक्ष्मी चौधरी के हवाले कर दिया गया। लंबे इंतजार के बाद मां और बेटे का मिलन हुआ। यह पल केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया का पूरा होना नहीं था, बल्कि एक बच्चे का अपने परिवार और मां की ममता की गोद में वापस लौटना था।

बाल संरक्षण से जुड़ी संस्थाओं और दोनों देशों के संबंधित पक्षों के समन्वित प्रयास से नाबालिग की सुरक्षित घर वापसी संभव हो सकी। इस पूरी प्रक्रिया ने यह संदेश भी दिया कि सीमा भले ही दो देशों को अलग करती हो, लेकिन एक बच्चे और उसकी मां के बीच रिश्ते की डोर किसी सीमा की मोहताज नहीं होती।

सोशल मीडिया पर पुलिस के खिलाफ वीडियो वायरल करने वाली महिला सिपाही गिरफ्तार, तीन मामलों का भी पुलिस ने किया खुलासा

 

मधेपुरा। पुलिस के खिलाफ सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करना एक महिला सिपाही को भारी पड़ गया। मधेपुरा पुलिस ने किशनगंज जिला बल में पदस्थापित महिला सिपाही रिंकू कुमारी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, महिला सिपाही पर मधेपुरा पुलिस के विरुद्ध झूठे एवं भ्रामक आरोप लगाकर वीडियो वायरल करने तथा लोगों को पुलिस के खिलाफ भड़काने के लिए प्रेरित करने का आरोप है।

मधेपुरा पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, महिला सिपाही को 18 अगस्त 2026 को पटना जिला अंतर्गत एक स्थान से गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि वह पुलिस के विरुद्ध वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में वांछित थी।

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की नजर में आईं

पुलिस के मुताबिक, रिंकू कुमारी ने मधेपुरा पुलिस के विरुद्ध झूठे एवं गंभीर आरोप लगाते हुए वीडियो तैयार किया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया। पुलिस का आरोप है कि वीडियो के माध्यम से पुलिस की छवि खराब करने तथा लोगों को पुलिस के खिलाफ भड़काने का प्रयास किया गया।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने महिला सिपाही की पहचान की और उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू की।

35 वर्षीय महिला सिपाही, पटना में भी जुड़ा है ठिकाना

पुलिस की गिरफ्तारी सूची के अनुसार रिंकू कुमारी की उम्र करीब 35 वर्ष है। उनके पिता का नाम अनिल कुमार झा और पति का नाम कन्हैया कुमार बताया गया है। पुलिस रिकॉर्ड में उनका संबंध मधेपुरा जिले से बताया गया है, जबकि उनका एक पता पटना के कंकड़बाग क्षेत्र की बिहार कॉलोनी रोड का भी दर्ज है।

एक नहीं, तीन मामलों का पुलिस ने किया खुलासा

गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने रिंकू कुमारी का आपराधिक इतिहास भी जारी किया है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार उनके विरुद्ध निम्न मामले दर्ज हैं—

1. मधेपुरा थाना कांड संख्या 862/25
दिनांक 22 अगस्त 2025 को दर्ज इस मामले में BNS की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

2. मधेपुरा थाना कांड संख्या 808/26
दिनांक 4 अगस्त 2026 को दर्ज इस मामले में BNS की धारा 115(2), 126(2), 109 एवं 351(2) के तहत कार्रवाई का उल्लेख है।

3. मधेपुरा थाना कांड संख्या 37/26
दिनांक 17 अगस्त 2026 के इस मामले में BNS की धारा 132, 308(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(c) के तहत प्राथमिकी दर्ज होने की बात प्रेस विज्ञप्ति में कही गई है।

यानी सोशल मीडिया वीडियो वाले मामले में कार्रवाई से पहले भी महिला सिपाही के खिलाफ दो अन्य मामलों का पुलिस रिकॉर्ड मौजूद होने की बात पुलिस ने अपने प्रेस नोट में कही है।

महिला सिपाही को पकड़ने के लिए बनाई गई विशेष टीम

पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी टीम का गठन किया था। प्रेस विज्ञप्ति में सदर थाना मधेपुरा तथा तकनीकी शाखा की टीम के पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।

पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए महिला सिपाही को गिरफ्तार कर लिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की।

पुलिस का दावा—आरोपों की जांच के बाद हुई कार्रवाई

मधेपुरा पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल किए गए वीडियो में पुलिस एवं पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच की गई। पुलिस ने आरोपों को झूठा एवं भ्रामक बताया है और इसी आधार पर महिला सिपाही के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की गई।

मामला अब न्यायिक प्रक्रिया में है। इसलिए महिला सिपाही पर लगाए गए आरोपों का अंतिम सत्य न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही निर्धारित होगा। मधेपुरा पुलिस ने अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अभियान जारी रखने की बात कही है।




नोट: गिरफ्तारी और आरोपों से संबंधित उपरोक्त विवरण मधेपुरा पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र न्यायिक पुष्टि अभी बाकी है।

जोगबनी में स्वतंत्रता दिवस को लेकर चित्रकला प्रतियोगिता, 275 छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा




जोगबनी, 13 अगस्त 2026। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों में देशभक्ति, राष्ट्रीय भावना और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को एकीकृत जाँच चौकी, जोगबनी में चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में जोगबनी एवं आसपास के विभिन्न विद्यालयों के करीब 275 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रतियोगिता में मिथिला पब्लिक स्कूल, फारबिसगंज, IHHS Academy, बथनाहा, Zenith Public School, जोगबनी, रानी सरस्वती विद्या मंदिर, जोगबनी, हाई स्कूल जोगबनी, मिडिल स्कूल जोगबनी तथा DNP Little Angel, जोगबनी के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।


दो आयु वर्गों में आयोजित हुई प्रतियोगिता

विद्यार्थियों की कक्षा के अनुसार प्रतियोगिता को दो समूहों में विभाजित किया गया। प्रथम समूह में कक्षा 1 से 5 तथा द्वितीय समूह में कक्षा 6 से 10 तक के छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया।

प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी कला के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस, राष्ट्रप्रेम और देश की विविधता को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया। बच्चों की रचनात्मकता और उत्साह कार्यक्रम के दौरान विशेष रूप से देखने को मिला।

विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र

प्रतियोगिता के बाद दोनों समूहों में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इसके अलावा प्रत्येक समूह में पांच-पांच सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए।

विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रबंधक श्री रत्नाकर यादव एवं डॉ. प्रवीण कुमार, APPO, PQS द्वारा प्रदान किए गए।

शिक्षकों को भी किया गया सम्मानित

कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ आए विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों को भी उनके सहयोग एवं बच्चों को प्रतियोगिता के लिए प्रोत्साहित करने के लिए सम्मानित किया गया। प्रबंधक महोदय द्वारा सभी संबंधित शिक्षकों को स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।

आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में देशभक्ति, राष्ट्रीय भावना, रचनात्मक सोच और कला के प्रति रुचि विकसित करना था। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी चित्रकारी के जरिए स्वतंत्रता दिवस और राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रभावशाली तरीके से अभिव्यक्त किया।



बैजनाथपुर में सशस्त्र सीमा बल ने लगाया निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर

 

49 सीमावर्ती पशुपालकों के 297 पशुओं की हुई निःशुल्क जांच, दवाइयों का भी किया गया वितरण

बथनाहा । 56वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), बथनाहा द्वारा सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों के कल्याण के लिए निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर सीमा चौकी ‘ई’ समवाय कुशमाहा के कार्यक्षेत्र अंतर्गत जीवंत गांव बैजनाथपुर में आयोजित किया गया।

56वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, बथनाहा के श्री नितिन कुमार गुप्ता, द्वितीय कमान अधिकारी/कमान अधिकारी के दिशा-निर्देशन में आयोजित शिविर में क्षेत्रक मुख्यालय, पूर्णिया के डॉ. घनश्याम पटेल, द्वितीय कमान अधिकारी (पशु चिकित्सा) द्वारा सीमावर्ती पशुपालकों के पशुओं की निःशुल्क जांच की गई। जांच के बाद पशुओं के स्वास्थ्य को लेकर आवश्यक परामर्श भी दिया गया।

चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार 56वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, बथनाहा की पशु चिकित्सा शाखा के स्टाफ द्वारा स्थानीय पशुपालकों के बीच आवश्यक दवाइयों का निःशुल्क वितरण किया गया।

शिविर से कुल 49 सीमावर्ती पशुपालक लाभान्वित हुए, जबकि उनके 297 पशुओं की जांच एवं चिकित्सा संबंधी सहायता प्रदान की गई। एसएसबी द्वारा आयोजित इस कल्याणकारी कार्यक्रम की स्थानीय ग्रामीणों ने सराहना करते हुए इसे सीमावर्ती पशुपालकों के लिए उपयोगी पहल बताया।

इस अवसर पर 56वीं वाहिनी के श्री अभिषेक कुमार गुप्ता, सहायक कमांडेंट एवं ‘ई’ समवाय कुशमाहा प्रभारी, सहित 14 अन्य एसएसबी कार्मिक तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

सशस्त्र सीमा बल द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में इस प्रकार के जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक सेवाओं के प्रति जागरूक और सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

विराटनगर के छह आंख अस्पतालों पर सील, मानकों का पालन नहीं करने पर प्रशासन की कार्रवाई

 


विराटनगर के छह आंख अस्पतालों पर सील, मानकों का पालन नहीं करने पर प्रशासन की कार्रवाई

विराटनगर, नेपाल। नेपाल के विराटनगर में स्वास्थ्य मानकों और कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं करने के आरोप में छह आंख अस्पतालों को सील कर दिया गया है। इसके अलावा एक अन्य आंख अस्पताल की लैब पर भी सील की कार्रवाई की गई है।

जिला प्रशासन कार्यालय मोरंग और कोशी प्रदेश स्वास्थ्य मंत्रालय की संयुक्त टीम ने लगातार दो दिनों तक विराटनगर में संचालित आंख अस्पतालों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान न्यूनतम कानूनी एवं तकनीकी मानक पूरे नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई।




प्रशासन के अनुसार विराटनगर-15 रानी स्थित अखण्ड ज्योति आंख अस्पताल तथा मलाया रोड स्थित हिमाल आंख अस्पताल, नेपाल आंख अस्पताल, सञ्जीवनी आंख अस्पताल, इफ्रास आंख अस्पताल और विराट रानी आंख अस्पताल को सील किया गया है।

इसके साथ ही विराट आंख अस्पताल की लैब को भी मानक पूरा नहीं करने के कारण सील किया गया है। इस प्रकार कुल छह अस्पतालों और एक लैब पर कार्रवाई हुई है।

मोरंग के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी पवनराज कोइराला के नेतृत्व में हुई जांच में पाया गया कि संबंधित संस्थानों ने कोशी प्रदेश स्वास्थ्य निर्देशनालय से आंख उपचार केन्द्र के रूप में स्वीकृति ली थी, लेकिन वहां जटिल प्रकार की आंखों की सर्जरी और उपचार किए जा रहे थे।

रिपोर्ट के अनुसार नेपाल में आंख अस्पताल के रूप में संचालन के लिए निर्धारित न्यूनतम मानकों को पूरा करना आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान संबंधित संस्थानों में कानूनी प्रक्रिया और तकनीकी मापदंडों के उल्लंघन की बात सामने आने के बाद प्रशासन ने सील की कार्रवाई की।

इस कार्रवाई के बाद विराटनगर में निजी आंख चिकित्सा सेवाओं को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। प्रशासन की ओर से आगे की प्रक्रिया और संबंधित संस्थानों को मानक पूरा करने के संबंध में क्या निर्देश दिए जाते हैं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

स्रोत: नेपाली मीडिया रिपोर्ट, संगालोखबर — 13 अगस्त 2026।

भोपाल किसान आंदोलन : किसानों का आंदोलन तेज, मूंग की 100% MSP खरीद की मांग पर डटे किसान


भोपाल, 29 जुलाई 2026 | राज टाइम्स

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। मूंग की 100 प्रतिशत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद, समय पर भुगतान और कृषि से जुड़ी अन्य मांगों को लेकर हजारों किसान राजधानी में प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है, जबकि कुछ स्कूलों में एहतियातन अवकाश घोषित किया गया है।

संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के नेतृत्व में नर्मदापुरम से भोपाल पहुंचे किसान वीर सावरकर सेतु के पास डेरा डाले हुए हैं। किसानों का कहना है कि प्रदेश में मूंग की पूरी उपज MSP पर खरीदी जाए और खरीद प्रक्रिया में आ रही समस्याओं का समाधान किया जाए।

किसानों की प्रमुख मांगों में मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीद, भुगतान में देरी समाप्त करना, ई-टोकन व्यवस्था की समस्याओं का समाधान, खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा कृषि संबंधी अन्य सुविधाओं में सुधार शामिल हैं। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

आंदोलन के चलते भोपाल के कई क्षेत्रों में ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। पुलिस और प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है तथा कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है।

इस बीच मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मूंग खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने की मांग की है। राज्य सरकार का कहना है कि इस वर्ष मूंग उत्पादन अधिक होने के कारण बड़ी संख्या में किसानों को MSP का लाभ दिलाने के लिए खरीद सीमा बढ़ाना आवश्यक है।

किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।


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बिहार में मानसून का असर तेज, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; निचले इलाकों में जलभराव की आशंका

पटना, बिहार: बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिसके चलते राज्य के कई जिलों में आगामी दिनों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए चेतावनी जारी की है कि लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़क अवरोध और यातायात प्रभावित होने की आशंका बढ़ सकती है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने मौसमीय तंत्र और सक्रिय मानसूनी परिस्थितियों के कारण बिहार सहित पूर्वी भारत के कई हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। राज्य के उत्तर और मध्य भागों में कहीं-कहीं भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

प्रशासन अलर्ट मोड पर

संभावित भारी वर्षा को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निकायों को जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने तथा संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने को कहा गया है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखने की अपील की है।

नदियों के जलस्तर पर भी नजर

बिहार देश के सबसे अधिक बाढ़ प्रभावित राज्यों में से एक माना जाता है। मानसून के दौरान कोसी, गंडक, बागमती, बूढ़ी गंडक और महानंदा जैसी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। लगातार बारिश की स्थिति में नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ सकती हैं।

किसानों के लिए राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी

बारिश से धान और अन्य खरीफ फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे कृषि कार्यों को गति मिलेगी। हालांकि अत्यधिक वर्षा की स्थिति में खेतों में पानी भरने और फसलों को नुकसान पहुंचने की संभावना भी बनी रहती है। ऐसे में कृषि विशेषज्ञ किसानों को जलनिकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं।

लोगों के लिए सलाह

  • जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
  • बिजली के खंभों और खुले तारों से दूरी बनाए रखें।
  • बच्चों को नालों और जलभराव वाले स्थानों के पास न जाने दें।
  • मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
  • आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।


बिहार में सक्रिय मानसून के चलते अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। जहां एक ओर यह वर्षा किसानों के लिए राहत लेकर आएगी, वहीं दूसरी ओर निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों का खतरा भी बढ़ा सकती है। प्रशासन ने एहतियात बरतने और सतर्क रहने की अपील की है।


सुपौल : राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए DLSA की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित


सुपौल, 04 दिसंबर 2025  

माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), सुपौल श्री अनंत सिंह की अध्यक्षता में आज जिला न्यायालय परिसर में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई।


बैठक का मुख्य उद्देश्य 13 दिसंबर 2025 को व्यवहार न्यायालय सुपौल तथा अनुमंडल न्यायालय बीरपुर में आयोजित होने वाली वर्ष 2025 की अंतिम राष्ट्रीय लोक अदालत को अभूतपूर्व सफल बनाना था। इस मौके पर बैंकों के लंबित ऋण वसूली मामलों और मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) के मामलों को अधिकतम संख्या में निपटारे के लिए विस्तृत रणनीति पर चर्चा की गई।


अध्यक्ष श्री अनंत सिंह ने सभी बैंक प्रबंधकों व अधिवक्ताओं से आह्वान किया कि अधिक से अधिक मामलों को आपसी समझौते से सुलझाकर लोक अदालत में निस्तारित किया जाए, ताकि आम जनता को शीघ्र न्याय मिल सके तथा विशेष रूप से वाहन दुर्घटना पीड़ित परिवारों को त्वरित राहत प्रदान की जा सके।


बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री अफजल आलम, सुपौल अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री नागेंद्र ठाकुर, MACT के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री शीलभद्र सिंह, श्री राजेश कुमार सिंह सहित जिले के सभी प्रमुख बैंकों; भारतीय स्टेट बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया एवं अन्य बैंकों के प्रबंधकगण उपस्थित रहे।


अधिवक्ताओं व बैंक प्रतिनिधियों ने लोक अदालत में अधिकाधिक मामलों के निपटारे हेतु पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। इस बैठक से यह उम्मीद जगी है कि 13 दिसंबर की राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकॉर्ड संख्या में मामले निस्तारित होंगे और न्याय के इंतजार में बैठे सैकड़ों लोगों को एक ही दिन में राहत मिलेगी।


जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सभी पक्षकारों से अपील की है कि वे अपने लंबित मामलों को लोक अदालत में सुलझाने के लिए आगे आएं तथा शीघ्र व सस्ता न्याय का लाभ उठाएं।