भारतीय नम्बर के वाहनों को नेपाल में रखकर सीमा पर तस्करी का खेल,नेपाल पुलिस की कार्रवाई के बाद खुला चौंकाने वाला राज
भारतीय नंबर की हुंडई वेन्यू कार जब्त, 17 अक्टूबर को जोगबनी बीसीपी से नेपाल प्रवेश का रिकॉर्ड नहीं; नेपाल सशस्त्र पुलिस ने कस्टम अनुमति के दुरुपयोग की जांच शुरू की।
राज टाइम्स | विशेष रिपोर्ट
संवाददाता: राजेश कुमार शर्मा, अररिया
अररिया/जोगबनी। भारत–नेपाल की खुली सीमा पर भारतीय नंबर प्लेट वाले वाहनों को नेपाल में रखकर अवैध कारोबार में इस्तेमाल किए जाने के संदेह ने सीमा सुरक्षा और सीमा शुल्क विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नेपाल सशस्त्र पुलिस बल की कार्रवाई में पकड़ी गई भारतीय नंबर की एक हुंडई वेन्यू कार के मामले में एसएसबी की 56वीं बटालियन का पुष्टि पत्र सामने आने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है।
मामला 17 अक्टूबर 2026 का है। नेपाल के मोरंग जिले में विराटनगर-18 स्थित मटेरुवा सीमा पर गश्त कर रहे सशस्त्र पुलिसकर्मियों ने भारतीय नंबर BR 38 AP 8286 की हुंडई वेन्यू कार को संदिग्ध परिस्थितियों में देखा। पुलिस के अनुसार, रोकने का प्रयास किए जाने पर चालक गाड़ी लेकर निकल गया।
उसी दिन शाम करीब 4:50 बजे कार विराटनगर सीमा शुल्क कार्यालय के गेट नंबर एक के पास मिली। नेपाली सुरक्षा अधिकारियों का दावा है कि गाड़ी नेपाल की ओर से सीमा शुल्क कार्यालय पहुंची थी और उसे भारत से हाल में प्रवेश किया वाहन बताकर अस्थायी आयात अनुमति प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा था। पुलिस के कब्जे में लेने के दौरान चालक चाबी लेकर फरार हो गया।
एसएसबी के पत्र ने उठाए सवाल
मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में सामने आए एसएसबी के जोगबनी बॉर्डर चेक पोस्ट संबंधी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि उक्त कार ने 17 अक्टूबर 2026 को जोगबनी बीसीपी गेट से नेपाल में प्रवेश नहीं किया था।
यह दस्तावेज उस दिन संबंधित जांच चौकी से वाहन की आवाजाही के बारे में है। इससे अन्य तारीखों या रास्तों से वाहन के प्रवेश का स्वतः निषेध सिद्ध नहीं होता, लेकिन उसी दिन नया प्रवेश दिखाकर सीमा शुल्क अनुमति लेने के दावे पर सवाल अवश्य उठता है।
नेपाल सशस्त्र पुलिस बल के मोरंग प्रमुख एसपी गेहेन्द्रबहादुर भंडारी के अनुसार, भारतीय सुरक्षा एजेंसी से प्राप्त पुष्टि पत्र के आधार पर वाहन संबंधी जांच आगे बढ़ाई गई। बाद में कार को आवश्यक प्रक्रिया के तहत विराटनगर सीमा शुल्क कार्यालय को सौंप दिया गया।
जांच से जुड़े सुरक्षा अधिकारियों ने संदेह व्यक्त किया है कि कुछ भारतीय नंबर के वाहन नेपाल में ही रखे जाते हैं, जबकि उनके लिए समय-समय पर सीमा शुल्क की अस्थायी प्रवेश पर्ची बनवाई जाती है।
अधिकारियों के अनुसार, वास्तविक वाहन की उपस्थिति जांचे बिना दस्तावेज अथवा फोन पर अनुमति जारी किए जाने की संभावना की भी पड़ताल हो रही है। हालांकि किसी सीमा शुल्क कर्मचारी की मिलीभगत या अवैध भुगतान की बात अभी अंतिम रूप से प्रमाणित नहीं हुई है।
वाहन को लेकर पक्षों में विवाद
विराटनगर में सुरेश कुमार यादव और सबरुन खातून ने पत्रकार वार्ता कर नेपाली सशस्त्र पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि वैध सीमा शुल्क सुविधा के तहत इस्तेमाल हो रहे वाहन को कब्जे में लेकर परेशान किया गया।
दूसरी ओर, नेपाल सशस्त्र पुलिस का कहना है कि वाहन की आवाजाही का रिकॉर्ड और सीमा शुल्क संबंधी परिस्थितियां संदेहास्पद थीं। पुलिस ने वाहन के कपड़े और खाद्यान्न के अवैध परिवहन में इस्तेमाल होने की आशंका भी जताई है। इन आरोपों का अंतिम न्यायिक निर्धारण अभी सामने नहीं आया है।
करीब 500 भारतीय नंबर वाले वाहनों पर निगरानी की बात
नेपाली समाचार माध्यमों की रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा स्रोतों ने मोरंग क्षेत्र में करीब 500 भारतीय नंबर प्लेट वाले छोटे वाहनों के सीमा शुल्क सुविधा के संभावित दुरुपयोग का अनुमान व्यक्त किया है। यह स्वतंत्र रूप से सत्यापित अंतिम संख्या नहीं है।
मोरंग के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी सरोजराज कोइराला के अनुसार, अस्थायी अनुमति की शर्तों का उल्लंघन कर नेपाल में रखे गए वाहनों के विरुद्ध जब्ती और सीमा शुल्क कार्रवाई तेज की जा रही है।
इस बीच नेपाली पुलिस ने विराटनगर के विभिन्न इलाकों से अन्य भारतीय नंबर प्लेट वाली एसयूवी और मोटरसाइकिलें भी कब्जे में लेने की जानकारी दी है। संबंधित वाहनों के कागजात और वैधता की जांच की जा रही है।
सीमा सुरक्षा और राजस्व पर असर
यह मामला केवल एक भारतीय नंबर की कार तक सीमित नहीं है। इससे दोनों देशों के बीच वाहनों की वास्तविक आवाजाही दर्ज करने, अस्थायी आयात अनुमति जारी करने और सुरक्षा एजेंसियों के बीच रिकॉर्ड मिलान की व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठे हैं।
जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि संबंधित वाहन नेपाल में कब और किस रास्ते से आया, उसके लिए जारी अनुमति की वैधता क्या थी और क्या किसी अधिकारी ने नियमों का उल्लंघन किया।
फिलहाल संबंधित वाहन पर सीमा शुल्क स्तर की कार्रवाई और आगे की जांच महत्वपूर्ण होगी।

