बिहार : विश्व पर्यटन दिवस पर सुपौल एवं बीरपुर में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
NALSA एवं BSLSA के तत्वावधान में आमजन को निःशुल्क विधिक सहायता, पीड़ित प्रतिकर, मध्यस्थता और स्थानीय पर्यटन-धरोहर संरक्षण के प्रति किया गया जागरूक
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| विधिक जागरूकता कार्यक्रम में शामिल आमजन। |
सुपौल, 27 सितम्बर 2026।
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (BSLSA) के तत्वावधान में, माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल, श्री राजेश कुमार बच्चन के निर्देशन तथा श्री अमित गौरव, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल के पर्यवेक्षण में सुपौल एवं अनुमंडल बीरपुर में विभिन्न विधिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता, पीड़ित प्रतिकर तथा वैकल्पिक विवाद समाधान के माध्यमों के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान विशेष रूप से बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना के अंतर्गत पात्र पीड़ितों एवं उनके आश्रितों को उपलब्ध प्रतिकर तथा पुनर्वास संबंधी सहायता की जानकारी दी गई।
साथ ही, मध्यस्थता (Mediation) के महत्व एवं लाभों पर प्रकाश डालते हुए लोगों को विवादों के शांतिपूर्ण, शीघ्र एवं सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए मध्यस्थता अपनाने हेतु प्रेरित किया गया। वर्तमान में संचालित “Mediation for Nation 3.0” कार्यक्रम की भी विस्तार से जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों एवं कमजोर वर्गों के अधिकारों के साथ-साथ लोक अदालत और अन्य विधिक सेवाओं के संबंध में भी लोगों को जागरूक किया गया।
स्थानीय पर्यटन एवं धरोहर संरक्षण पर विशेष जोर
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर सुपौल जिले की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत तथा पर्यटन की संभावनाओं पर भी विशेष चर्चा की गई। राघोपुर स्थित विष्णु मंदिर, भीमाशंकर मंदिर एवं टिलेश्वर मंदिर सहित अन्य स्थानीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास की आवश्यकता पर बल दिया गया।
आमजन से पर्यटन स्थलों की स्वच्छता, सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण एवं सांस्कृतिक विरासत की रक्षा में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई। यह संदेश दिया गया कि कानूनी रूप से जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक ही सुरक्षित, स्वच्छ, शांतिपूर्ण और पर्यटक-अनुकूल समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में आमजन से अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, विवादों के शांतिपूर्ण समाधान को अपनाने तथा पात्र व्यक्तियों को उपलब्ध निःशुल्क विधिक सेवाओं एवं पीड़ित प्रतिकर योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करने की अपील की गई।
