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नेपाल में तीन वर्षीय मासूम की मौत पर उबाल, न्याय की मांग में सड़कों पर उतरे लोग

प्रदर्शनकारियों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग, ‘आरोपी को फांसी दो’ के लगे नारे; चार दिन से सिमरा–बीरगंज राजमार्ग पर विरोध जारी



काठमांडू/बारा। नेपाल के मधेस प्रदेश के बारा जिले में तीन वर्षीय मासूम बच्ची की मौत के मामले ने लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। बच्ची के साथ कथित यौन हिंसा और हत्या के विरोध में शनिवार को नागरिकों, युवाओं, विद्यार्थियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने न्याय की मांग करते हुए हाथों में प्लेकार्ड लेकर विरोध जताया और मामले में शामिल आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान “आरोपी को फांसी दो” जैसे नारे भी लगाए गए।

प्लेकार्ड पर लिखे संदेशों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। प्रदर्शनकारियों ने पूछा—“बेटी पैदा होना अपराध है?” वहीं एक अन्य संदेश में कहा गया कि जो देश अपने बच्चों को सुरक्षा नहीं दे सकता, उसे विकास के साथ-साथ अपनी सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए।

घर से लापता हुई थी मासूम

पुलिस के अनुसार, जितपुरसिमरा क्षेत्र की एक तीन वर्षीय बच्ची रविवार सुबह अपने घर से लापता हो गई थी। परिवार और स्थानीय लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। मंगलवार को बच्ची का शव एक घर के खाली कमरे से बरामद किया गया।

घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, मामले में कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अभिभावकों की शिकायत के आधार पर चार अन्य लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है।

जांच एजेंसियां मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। फिलहाल आरोपों की न्यायिक पुष्टि होना बाकी है।

चार दिन से सिमरा–बीरगंज राजमार्ग पर विरोध

मासूम को न्याय दिलाने और मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध लगातार जारी है। बताया जा रहा है कि सिमरा–बीरगंज राजमार्ग पिछले चार दिनों से प्रभावित है।

परिजन और स्थानीय लोग टेंट लगाकर सड़क पर बैठे हुए हैं और मामले में त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

युवाओं ने भी बुलंद की आवाज

घटना के विरोध में लक्ष्मीनिया युवा क्लब से जुड़े युवाओं ने भी धनपालथान क्षेत्र में प्रदर्शन किया। युवाओं ने बच्चियों और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बच्चों के खिलाफ होने वाली हिंसा के मामलों में केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है। जांच पूरी कर दोष सिद्ध होने पर कानून के अनुसार कठोर सजा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

मामले ने उठाए बाल सुरक्षा पर गंभीर सवाल

तीन वर्षीय बच्ची की मौत ने नेपाल में बच्चों की सुरक्षा और यौन हिंसा के खिलाफ व्यवस्था की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क से लेकर सामाजिक संगठनों तक उठ रही आवाज अब सरकार और जांच एजेंसियों से त्वरित जांच, निष्पक्ष कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय की मांग कर रही है।

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