जयनगर (मधुबनी) (राज टाइम्स).
अन्तरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर आज शुक्रवार को जीआरपी की ओर से जयनगर रेलवे स्टेशन व आसपास के क्षेत्रों में लोगों को नशा नहीं करने के प्रति रैली निकालकर जागरूक किया गया। जीआरपी थानाध्यक्ष विनोद राम ने बताया कि अभी कोरोना महामारी के दौर में स्टेशन पर यात्री नहीं होने के कारण स्टेशन के आसपास क्षेत्रों में जाकर नशा नहीं करने और इसके दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक किया।
थानाध्यक्ष ने कहा कि पिछले कई वर्षों से इस अवसर पर स्टेशन के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को जागरूक किया जाता था. लेकिन अभी ट्रेन बन्द होने की वजह से स्टेशन परिसर में यात्री नहीं हैं, इसीलिए आमलोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए नशा के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया।
इसी कड़ी में आमलोगों को को नशामुक्ति से संबंधित पर्चा वितरित किया गया। बैनर-पोस्टर के साथ निकले रैली में जागरूकता के उद्देश्य से जीआरपी के अधिकारियों-कर्मियों ने हाथों में नशे के दुष्प्रभावों लिखे तख्ती लेकर आमलोगों से अपील किया। तख्तियों पर "व्हिस्की है जीवन के लिए रिस्की" और "छोड़ो शराब, सिगरेट और धूम्रपान, इससे बर्बाद होता है इंसान" आदि नारे लिखे हुए थे।
जीआरपी जयनगर थाना प्रबंधक विजेंद्र कुमार ने उपस्थित सिपाहियों और लोगों को जागरूकता के क्रम में कहा कि हर साल 26 जून को अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस मनाया जाता है। इसे सबसे पहली बार 1987 में मनाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को नशा और इससे होने वाले कुप्रभाव के प्रति जागरूक करना है। इस साल अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस का थीम बेहतर देखभाल के लिए बेहतर ज्ञान जरूरी है (Better Knowledge For Better Care) है।
आधुनिक समय में नशा की परिभाषा ही बदल गई है। लोग कई प्रकार के नशा करने लगे हैं, जिनमें शराब, ड्रग्स और हेरोइन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त भी कई प्रकार के नशा हैं।
बच्चे भी नशे की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। इससे आने वाली पीढ़ी पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। इसके साथ ही खपत अधिक होने से अवैध तस्करी भी जमकर हो रही है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य बच्चे-बड़े सभी को नशे से छुटकारा दिलाना है. साथ ही नशा तस्करी पर भी लगाम कसना है, ताकि बच्चों का भविष्य अंधकारमय होने की बजाय उज्ज्वल और स्वर्णिम रहे।
इस दिन दुनियाभर के सभी देशों में नशीली दवाओं और ड्रग्स के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया जाता है। भारत में भी इसके खिलाफ सख्त कानून बने हैं। सामाजिक सशक्तिकरण और समाज को नशा मुक्त करने के लिए और भी सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
इस जागरूकता रैली में जयनगर के जीआरपी थानाध्यक्ष विनोद राम, सहायक अवर निरीक्षक अभिमन्यु सिंह, सअनि सखीचन्द्र पासवान, सअनि मिथिलेश सिंह, थाना प्रबंधक विजेन्द्र कुमार, हवलदार राजकुमार पासवान, हवलदार दीपक कुमार, डीपीसी रामवचन राम, डीपीसी लालबाबू, सिपाही पूर्णचन्द्र कुमार, महिला सिपाही ज्योति कुमारी, नीतू कुमारी, अनुराधा कुमारी और मुन्नी कुमारी सम्मिलित रही।
रिपोर्ट- सुभाष सिंह यादव (मधुबनी)
अन्तरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर आज शुक्रवार को जीआरपी की ओर से जयनगर रेलवे स्टेशन व आसपास के क्षेत्रों में लोगों को नशा नहीं करने के प्रति रैली निकालकर जागरूक किया गया। जीआरपी थानाध्यक्ष विनोद राम ने बताया कि अभी कोरोना महामारी के दौर में स्टेशन पर यात्री नहीं होने के कारण स्टेशन के आसपास क्षेत्रों में जाकर नशा नहीं करने और इसके दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक किया।
थानाध्यक्ष ने कहा कि पिछले कई वर्षों से इस अवसर पर स्टेशन के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को जागरूक किया जाता था. लेकिन अभी ट्रेन बन्द होने की वजह से स्टेशन परिसर में यात्री नहीं हैं, इसीलिए आमलोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए नशा के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया।
इसी कड़ी में आमलोगों को को नशामुक्ति से संबंधित पर्चा वितरित किया गया। बैनर-पोस्टर के साथ निकले रैली में जागरूकता के उद्देश्य से जीआरपी के अधिकारियों-कर्मियों ने हाथों में नशे के दुष्प्रभावों लिखे तख्ती लेकर आमलोगों से अपील किया। तख्तियों पर "व्हिस्की है जीवन के लिए रिस्की" और "छोड़ो शराब, सिगरेट और धूम्रपान, इससे बर्बाद होता है इंसान" आदि नारे लिखे हुए थे।
जीआरपी जयनगर थाना प्रबंधक विजेंद्र कुमार ने उपस्थित सिपाहियों और लोगों को जागरूकता के क्रम में कहा कि हर साल 26 जून को अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस मनाया जाता है। इसे सबसे पहली बार 1987 में मनाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को नशा और इससे होने वाले कुप्रभाव के प्रति जागरूक करना है। इस साल अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस का थीम बेहतर देखभाल के लिए बेहतर ज्ञान जरूरी है (Better Knowledge For Better Care) है।
आधुनिक समय में नशा की परिभाषा ही बदल गई है। लोग कई प्रकार के नशा करने लगे हैं, जिनमें शराब, ड्रग्स और हेरोइन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त भी कई प्रकार के नशा हैं।
बच्चे भी नशे की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। इससे आने वाली पीढ़ी पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। इसके साथ ही खपत अधिक होने से अवैध तस्करी भी जमकर हो रही है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य बच्चे-बड़े सभी को नशे से छुटकारा दिलाना है. साथ ही नशा तस्करी पर भी लगाम कसना है, ताकि बच्चों का भविष्य अंधकारमय होने की बजाय उज्ज्वल और स्वर्णिम रहे।
इस दिन दुनियाभर के सभी देशों में नशीली दवाओं और ड्रग्स के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया जाता है। भारत में भी इसके खिलाफ सख्त कानून बने हैं। सामाजिक सशक्तिकरण और समाज को नशा मुक्त करने के लिए और भी सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
इस जागरूकता रैली में जयनगर के जीआरपी थानाध्यक्ष विनोद राम, सहायक अवर निरीक्षक अभिमन्यु सिंह, सअनि सखीचन्द्र पासवान, सअनि मिथिलेश सिंह, थाना प्रबंधक विजेन्द्र कुमार, हवलदार राजकुमार पासवान, हवलदार दीपक कुमार, डीपीसी रामवचन राम, डीपीसी लालबाबू, सिपाही पूर्णचन्द्र कुमार, महिला सिपाही ज्योति कुमारी, नीतू कुमारी, अनुराधा कुमारी और मुन्नी कुमारी सम्मिलित रही।
रिपोर्ट- सुभाष सिंह यादव (मधुबनी)


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