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Coronavirus: 21 दिन के लॉकडाउन को आगे बढ़ाने वाली खबरों का कोई आधार नहीं, सब अफवाह- केंद्र सरकार

कोरोनावायरस को लेकर देशभर में लगाए गए 21 दिनों के लॉकडाउन को आगे बढ़ाने वाले खबरों को केंद्र सरकार ने अफवाह करार दिया है. सरकार का कहना है कि इन खबरों को कोई आधार नहीं है.


नई दिल्ली: 
कोरोनावायरस (Coronavirus) को लेकर देशभर में लगाए गए 21 दिनों के लॉकडाउन को आगे बढ़ाने वाली खबरों का केंद्र सरकार ने खंडन करते हुए इन्हें अफवाह करार दिया है. सरकार का कहना है कि इन खबरों को कोई आधार नहीं है. पत्र सूचना कार्यालय (PIB) के ट्वीट के मुताबिक, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने इन खबरों खंडन किया है और कहा है इस तरह की खबरें आधारहीन हैं. उन्होंने कहा, "अफवाहों और मीडिया में चल रही खबरों में यह दावा किया जा रहा है कि सरकार लॉकडाउन की अवधि समाप्त होने के बाद इसे बढ़ा देगी. कैबिनेट सचिव ने इन रिपोर्टों का खंडन किया है और कहा है कि वे निराधार हैं. 

इससे पहले, समाचार एजेंसी एएनआई ने गौबा के हवाले से इस तरह की खबरों का खंडन किया था. उन्होंने कहा, "मैं इस तरह की खबरों (रिपोर्टों) को देखकर हैरान हूं. सरकार की लॉकडाउन को बढ़ाने की कोई योजना नहीं है."
कोरोना के प्रकोप को रोकने के लिए पीएम मोदी ने पिछले हफ्ते मंगलवार को देशभर में 21 दिनों के लॉकडाउन का ऐलान किया था. यह लॉ़कडाउन पिछले सप्ताह बुधवार से लागू है. हालांकि, पिछले तीन-चार दिनों से खबरें आ रही थीं कि केंद्र सरकार 21 दिन के लॉकडाउन को आगे बढ़ा सकती है. इसके बाद केंद्र सरकार ने सोमवार को इन खबरों पर सफाई देनी पड़ी और इन रिपोर्ट्स को अफवाह बताया है.
बता दें कि कोरोनावायरस लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े शहरों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों को शहर छोड़कर अपने-अपने घरों की ओर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है. बसें और ट्रेनें रद्द होने की वजह से ये मजदूर पैदल घर जाने के लिए ही मजबूर हो रहे हैं. पिछले कुछ दिनों में दिल्ली से यूपी-बिहार जाने वाले प्रवासी मजदूरी की भारी भीड़ आनंद विहार बस स्टेशन पर देखी गई थी. केंद्र सरकार ने प्रवासी मजदूरों के पलायन को देखते हुए रविवार को सख्त कदम उठाते हुए राज्यों की सीमाओं को सील करने का निर्देश दिया है. 

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